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सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भड़काऊ पोस्ट पर रोक लगाने की मांग वाली याचिका पर SC में सुनवाई टली

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भड़काऊ पोस्ट पर रोक लगाने की मांग वाली याचिका पर SC में सुनवाई टली

 सुप्रीम कोर्ट (File Photo)

सुप्रीम कोर्ट (File Photo)

सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि क्या नया IT रूल इन मामलों के लिए पर्याप्त नहीं है? अब इस मामले की सुनवाई अगले हफ्ते होगी.

नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स (Social Media) पर धार्मिक रूप से भड़काऊ पोस्ट पर रोक लगाने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई एक हफ्ते के लिए टाल दी गई है. मिली जानकारी के अनुसार सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि क्या नया IT रूल इसके लिए पर्याप्त नहीं हैं? बताया गया कि कोविड के पहले चरण में तबलीगी जमात मामले को लेकर सोशल मीडिया पर हैशटैग कैंपेन को लेकर याचिका दायर की गई है. कोर्ट ने याचिकाकर्ता से कहा कि नया आईटी रूल आया है. क्या आपने उसे  देखा है आप पहले सरकार के पास अपनी बात कहिए. अब इस मामले पर अगले हफ्ते सुनवाई होगी.

मामले की सुनवाई की शुरुआत में चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया एन वी रमण और जस्टिस ए एस बोपन्ना ने अपनी निजी हैसियत से याचिका दायर करने वाले वकील खाजा ऐजाजुद्दीन से कहा कि वे इसे लेकर केन्द्र के पास जायें. याचिकाकर्ता ने ‘विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर इस्लाम के खिलाफ पूर्वाग्रह पैदा करने वाली पोस्ट सहित किसी भी धार्मिक समुदाय के खिलाफ नफरत भरे संदेश’ फैलाने के खिलाफ सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत दिशा-निर्देश तैयार करने के लिए निर्देश दिए जाने का अनुरोध किया है.

कोर्ट ने पूछा- क्या आपने नए आईटी नियम पढ़े हैं
पीठ ने यहां वीडियो कांफ्रेंस के जरिए हुई सुनवाई के दौरान वकील से पूछा, ‘क्या आपने नए आईटी नियम पढ़े हैं.’ जैसे ही ऐजाजुद्दीन ने नए आईटी नियम पढ़ने शुरू किए, पीठ ने कहा कि वह मामले पर एक सप्ताह बाद सुनवाई करेगी और इस बीच, याचिकाकर्ता नियमों को पढ़कर तैयारी के साथ आ सकता है. ऐजाजुद्दीन ने तेलंगाना हाईकोर्ट के 22 अप्रैल के उस आदेश के खिलाफ एक अपील दायर की थी, जिसमें उससे कहा गया था कि वह भारत में सभी ऑनलाइन सोशल मीडिया नेटवर्क को ‘इस्लाम के खिलाफ पूर्वाग्रह पैदा करने वाली’ पोस्ट डालने से रोकने का केंद्र को निर्देश देने को लेकर शीर्ष अदालत का दरवाजा खटखटाए.

याचिका में यह भी कहा गया है कि कथित रूप से ‘घृणा’ फैलाने के लिए ट्विटर और उसके उपयोगकर्ताओं के खिलाफ आपराधिक शिकायत दर्ज करने के संबंध में केंद्र को निर्देश देने के अनुरोध पर हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को याचिका पर केवल विचार करने का निर्देश दिया. याचिका में कहा गया है, ‘हाईकोर्ट ने उसके (प्राथमिकी दर्ज करने के बारे) किये गये अनुरोध पर कोई स्पष्ट निर्देश नहीं दिया.’ निजामुद्दीन में पिछले साल 13 मार्च से 15 मार्च तक तबलीगी जमात का कार्यक्रम आयोजित किया गया था और इसे देश में कोविड-19 संक्रमण को फैलने के कथित रूप से प्रमुख कारणों में से एक करार दिया गया था.

क्या हैं नए सोशल मीडिया
नए नियम 25 मई से अस्तित्व में आए हैं. इनके तहत सोशल मीडिया कंपनियों के लिए प्रयोगकर्ताओं की शिकायतों के निपटान के लिए शिकायत समाधान प्रणाली स्थापित करना अनिवार्य है. ऐसी सभी सोशल मीडिया कंपनियां जिनके प्रयोगकर्ताओं की संख्या 50 लाख से अधिक है, के लिए शिकायत अधिकारी की नियुक्ति करना अनिवार्य है. इसके अलावा इन कंपनियों को मुख्य अनुपालन अधिकारी और नोडल संपर्क व्यक्ति की भी नियुक्ति करनी होगी. कुछ मीडिया कंपनियों ने नए आईटी नियमों को चुनौती दी है और यह मामला अभी अदालत में लंबित है.

सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार मंत्री अश्विनी वैष्णव ने रविवार को कहा कि नए आईटी नियम प्रयोगकर्ताओं को सशक्त कर रहे हैं और उन्हें संरक्षण प्रदान कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि नए आईटी नियम देश में एक सुरक्षित और अधिक जिम्मेदार सोशल मीडिया पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण करेंगे.

वैष्णव ने ट्विटर की भारतीय प्रतिद्वंद्वी कू मंच पर पोस्ट में कहा, ‘अपने सहयोगी राजीव चंद्रशेखर जी के साथ सूचना प्रौद्योगिकी नियम, 2021 के क्रियान्वयन और अनुपालन की समीक्षा की. ये दिशानिर्देश प्रयोगकर्ताओं को सशक्त कर रहे हैं और साथ ही उन्हें संरक्षण प्रदान कर रहे हैं. इससे देश में एक सुरक्षित और जिम्मेदारी सोशल मीडिया पारिस्थतिकी तंत्र का निर्माण हो सकेगा.’ (भाषा  इनपुट के साथ)

Tags: Facebook, Social Media Guidelines, Supreme Court, Twitter

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