दोबारा कोविड पॉजिटिव पाए जाने वाले ज्यादातर रोगियों को हृदय रोग-बढ़े ब्लडप्रेशर की शिकायत: स्टडी

एक अध्ययन में बताया गया कि दोबारा कोरोना पॉजिटिव पाए गये मरीज ह्रदय रोग और उच्च रक्तचाप से पीड़ित रहे हैं (सांकेतिक फोटो, AP)
एक अध्ययन में बताया गया कि दोबारा कोरोना पॉजिटिव पाए गये मरीज ह्रदय रोग और उच्च रक्तचाप से पीड़ित रहे हैं (सांकेतिक फोटो, AP)

चीन (China) में हुआजोंग यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी (Huazhong University of Science and Technology) के शोधकर्ताओं ने देश के वुहान यूनियन अस्पताल के 938 COVID-19 रोगियों के आंकड़ों का अध्ययन किया.

  • News18Hindi
  • Last Updated: June 24, 2020, 11:56 PM IST
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नई दिल्ली. एक बार स्वस्थ होने के बाद फिर से Covid-19 संक्रमित (Coivd-19 Infected) पाए जाने वाले रोगियों में पहले से ही हृदय रोग (Heart Diseases) और उच्च रक्तचाप (High Blood pressure) जैसी बीमारियों की शिकायत देखी गई है. यह बात एक अध्ययन (Study) में सामने आई है, जो अधिकांश ऐसे रोगियों पर किया गया था जो एक बार कोरोना वायरस निगेटिव होकर वापस आने के बाद फिर से कुछ दिन बाद पॉजिटिव पाये गये थे.

चीन में हुआजोंग यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी (Huazhong University of Science and Technology) के शोधकर्ताओं ने देश के वुहान यूनियन अस्पताल के 938 COVID-19 रोगियों के आंकड़ों का आकलन किया. उन्होंने इन रोगियों में बचे हुए लक्षणों के बारे में जानकारी ले ली थी, और उनके शरीर में आनुवंशिक वायरल मैटेरियल के परीक्षण के नतीजों का फॉलोअप करने के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई थी.

938 रोगियों के सैंपल पर किया गया अध्ययन
अध्ययन में, जिसे अभी प्रकाशित किया जाना है, वैज्ञानिकों ने इसके क्लीनिकल लक्षणों का मूल्यांकन किया और बाद के कम से कम 44 दिनों की अवधि में रोगियों में पॉजिटिव वायरल RNA परीक्षण के परिणाम सामने आए.
प्रीप्रिंट रिपॉजिटरी मेडरिक्सिव में प्रकाशित निष्कर्षों के अनुसार, 938 रोगियों में से कुल 58 (6.2%) में पॉजिटिव वायरल RNA परीक्षण परिणामों में देखे गए, जबकि 880 नकारात्मक रहे.



वैज्ञानिकों को मिली कड़ी- 50 साल से ऊपर के फिर संक्रमित रोगियों मे ह्रदय रोग-रक्तचाप
वैज्ञानिकों को 50 साल से अधिक उम्र के रोगियों में हृदय रोग और उच्च रक्तचाप जैसी पहले से रहने वाली बीमारियों के बीच एक कड़ी मिली, और बाद की अवधि के दौरान फिर से टेस्ट में पॉजिटिव पाए जाने करने की उनमें संभावना देखी गई.

उन्होंने अध्ययन में लिखा है, "50 साल से अधिक उम्र के रोगियों में, जिन कारकों को हमने फिर से टेस्टिंग में पॉजिटिव पाए जाने के साथ जोड़ा है, वे कोरोनरी धमनी की बीमारी और उच्च रक्तचाप हैं."

ज्यादातर फिर से संक्रमित पाए गये मरीज जल्द ही हो गए कोरोना निगेटिव
वैज्ञानिकों ने कहा कि फिर से पॉजिटिव (Re-Positive) मरीजों में से 54 (93.1%) फिर से निगेटिव हो गए, जबकि दो मरीज पॉजिटिव रहे, और दो दूसरे फॉलोअप के दौरान चल बसे.

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अध्ययन में कहा गया है, "इस तंत्र के बावजूद फिर से पॉजिटिव परिणाम पाए जाने के परिणाम अस्पष्ट बने हुए हैं, उनसे किसी अन्य को संक्रमण की संभावना बहुत कम है क्योंकि इन फिर से संक्रमित पाए गये रोगियों ने डिस्चार्ज होने के बाद किसी को संक्रमित नहीं किया है, और उनमें से अधिकांश लक्षणों में सुधार के बाद फिर से निगेटिव होकर लौट गये हैं."
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