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वायुसेना प्रमुख की चीन को चेतावनी- भारत से टकराना ठीक नहीं, उठाना पड़ेगा भारी नुकसान

वायुसेना प्रमुख भदौरिया ने चीन की साजिशों का खुलासा किया है. (प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर-PTI)

वायुसेना प्रमुख भदौरिया ने चीन की साजिशों का खुलासा किया है. (प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर-PTI)

वायु सेना प्रमुख ने कहा कि लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (एलएसी) पर भारी संख्या में चीन के सैनिक तैनात हैं. उनके पास रडार, सतह से हवा में मार करने वाली और सतह से सतह पर मार करने वाली मिसाइल की बड़ी मौजूदगी है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: December 30, 2020, 4:03 PM IST
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नई दिल्‍ली. भारत और चीन (India-China) के बीच करीब 8 महीने से तनाव की स्थिति बनी हुई है. चीन की साजिशों का खुलासा करते हुए भारतीय वायुसेना चीफ आरकेएस भदौरिया ने मंगलवार को कहा कि लाइन ऑफ एक्‍चुअल कंट्रोल (LoC) पर चीनी सेना ने मिसाइलें और राडार तैनात कर रखी हैं. वायुसेना चीफ ने कहा कि भारत ने स्थिति को संभालने के लिए सभी आवश्‍यक कदम उठाए हैं. सीमा पर टकराव जैसी स्थिति पैदा करना चीन के लिए अच्‍छा नहीं है. अगर ऐसा होता है तो चीन को भी इसका नुकसान उठाना पड़ेगा. वायुसेना प्रमुख भदौरिया ने विवेकानंद इंटरनेशनल फाउंडेशन द्वारा आयोजित एक वेबिनार में 'राष्ट्रीय सुरक्षा चुनौतियां और वायु शक्ति' विषय को संबोधित करते हुए यह बात कही.

वायु सेना प्रमुख ने कहा कि लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (एलएसी) पर भारी संख्या में चीन के सैनिक तैनात हैं. उनके पास रडार, सतह से हवा में मार करने वाली और सतह से सतह पर मार करने वाली मिसाइल की बड़ी मौजूदगी है. उनकी तैनाती मजबूत रही है, लेकिन हमने भी सभी आवश्यक कार्रवाई की है.

भदौरिया ने कहा कि चीन के सैनिक भारी संख्‍या में एलओसी पर तैनात हैं. उनके पास रडार, सतह से हवा में मार करने वाली और सतह से सतह पर मार करने वाली मिसाइलों की भारी संख्‍या में तैनाती की है. हालांकि हमने भी सभी आवश्‍यक कार्रवाई की है. चीनी वायुसेना ने अपने स्वदेशी फाइटर जेट्स को जे-20 और जे-10 समेत रूसी एसयू-30 को तिब्बत में भारतीय क्षेत्र के करीब तैनात किया है. उन्होंने रूस से हासिल किए गए S-400 समेत अपनी वायु रक्षा प्रणालियों को भी सक्रिय कर दिया है.



जबकि भारतीय वायु सेना ने भी राफेल और मिग-29 जैसे लड़ाकू विमानों को लद्दाख सेक्टर में कई ठिकानों पर तैनात किया है. ये चीन के किसी भी दुस्‍साहस का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए तैयार हैं. वायुसेना प्रमुख ने जोर देकर कहा, हमने सभी आवश्‍यक कदम उठाए हैं.
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भारत को भविष्य की सुरक्षा चुनौतियों से निपटने हेतु क्षमता को मजबूत करने की जरूरत
आरकेएस भदौरिया ने कहा कि भारत को पश्चिमी और उत्तरी मोर्चों सहित भविष्य की सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए समूची सैन्य शक्ति को मजबूत करने की आवश्यकता है. भदौरिया ने पूर्वी लद्दाख विवाद का जिक्र करते हुए कहा कि भारत के साथ कोई भी बड़ा संघर्ष चीन की वैश्विक आकांक्षाओं और 'बड़ी योजनाओं' के लिए ठीक नहीं है. उन्होंने कहा, 'हम सभी के लिए महत्वपूर्ण सवाल यह है कि कोई भी बड़ा भारत-चीन संघर्ष चीन के लिए अच्छा नहीं है. अगर चीन की आकांक्षाएं वैश्विक हैं तो यह उसकी बड़ी योजनाओं के लिए ठीक नहीं है. तब उत्तर में चीन की कार्रवाइयों का संभावित उद्देश्य क्या हो सकता है. यह समझना महत्वपूर्ण है.'

भदौरिया ने कहा कि पूर्वी लद्दाख में चीन की कार्रवाई पूरी तरह 'सैन्य प्रभाव वाला दुस्साहस' भी हो सकता है जो कोविड-19 के बाद उसके समक्ष पैदा हुए विश्वास के संकट का परिणाम हो सकता है. उन्होंने कहा कि भारत को पश्चिमी और उत्तरी मोर्चों सहित भविष्य की सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए समूची सैन्य शक्ति को मजबूत करने की आवश्यकता है. भदौरिया ने यह भी कहा कि वायुसेना किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है.
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