Hyderabad Rains: हैदराबाद में फिर रात भर हुई मूसलाधार बारिश से बाढ़ के हालात, अब तक 50 की मौत

हैदराबाद के कई हिस्सो में शनिवार रात हुई मूसलाधार बारिश के बाद जलभराव की स्थिति बनी हुई है. (फाइल)
हैदराबाद के कई हिस्सो में शनिवार रात हुई मूसलाधार बारिश के बाद जलभराव की स्थिति बनी हुई है. (फाइल)

Rain Havoc: तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, महाराष्‍ट्र में भारी बारिश के कारण हालात चिंताजनक हैं. हैदराबाद में बाढ़ जैसे हालात हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 18, 2020, 12:07 PM IST
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नई दिल्‍ली. देश के दक्षिणी हिस्‍से में बारिश (Heavy rain) का कहर देखने को मिल रहा है. तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, महाराष्‍ट्र में भारी बारिश के कारण हालात चिंताजनक हैं. कृषि भूमि को नुकसान हुआ है. फसलें बर्बाद हो गईं. हैदराबाद में तो सड़कों पर नदियों जैसा पानी भरा है. इसमें वाहन भी बह रहे हैं. इस जल प्रलय में लोगों की मौत भी हो रही है. हैदराबाद  (Hyderabad rain) में शनिवार रात को फिर मूसलाधार बारिश हुई है. इससे सड़कों पर जल सैलाब आ गया है. अब तक शहर में 50 लोगों की मौत हो चुकी है. वहीं पूर्वी भारत में बंगाल की खाड़ी में निम्न दबाव का क्षेत्र बनने से कोलकाता समेत पश्चिम बंगाल के अन्य हिस्सों में दुर्गा पूजा के दौरान वर्षा होने की संभावना है.

हैदराबाद में हाल बेहाल
इस सप्ताह की शुरुआत में शहर के कई हिस्सों में भारी बाढ़-बारिश से मची तबाही के बाद शनिवार को फिर से महानगर के कई इलाकों में भारी बारिश दर्ज की गई और जलजमाव के कारण यातायात बाधित हो गया. शहर के कई अन्य इलाकों में भी भारी बारिश हुई.




जीएचएमसी के निगरानी एवं आपदा प्रबंधन निदेशक विश्वजीत कामपति के एक ट्वीट के अनुसार ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम (जीएचएमसी) के आपदा प्रतिक्रिया बल (डीआरएफ) के कर्मी लगातार जलजमाव और बाढ़ मे बचाव कार्य कर रहे हैं. मौसम विभाग ने रविवार को शहर के कुछ हिस्सों में गरज के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने का पूर्वानुमान जताया है. हैदराबाद में अब तक 50 लोगों की मौत बारिश और बाढ़ के कारण हो चुकी है.आंध्र के CM ने केंद्र से मांगे 2,250 करोड़ रुपयेआंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने शनिवार को केंद्रीय मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर राज्य में पिछले हफ्ते हुई भारी बारिश और बाढ़ के बाद मरम्मत और पुनर्बहाली के काम के लिए केंद्र से तत्काल 2,250 करोड़ रुपये की मदद की मांग की. मुख्यमंत्री ने कहा कि शुरुआती अनुमान के मुताबिक राज्य में नौ से 13 अक्टूबर तक हुई भारी बारिश और उसके बाद आई बाढ़ के कारण करीब 4,450 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है. मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़कों और विद्युत केंद्रों व खंभों को काफी नुकसान हुआ है, हजारों एकड़ में खड़ी फसल बर्बाद हो गई और बारिश संबंधी घटनाओं में 14 लोगों की जान भी चली गई. मुख्यमंत्री रेड्डी ने कहा, 'अगस्त और सितंबर में बारिश/बाढ़ से हम बुरी तरह प्रभावित हुए थे, तथा हालिया दौर ने नुकसान और बढ़ा दिया। इस स्थिति में केंद्र को राज्य की मदद के लिये खड़े होना चाहिए.' उन्होंने कहा, “हमें युद्धस्तर पर राहत कार्य शुरू करने और सामान्य स्थिति बहाल करने के लिये तत्काल कम से कम 1000 करोड़ रुपये के अग्रिम भुगतान की जरूरत है.' उन्होंने केंद्र से राज्य में हुए नुकसान के सटीक आकलन के लिए केंद्र से अपना दल भेजना का भी अनुरोध किया. जगन ने कहा, 'हमें कोविड-19 के कारण काफी नुकसान हुआ और अब प्राकृतिक संकट ने राज्य की मुश्किलें और बढ़ा दीं.'कर्नाटक में विपक्ष के नेता ने बाढ़ को प्राकृतिक आपदा घोषित करने की मांग कीकर्नाटक विधानसभा में विपक्ष के नेता सिद्धरमैया ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली केंद्र सरकार से प्रदेश में बाढ़ को प्राकृतिक आपदा घोषित करने का आग्रह किया है. प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने राज्य के मुख्यमंत्री बी एस येदियुरप्पा प्रशासन को बाढ़ से निपटने के तौर तरीको पर आड़े हाथों लिया. येदिुयरप्पा प्रशासन को 'मोटी चमड़ी' वाला करार देते हुए विपक्ष के नेता ने आरोप लगाया कि बारिश प्रभावित इलाकों का दौरा करने की अपेक्षा राज्य के मंत्री तीन नवंबर को दो विधानसभा सीटों पर होने वाले उप चुनाव में व्यस्त हैं.


पिछले कुछ महीनों में कर्नाटक तीसरी बार बाढ़ का संकट झेल रहा है. येदियुरप्पा ने शुक्रवार को कहा था कि तत्काल राहत के तौर पर 85.5 करोड़ रुपये जारी किये गये हैं और प्रभावित जिलों में राहत उपकरणों की आपूर्ति की गयी है. बाढ़ से कलबुर्गी, बीदर, यादगीर, बेल्लारी, रायचूर, बगलाकोट, दावणगेरे, कोप्पल, दक्षिण कन्नड़, शिवमोगा, विजयपुरा एवं बेलगाम जिले 10 से 15 अक्टूबर के बीच सबसे अधिक प्रभावित था.

महाराष्‍ट्र में 48 लोगों की मौत

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे सोमवार को सोलापुर के बारिश प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करेंगे. उन्होंने कहा कि इसके अलावा मुख्यमंत्री मंगलवार को उस्मानाबाद के क्षेत्रों का दौरा करेंगे. पिछले कुछ दिनों में महाराष्ट्र के पुणे, औरंगाबाद और कोंकण डिवीजन में बारिश से भारी नुकसान हुआ है और कम से कम 48 लोगों की जान चली गई है. सोलापुर पुणे डिवीजन का भाग है और उस्मानाबाद औरंगाबाद डिवीजन का हिस्सा है. भारतीय जनता पार्टी के नेता देवेंद्र फडणवीस ने शनिवार को कहा कि वह महाराष्ट्र के बारिश और बाढ़ प्रभावित जिलों का दौरा 19 अक्टूबर से करेंगे.

पिछले तीन दिन में पुणे, औरंगाबाद और कोंकण संभागों में भारी बारिश और बाढ़ से 48 लोगों की जान चली गई है और लाखों हेक्टेयर भूमि पर लगी फसल बर्बाद हो गई है. पुणे के संभागीय आयुक्त कार्यालय के अनुसार पश्चिमी महाराष्ट्र में भारी वर्षा और बाढ़ से 3000 से अधिक मकान क्षतिग्रस्त हो गए जबकि 40,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया.

सोलापुर, सांगली, सतारा और पुणे जिलों में भारी बारिश और उसके बाद आई बाढ़ से 1021 मवेशी मर गए, कुल 3,156 मकान क्षतिग्रस्त हो गए तथा 100 झुग्गियां नष्ट हो गईं. सोलापुर, सांगली, सतारा और पुणे जिलों में 10,349 से 40,036 अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया.
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