Home /News /nation /

उडुपी में हिजाब विवादः कॉलेज ने दिया ऑनलाइन क्लास का विकल्प, छात्राएं अब भी अड़ीं

उडुपी में हिजाब विवादः कॉलेज ने दिया ऑनलाइन क्लास का विकल्प, छात्राएं अब भी अड़ीं

ट्विटर से ली गई तस्वीर.

ट्विटर से ली गई तस्वीर.

Hijab controversy: हिजाब पहनने के कारण क्लास में भाग नहीं लेने की हिदायत के बाद कर्नाटक (Karnataka) में उडुपी कॉलेज प्रबंधन ने अब छात्राओं से कहा है कि वे ऑनलाइन क्लास में भाग ले सकती हैं. हालांकि उडुपी कॉलेज (Udupi college) में निकाली गई छह छात्राएं अब भी हिजाब पहनने की मांग पर अड़ी हुई है. कॉलेज समिति ने छात्राओं से कहा है कि यदि वे कक्षा में हिजाब (Hijab) पहनना ही चाहती हैं तो ऑनलाइन क्लास का विकल्प अपना सकती हैं.

अधिक पढ़ें ...

नई दिल्ली. कर्नाटक (Karnataka) में हिजाब विवाद (Hijab row) का मामला ठंडा होते हुए नहीं दिख रहा है. अब उडुपी कॉलेज (Udupi college)ने हिजाब पहनने की मांग पर अड़ी छात्राओं से कहा है कि यदि वे परीक्षा (Exam) में शामिल होना चाहती हैं तो ऑनलाइन क्लास (Online classes) के विकल्प को चुन सकती हैं. हालांकि कॉलेज के इस फैसले पर भी स्थानीय नेताओं ने आपत्ति जताई है. स्थानीय नेताओं का कहना है कि कॉलेज फूट की राजनीति कर रहा है. गौरतलब है कि पिछले दिनों कर्नाटक (Karnataka) के उडुपी जिले के सरकारी महिला कॉलेज की छह छात्राओं ने कॉलेज हिजाब न पहनने के सुझाव को मानने से इन्कार कर दिया था. अब कॉलेज समिति ने छात्राओं से कहा है कि यदि वे कक्षा में हिजाब (Hijab) पहनना ही चाहती हैं तो ऑनलाइन क्लास का विकल्प अपना सकती हैं. हालांकि छात्राएं इस पर भी राजी नहीं हैं और उनका आरोप है कि यह हमारे मौलिक अधिकारों का हनन है.
अधिकार को छीना जा रहा
छात्राओं के माता-पिता ने कहा, अगर सरकार यह सोचती है कि हिजाब पहनना अपराध है और हमारी बेटी को परीक्षा देने से रोक सकती है तो हम इसे घर पर ही रहने देंगे. हम चाहते हैं कि हमारी बेटी पढ़ें, आगे बढ़ें लेकिन उनके अधिकार को छीना जा रहा है. उन्होंने कहा कि यह हताशा में लिया गया निर्णय है. 1 जनवरी को कर्नाटक में उडुप्पी के सरकारी कॉलेज ने छह मुस्लिम छात्राओं को हिजाब पहनने के कारण क्लास रूम में आने से मना कर दिया था. इसके बाद यह विवाद काफी बढ़ गया. कर्नाटक के पापुलर फ्रंट आफ इंडिया के राज्य महासचिव, नासिर पाशा ने आरोप लगाया था कि यहां हिजाब के मुद्दे पर अनावश्यक विवाद पैदा कर रहे हैं जो कि मुसलमानों की धार्मिक स्वतंत्रता का भी उल्लंघन करना है.

‘हिजाब पहनना संवैधानिक अधिकार’
एक छात्रा ने बताया कि हमारे साथ अपराधी की तरह व्यवहार किया जा रहा है. हमें अपनी धार्मिक मान्यताओं के पालन करने का मौलिक अधिकार चाहिए. उन्होंने कहा कि कॉलेज में हमें अपने साथियों से बातचीत करने की अनुमति नहीं है. अगर कोई साथी हमसे बातचीत करता है तो उसे चेतावनी दी जाती है. अभी भी हम छह छात्राओं को कॉलेज आने की अनुमति नहीं है. जब से इन छात्राओं को बाहर कर दिया गया तब से यह मामला राज्य के तटीय इलाकों में सांप्रदायिक रूप ले लिया है. यह इलाका पहले से ही संवेदनशील है. कॉलेज विकास समिति के अध्यक्ष बीजेपी एमएलए के रघुपति भाट ने इन छात्राओं से कहा है कि जब तक इस मामले का निपटारा नहीं होता तब तक ये छात्राएं ऑनलाइन क्लासेज कर सकती हैं. विरोध कर रही छात्राओं ने कहा कि हिजाब पहनना उनका संवैधानिक अधिकार है और वे ऑनलाइन कक्षा में शामिल नहीं होना चाहती हैं. यह भेदभावपूर्ण है. उन्होंने कहा कहा कि मुस्लिम समुदाय की अन्य लड़कियां जो हिजाब नहीं पहनती हैं, वे डर से इस मामले में नहीं बोल रही है.

Tags: Karnataka

विज्ञापन
विज्ञापन

राशिभविष्य

मेष

वृषभ

मिथुन

कर्क

सिंह

कन्या

तुला

वृश्चिक

धनु

मकर

कुंभ

मीन

प्रश्न पूछ सकते हैं या अपनी कुंडली बनवा सकते हैं ।
और भी पढ़ें
विज्ञापन

टॉप स्टोरीज

अधिक पढ़ें

अगली ख़बर