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OPINION: 5-6 रुपये भी बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम तो बेपटरी हो जाएगी भारतीय अर्थव्‍यवस्‍था!

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Updated: September 17, 2019, 4:17 PM IST
OPINION: 5-6 रुपये भी बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम तो बेपटरी हो जाएगी भारतीय अर्थव्‍यवस्‍था!
भारत अपनी तेल जरूरतों का 80 फीसदी आयात सऊदी अरब से ही कर रहा है.

सऊदी अरब (Saudi arab) की तेल कंपनी आरामको (Aramco) पर किए गए ड्रोन हमले के बाद भारत (India) में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में जबरदस्‍त बढ़ोतरी की आशंका जताई जा रही है. भारत अपनी ईंधन जरूरतों के लिए आयात पर निर्भर है.

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  • Last Updated: September 17, 2019, 4:17 PM IST
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सिंधु भट्टाचार्य 

नई दिल्‍ली. सऊदी अरब (Saudi arab) की तेल कंपनी अरामको (Aramco) पर किए गए ड्रोन हमले (Drone Attack) के कारण वैश्विक तेल आपूर्ति पर बुरा असर पड़ा है. इससे तेल के वैश्विक दामों में जबरदस्‍त अस्थिरता आ गई है. ऐसे में अगर भारत में पेट्रोल-डीजल (Petrol-Diesel) की कीमतों में 5 से 6 रुपये प्रति लीटर की तेजी भी आई तो पहले ही सुस्‍ती की शिकार भारतीय अर्थव्‍यवस्‍था (Indian Economy) बेपटरी हो सकती है. बता दें कि पिछले कुछ महीनों से भारत के कई सेक्‍टरों में जबरदस्‍त सुस्‍ती (Slowdown) का दौर चल रहा है. कई कंपनियों ने छंटनी की तो कुछ ने काम के दिन-घंटे घटा दिए हैं.

हमले के बाद तेल की कीमतों में दर्ज की गई तेज वृद्धि
ड्रोन हमलों में सऊदी अरब की सरकारी तेल कंपनी अरामको के अब्कैक स्थित सबसे बड़े तेल शोधन संयंत्र और खुरैस स्थित तेल क्षेत्र को निशाना बनाया गया. ईरान (Iran) ने इन हमलों में किसी भी प्रकार की संलिप्तता से इनकार कर दिया है. इसकी जिम्मेदारी यमन में सक्रिय ईरान से जुड़े हुती विद्रोहियों ने ली है. शनिवार को हुए हमले के कारण तेल की कीमत (Oil Prices) में तेजी से वृद्धि हुई. खाड़ी युद्ध (Gulf War) के बाद तेल की कीमतों में इतना उछाल पहली बार देखा गया है. दरअसल, इन हमलों के बाद वैश्विक आपूर्ति (Global Supply) का 5 फीसदी तेल उत्‍पादन (Oil Production) ठप पड़ गया है.

भारत की जरूरत का 80 फीसदी तेल किया जाता है आयात
माना जा रहा है कि भारतीय अर्थव्‍यवस्‍था पर इसका असर जल्‍द ही दिखाई देगा. बता दें कि भारत दुनिया में कच्चे तेल (Crude Oil) का तीसरा सबसे बड़ा उपभोक्ता है. भारत अपनी ज़रूरत का 80 फीसदी कच्चा तेल आयात (Import) करता है. सऊदी अरब कच्चे तेल, रसोई गैस का भारत का दूसरा सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता है. ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि का असर भारत के आयात बिल पर एक डॉलर प्रति बैरल बढ़ा तो आयात खर्च 10,600 करोड़ रुपये सालाना बढ़ जाएगा. वहीं, बाजार के जानकारों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में तेल की क़ीमतें 10 डॉलर प्रति बैरल तक बढ़ सकती हैं. ऐसा हुआ तो भारतीय अर्थव्‍यवस्‍था बेपटरी हो सकती है.

विश्‍लेषकों का कहना है कि कच्‍चे तेल की वैश्विक कीमतों में होने वाले ये बढ़ोतरी अस्‍थायी होगी, लेकिन इससे तेल कंपनियों पर बुरा असर पड़ना तय है.

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कच्‍चे तेल की वैश्विक कीमतों में होगी अस्‍थायी वृद्धि
कोटक इंस्‍टीट्यूशनल एक्विटीज (Kotak Institutional Equities) के विश्‍लेषकों का कहना है कि कच्‍चे तेल की वैश्विक कीमतों में होने वाले ये बढ़ोतरी अस्‍थायी होगी, लेकिन इससे तेल कंपनियों पर बुरा असर पड़ना तय है. कच्‍चे तेल की कीमत में 10 डॉलर प्रति बैरल की बढ़ोतरी के कारण ऑयल मार्केटिंग कंपनियों को अगले 15 दिन के भीतर डीजल-पेट्रोल के दाम में 5 से 6 रुपये प्रति लीटर वृद्धि करनी होगी. वैश्विक कीमतों में तेज उछाल का असर रिफाइनिंग कंपनियों के मुनाफे पर भी पड़ेगा. अगर पेट्रोल-डीजल की कीमतों में इतना उछाल आया तो यह आम आदमी की जेब पर काफी भारी पड़ जाएगा. केयर रेटिंग (CARE Rating) के मदन सबनवीशा और उर्विशा एच. जगशेठ के मुताबिक, कच्‍चे तेल की कीमतों में उछाल भारत के लिए हमेशा चिंता का कारण रहा है.

केंद्र सरकार ने कहा, भारत पर नहीं पड़ेगा घटना का असर
केंद्र सरकार का कहना है कि अरामको पर हुए ड्रोन हमले का भारत पर कोई बुरा असर नहीं पड़ेगा. भारत को होने वाली तेल आपूर्ति की रुकावटों को दूर कर लिया गया है. पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान (Dharmendra Pradhan) ने सोमवार को ट्वीट किया कि सरकार ने ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) के साथ सितंबर की तेल जरूरत की समीक्षा कर ली है. हमें भरोसा है कि भारत को तेल आपूर्ति में कोई दिक्‍कत नहीं आएगी. हम पूरे घटनाक्रम पर नजर रखे हैं. सऊदी अरब ने भरोसा दिलाया है कि भारत को तेल आपूर्ति में कोई रुकावट नहीं आने दी जाएगी. हालांकि, ब्रेंट कीमत में सोमवार को 19 फीसदी उछाल दर्ज किया गया, जो 1991 के बाद सबसे ज्‍यादा रहा. हालांकि, कीमतें तेजी से चढ़ने के बाद नीचे उतर आईं. माना जा रहा है कि अगले कुछ सप्‍ताह ब्रेंट की कीमतों में अस्थिरता बनी रहेगी.

आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि तेल की आपूर्ति और कीमतों पर अस्‍थायी असर पड़ेगा.


आरबीआई गवर्नर ने कहा, मुद्राओं और बाजारों पर पड़ेगा असर
आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास (RBI Governor Shaktikant Das) ने CNBC-TV18 को दिए साक्षात्‍कार में कहा कि तेल की आपूर्ति और कीमतों पर अस्‍थायी असर पड़ेगा. लंबे समय तक ऐसी स्थिति बने रहने पर पड़ने वाले असर का आकलन अभी कुछ समय बाद किया जाएगा. उन्‍होंने कहा कि अरामको पर हमले का कच्‍चे तेल की कीमतों पर असर पड़ रहा है. दुनिया भर के देशों की मुद्राओं और बाजारों पर इसका असर पड़ेगा. अब देखना यह है कि मौजूदा हालात कितने समय तक बने रहते हैं. ऑयल सेक्‍टर पर नजर रखने वाले एक विशेषज्ञ ने कहा कि ओपेक (OPEC) और अमेरिका (US) के पास सऊदी अरब में हमले के बाद बने हालात से निपटने के लिए तेल का पर्याप्‍त रणनीतिक भंडार मौजूद है.

(News18Hindi ने लेख के कुछ  प्रमुख हिस्से प्रकाशित किए हैं. पूरा लेख अंग्रेजी में  पढ़ने के लिए  यहां क्लिक करें. लेखक वरिष्ठ पत्रकार हैं और ये उनके निजी विचार हैं)

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First published: September 17, 2019, 3:53 PM IST
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