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हिमाचलः चुानवी नतीजे से पहले CM पद को लेकर कांग्रेस में वर्चस्व की लड़ाई शुरू

हिमाचल प्रदेश में चुनावी नतीजे से पहले ही कांग्रेस पार्टी में सीएम पद को लेकर लॉबिंग का दौर शुरू हो गया है.

हिमाचल प्रदेश में चुनावी नतीजे से पहले ही कांग्रेस पार्टी में सीएम पद को लेकर लॉबिंग का दौर शुरू हो गया है.

आगामी 8 दिसंबर को हिमाचल में हुए विधानसभा चुनाव के नतीजे सामने आने वाले हैं. लेकिन उससे पूर्व ही कांग्रेस पार्टी में सी ...अधिक पढ़ें

हाइलाइट्स

हिमाचल प्रदेश के चुनावी नतीजे से पहले कांग्रेस पार्टी में गुट बनने शुरू हो गए हैं.
हिमाचल में कांग्रेस की तरफ से सीएम पद को लेकर लगातार दावेदारी की जा रही है.
आगामी 8 दिसंबर को आएंगे हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव के नतीजे.

Swati Bhan/नई दिल्ली. हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनावों में वोटों की गिनती में अब 10 दिन से भी कम समय बचा है. ऐसे में कांग्रेस पार्टी में अलग-अलग लॉबी के भीतर सीएम पद को लेकर एक आम सहमति पर पहुंचने की प्रक्रिया शुरू हो गई है कि कौन मुख्यमंत्री पद का दावा कर सकता है. वहीं चुनावी सर्वेक्षक कांटे की टक्कर की भविष्यवाणी कर रहे हैं और कांग्रेस सत्ता में वापस आने की उम्मीद कर रही है, ऐसे में पार्टी के भीतर बने अलग-अलग गुट इस बात को लेकर ज्यादा व्यस्त दिख रहे हैं कि शीर्ष पद की दौड़ में किसे शामिल किया जाए. शीर्ष नेतृत्व का अलग-अलग लॉबी से जुड़े नेताओं की हर हरकत पर पैनी नजर है.

गांधी परिवार चुन सकता है सीएम
हिमाचल कांग्रेस प्रमुख प्रतिभा सिंह और उनके विधायक बेटे विक्रमादित्य सिंह मध्य प्रदेश चरण में शामिल होने के लिए भारत जोड़ो यात्रा में भाग लिया. एक नेता ने टिप्पणी करते हुए कहा, “नेताओं को एहसास है कि गांधी परिवार के पास सीएम उम्मीदवार चुनने की चाभी हो सकती है. इसलिए उन्होंने यात्रा में भाग लेने का मौका नहीं छोड़ा क्योंकि राहुल के दूर रहने के कारण प्रचार के दौरान उन्हें मिलने का मौका नहीं मिला था.”

मुकेश अग्निहोत्री भी सीएम रेस में शामिल
पूर्व राजघरानों के इस कदम को राज्य कांग्रेस इकाई में कई लोग आलाकमान को यह बताने के प्रयास के रूप में देख रहे हैं कि अगर कांग्रेस सत्ता में आती है तो उन्हें मुख्यमंत्री पद के लिए दावेदार माना जाए. सीएम की दौड़ में विपक्ष के वर्तमान नेता मुकेश अग्निहोत्री भी हैं, जो चार बार के विधायक हैं, जिन्होंने 2017 से पहले वीरभद्र सिंह के नेतृत्व वाली सरकार में महत्वपूर्ण विभागों को भी संभाला था. अग्निहोत्री को प्रतिभा सिंह के करीबी विश्वासपात्र के रूप में देखा जाता है.

हिमाचल प्रदेश के कांग्रेस पार्टी में वर्चस्व की लड़ाई
वहीं कांग्रेस के एक अन्य वरिष्ठ नेता सुखविंदर सुक्खू भी सीएम की रेस में शामिल हैं, जिनके पास कम से कम 10 विधायकों का समर्थन है. हालांकि सुखविंदर को प्रतिभा सिंह के पसंदीदा के रूप में नहीं देखा जाता है. कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने कहा, “सुक्खू को पार्टी के एक ऐसे व्यक्ति के रूप में देखा जाता है जो सभी गुटों को साथ ले सकता है, भले ही प्रतिभा सिंह का खेमा उन्हें पसंद नहीं करता है.” वह संगठन के व्यक्ति और अनुभवी राजनेता रहे हैं. बता दें कि नतीजे 8 दिसंबर को आएंगे. वहीं हिमाचल प्रदेश कांग्रेस में वर्चस्व की लड़ाई शुरू हो चुकी है.

Tags: Himachal Assembly Elections, Himachal Congress

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