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कांग्रेस ने वीडियो शेयर कर CAA पर असम सरकार को घेरा, हेमंत बिस्‍वा सरमा ने बताया फेक न्‍यूज फैक्‍टरी

हेमंत बिस्‍वा शर्मा ने कांग्रेस पर साधा निशाना. (File pic)

हेमंत बिस्‍वा शर्मा ने कांग्रेस पर साधा निशाना. (File pic)

असम कांग्रेस की ओर से किया गया दावा पूरी तरह से गलत नहीं है. दिसंबर 2019 और जनवरी 2020 में सीएए के खिलाफ हुए प्रदर्शन में पांच युवक- सैम स्‍टैफोर्ड, अब्‍दुल अमीन, ईश्‍वर नायक, दीपांजल दास की जान गुवाहाटी में चली गई थी. वहीं अजीजुल हक ट्रक में आग लगाए जाने की घटना में मारा गया था.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 8, 2021, 12:25 PM IST
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नई दिल्‍ली. नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) के खिलाफ कांग्रेस (Congress) समेत कुछ अन्‍य विपक्षी दल शुरू से ही बीजेपी को घेरते आए हैं. कांग्रेस ने इसी क्रम में हाल ही में एक वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए असम में सीएए के खिलाफ विरोध कर रहे लोगों पर पुलिस की बर्बरता का आरोप लगाया. कांग्रेस के मुताबिक यह वीडियो असम का था. लेकिन अब असम सरकार में वित्‍त मंत्री हेमंत बिस्‍वा सरमा (Himanta Biswa Sarma) ने इसे लेकर कांग्रेस पर पलटवार किया है. उन्‍होंने इस वीडियो को फेक बताते हुए कांग्रेस को फेक न्‍यूज फैक्‍टरी करार दिया है.

बीजेपी नेता और असम सरकार में मंत्री हेमंत बिस्‍वा शर्मा के अनुसार यह वीडियो असम का नहीं है, बल्कि यह झारखंड का है. उन्‍होंने बताया कि यह दिसंबर 2019 का है, जिसमें झारखंड पुलिस मॉक ड्रिल कर रही है. कांग्रेस की ओर से शेयर किए गए इस 2.02 मिनट के वीडियो में वायस ओवर में कहा जा रहा है कि दर्शकों क्‍या आपको सीएए प्रदर्शन के दौरान मारे गए पांच युवकों का योगदान याद है.





हेमंत बिस्‍वा शर्मा ने इस वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए शनिवार को ट्वीट किया. उन्‍होंने कहा, 'कांग्रेस एक फेक न्‍यूज फैक्‍टरी है. 2 मिनट के इस वीडियो में देखिए कैसे झारखंड पुलिस के मॉ‍क ड्रिल को असम पुलिस की गोलीबारी बताया जा रहा है.'


वहीं एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार फैक्‍ट चेक आर्टिकल्‍स की बात करें तो यह वीडियो दिसंबर 2019 का है. इसमें झारखंड पुलिस का मॉक ड्रिल दिखाया गया है. लेकिन इसे कुछ ट्विटर यूजर्स ने सोशल मीडिया पर असम पुलिस की ओर से सीएए प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी की घटना के रूप में प्रसारित किया. इसी वीडियो को पहले कश्‍मीर में पुलिस फायरिंग के रूप में भी प्रसारित किया जा चुका है.

हालांकि असम कांग्रेस की ओर से किया गया दावा पूरी तरह से गलत नहीं है. दिसंबर 2019 और जनवरी 2020 में सीएए के खिलाफ हुए प्रदर्शन में पांच युवक- सैम स्‍टैफोर्ड, अब्‍दुल अमीन, ईश्‍वर नायक, दीपांजल दास की जान गुवाहाटी में चली गई थी. वहीं अजीजुल हक ट्रक में आग लगाए जाने की घटना में मारा गया था.

हेमंत बिस्‍वा शर्मा के पलटवार पर फिर कांग्रेस ने ट्वीट किया. पार्टी ने लिखा, 'आप जितना चाहें इस मुद्दे को उतना अलग थलग कर सकते हैं. लेकिन हमारा सवाल वही रहेगा. क्‍या आप इसे नकारते हैं कि सीएए प्रदर्शन में पांच युवक नहीं मारे गए थे? आपकी सरकार की उदासीनता के कारण क्‍या घायल हुए सैकड़ों लोगों के बारे में भी आप इनकार करते हैं?
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