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Assam Assembly Elections: हिमंत बिस्व सरमा बोले- मिया मुस्लिम के वोट से नहीं बनना विधायक, वो होते हैं सांप्रदायिक

असम के वित्तमंत्री हिमंता विस्वा सरमा (फाइल फोटो)
असम के वित्तमंत्री हिमंता विस्वा सरमा (फाइल फोटो)

Assam Assembly Election: असम सरकार में मंत्री हिमंत बिस्व सरमा (Himata Biswa Sarma) ने कहा कि भाजपा (BJP) को असम में बंगाली मूल के मुस्लिम समुदाय से वोट की जरूरत नहीं है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 4, 2021, 8:30 AM IST
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नई दिल्ली. असम (Assam) में विधानसभा चुनाव (Assam Assembly Election 2021) से पहले राज्य के स्वास्थ्य, शिक्षा और वित्त मंत्री हिमंत बिस्व सरमा (Himata Biswa Sarma) ने बुधवार को कहा कि भाजपा (BJP) को असम में बंगाली मूल के मुस्लिम समुदाय से वोट की जरूरत नहीं है. बोलचाल की भाषा में उन्हें 'मिया' मुस्लिम जाना जाता है. उन्होंने समुदाय पर आरोप लगाया कि यह 'असमिया संस्कृति और भाषा' को चुनौती दे रहे हैं. सरमा ने कहा कि 'वे खुद की पहचान मिया के तौर पर करने लगे हैं. ये तथाकथित मिया लोग बहुत ही सांप्रदायिक हैं. वे असमिया संस्कृति और भाषा से छेड़छाड़ करने की कई गतिविधियों में शामिल हैं. इसलिए मैं उनके वोट से विधायक नहीं बनना चाहता. अगर वे मेरे लिए वोट करेंगे तो मैं विधानसभा में नहीं बैठूंगा. जो लोग असमिया संस्कृति और भाषा के साथ ही समूची भारतीय संस्कृति को चुनौती दे रहे हैं, वह हमें वोट ना दें.'

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, सरमा ने कहा कि भाजपा उन लोगों को टिकट नहीं देगी जो खुद को मिया मुस्लिम बताते हैं. सरमा ने कहा कि कांग्रेस भी यही करे. कांग्रेस ने आगामी असम चुनाव के लिए एआईयूडीएफ के साथ गठबंधन किया है हालांकि सरमा ने कहा कि इस गठबंधन से भाजपा प्रभावित नहीं होंगी.

असम में 2 तरह के हैं मुसलमान- सरमा
सरमा ने कहा 'जब हम असम में मुसलमानों की बात करते हैं तो ये दो तरह के हैं- एक तो स्वदेशी असमिया मुस्लिम हैं, जो आमतौर पर भाजपा को वोट देते हैं और भले ही वे हमें वोट नहीं देते हैं, लेकिन वे हमारी संस्कृति और विरासत से जुड़े हैं. जबकि एक श्रेणी उन लोगों की है जिनका एनआरसी में अब तक ठीक से नाम भी नहीं है.'
मंत्री ने कहा कि भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार ने समुदाय के विकास के लिए काम किया है लेकिन यह उन्हें वोट नहीं देते. सरमा ने कहा 126 सीटों में से 100 सीट जीतने के लक्ष्य पर समुदाय के वोट का कोई असर नहीं पड़ेगा.





इसके साथ ही NRC 2019 पर बीजेपी सरकार का रुख दोहराते हुए सरमा ने कहा 'असम सरकार रि-वेरिफिकेशन की मांग पर अड़ी है. उन्होंने यह भी कहा कि NRC के पूर्व स्टेट कोआर्डिनेटर प्रतीक हजेला, 'असम के लोगों के साथ अन्याय' के लिए अकेले जिम्मेदार हैं.

सरमा ने कहा कि असम सरकार एनआरसी को अपडेट करने पर नए सिरे से पहल करने के लिए सुप्रीम कोर्ट की अनुमति का इंतजार कर रही है. राज्य NRC कोआर्डिनेटर ने पहले ही गौहाटी हाईकोर्ट में 'एक बहुत अच्छा हलफनामा' पेश किया जिसमें बताया गया है कि हमें NRC अपडेट की जरूरत क्यों है. सरमा ने कहा, 'अपडेशन मुख्य रूप से सुप्रीम कोर्ट की अनुमति पर निर्भर करेगा.'
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