लाइव टीवी
Elec-widget

अंतिम NRC से बाहर हुए हिंदू बंगालियों की संख्या सार्वजनिक करेगी असम सरकार: हिमंत बिस्व सरमा

भाषा
Updated: November 28, 2019, 11:21 PM IST
अंतिम NRC से बाहर हुए हिंदू बंगालियों की संख्या सार्वजनिक करेगी असम सरकार: हिमंत बिस्व सरमा
NRC में छूटे हिंदू बंगालियों की संख्या हिमंत सरमा ने सार्वजनिक करने को कहा (फाइल फोटो)

(Assam) भाजपा के वरिष्ठ नेता हिमंत बिस्व सरमा (Himanta Biswa Sarma) ने कहा, ‘‘हम (बाहर हुए) उन हिंदू बंगाली व्यक्तियों के आंकड़े विधानसभा के वर्तमान सत्र के दौरान सार्वजनिक करेंगे जो विभिन्न जिलों (Different District) में आवेदन कर रहे हैं.’’

  • भाषा
  • Last Updated: November 28, 2019, 11:21 PM IST
  • Share this:
गुवाहाटी. असम (Assam) भाजपा के वरिष्ठ नेता हिमंत बिस्व सरमा (Himanta Biswa Sarma) ने गुरुवार को कहा कि राज्य सरकार ने अंतिम राष्ट्रीय नागरिक पंजी (NRC) सूची से बाहर हुए हिंदू बंगालियों (Hindu Bangalis) का जिलेवार आंकड़ा वर्तमान विधानसभा सत्र में पेश करने का निर्णय किया है.

असम के वित्तमंत्री सरमा ने दावा किया कि भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) ने राज्य में तीन वर्ष पहले राष्ट्रीय नागरिक पंजी प्रक्रिया (NRC) के अद्यतन की प्रक्रिया में ‘‘भारी अनियमितता’’ पाई गई है.

विधानसभा के वर्तमान सत्र में सार्वजनिक करेंगे हिंदू बंगालियों के आंकड़े
असम के वित्तमंत्री सरमा ने कहा, ‘‘हम (बाहर हुए) उन हिंदू बंगाली व्यक्तियों के आंकड़े विधानसभा के वर्तमान सत्र के दौरान सार्वजनिक करेंगे जो (अपने नाम NRC में शामिल कराने के लिए) विभिन्न जिलों (Different District) में आवेदन कर रहे हैं.’’

राज्य विधानसभा का शीतकालीन सत्र गुरुवार को शुरू हुआ और यह छह दिसम्बर को समाप्त होगा. सरमा ने कहा, ‘‘हम पहले यह आंकड़ा नहीं दे सके क्योंकि NRC तैयार नहीं हुआ था. अब हमारे पास जिलेवार आंकड़ा है.’’

31 अगस्त को प्रकाशित अंतिम NRC में छोड़ दिए गए थे 19 लाख लोग
विभिन्न वर्गों की ओर से यह आरोप लगाया गया है कि 31 अगस्त को प्रकाशित अंतिम NRC में बड़ी संख्या में हिंदुओं (Hindus) को बाहर कर दिया गया है और इसमें 19 लाख से अधिक आवेदनकर्ता छोड़ दिये गए हैं.
Loading...

उच्चतम न्यायालय (High Court) की निगरानी वाली अद्यतन प्रक्रिया का उद्देश्य अवैध प्रवासियों की पहचान करना था जिसमें अधिकतर बांग्लादेश से हैं. यह प्रक्रिया असम में संचालित की गई जहां पड़ोसी देश से 20वीं सदी के शुरूआत से ही लोगों का प्रवेश हो रहा है.

'कैग ने दी है भारी अनियमितताओं और विसंगतियों की सूचना'
सरमा ने शीतकालीन सत्र के पहले दिन विधानसभा परिसर के बाहर संवाददाताओं से कहा कि कैग ने तीन वर्ष पहले एनआरसी कार्यालय एवं उसकी गतिविधियों का निरीक्षण किया था. उन्होंने दावा किया, ‘‘प्रथम दृष्टया कैग ने हमें भारी अनियमितता और विसंगतियों की सूचना दी. यह असम कैग (Assam CAG) द्वारा हस्ताक्षर किया हुआ आधिकारिक नोट है. यह असम सरकार का कोई दस्तावेज नहीं है.’’

मंत्री ने कहा कि यद्यपि लोगों के बीच भ्रम से बचने के लिए मुख्यमंत्री (CM) और उन्होंने उस समय निर्णय किया था कि एनआरसी प्रक्रिया पूरी होने तक रिपोर्ट पर कोई कार्रवाई नहीं करेंगे.

यह नहीं बताया कि कितने मामलों में हुई अनियमितता
सरमा ने एनआरसी को अद्यतन करने की इस वृहद कवायद में कथित अनियमितता की राशि का खुलासा नहीं किया. असम समझौते (Assam Accord) को लेकर एक सवाल पर उन्होंने कहा कि जिन्होंने समझौता तैयार किया था वे इस पर बोलेंगे.

उन्होंने कहा, ‘‘मैंने समझौते पर हस्ताक्षर नहीं किये थे. और क्या आपने हस्ताक्षर किये थे? समझौते पर हस्ताक्षर करने से पहले किसी से भी मशविरा नहीं किया गया था. प्रफुल्ल महंत (Prafulla Kumar Mahanta) ने हस्ताक्षर किये थे इसलिए वह समझौते को लेकर प्रतिबद्ध थे. हिमंत बिस्व सरमा ने उस पर हस्ताक्षर नहीं किये थे, इसलिए मैं उसे लेकर प्रतिबद्ध नहीं हूं. समझौते को स्वीकार करने का विधानसभा में कोई प्रस्ताव नहीं था.’’

यह भी पढ़ें: मलिक बोले- J&K में हर दिन ‘आज की रात बचेंगे, तो सहर देखेंगे’ याद आती थी

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए देश से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: November 28, 2019, 11:21 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...