असम: वकील से सीएम बनने तक, जानें हिमंत बिस्व सरमा का पूरा राजनीतिक सफरनामा

हिमंत बिस्‍वा सरमा असम के नए मुख्‍यमंत्री होंगे. (File pic) (फाइल फोटो)

हिमंत बिस्‍वा सरमा असम के नए मुख्‍यमंत्री होंगे. (File pic) (फाइल फोटो)

हिमंत बिस्‍वा सरमा (Himanta Biswa Sarma) असम (Assam) की जालुकबारी विधानसभा सीट से लगातार पांचवीं बार जीत हासिल करने में कामयाब हुए हैं. हिमंत बिस्‍वा सरमा ने विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के रोमेन चंद्र बोरठाकुर को 1,01,911 मतों के अंतर से हराकर जालुकबारी सीट पर कब्जा बरकरार रखा है.

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गुवाहाटी. बीजेपी (BJP) में पिछले कई दिनों से चल रही माथापच्‍ची के बाद आज असम (Assam) के नए मुख्‍यमंत्री के तौर पर हिमंत बिस्‍वा सरमा (Himanta Biswa Sarma) के नाम का ऐलान कर दिया गया है. असम का पर्यवेक्षक बनाकर भेजे गए केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने विधायक दल की बैठक के बाद ये जानकारी दी कि असम के नए मुख्‍यमंत्री के तौर पर हेमंत बिस्‍व सरमा सोमवार को सीएम पद की शपथ लेंगे. असम के नए मुख्‍यमंत्री को लेकर बीजेपी में काफी मंथन हुआ. यही कारण है कि हिमंत बिस्वा सरमा और सर्बानंद सोनोवाल दोनों को दिल्ली बुलाया गया और पार्टी के अध्‍यक्ष जेपी नड्डा और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने दोनों ही नेताओं से अलग अलग बात की.

असम विधानसभा चुनाव में मिली जीत के बाद से ही हिमंत का नाम पहले नंबर पर था. असम में लगातार दूसरी बार बीजेपी के नेतृत्व में एनडीए की सरकार बनने जा रही है. पार्टी का मानना है कि चुनाव को लेकर हिमंत बिस्वा सरमा ने जिस तरह से प्रचार किया उसका असर मतदाताओं पर पड़ा और बीजेपी को असम में बड़ी जीत हासिल हुई.


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कौन हैं हिमंत बिस्वा सरमा

हिमंत बिस्‍वा सरमा असम की जालुकबारी विधानसभा सीट से लगातार पांचवीं बार जीत हासिल करने में कामयाब हुए हैं. हिमंत बिस्‍वा सरमा ने विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के रोमेन चंद्र बोरठाकुर को 1,01,911 मतों के अंतर से हराकर जालुकबारी सीट पर कब्जा बरकरार रखा है. हिमंत बिस्‍वा सरमा ने साल 2015 में बीजेपी ज्‍वाइन की थी. साल 2016 के विधानसभा चुनाव और 2019 के लोकसभा चुनाव में हिमंत बिस्‍वा सरमा का अहम रोल रहा है. यहां तक हाल में हुए विधानसभा चुनावों से पहले जब सीएए के विरोध में राज्‍य में प्रदर्शन हो रहे थे और केंद्र कोरोना के बढ़ते मामलों को लेकर सवालों में घिरी हुई थी, ऐसे नाजुक वक्‍त में भी हिमंत ने जोरदार चुनाव प्रचार किया और अपनी बात मतदाताओं तक पहुंचाने में कामयाबी हासिल की. 2016 में असम विधानसभा चुनाव जीतने के ठीक बाद हिमंत को बीजेपी ने नॉर्थ-ईस्ट डेमोक्रेटिक अलायंस (NEDA) का अध्यक्ष बनाया था.

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वकील बनने से लेकर राजनीतिक गलियारे में कदम रखने तक का सफर

हिमंत बिस्‍वा सरमा का जन्‍म 1 फरवरी 1969 को गुवाहाटी में हुआ. हिमंत के परिवार में मां मृणालिनी देवी, पत्‍नी रिनिकी भुयान और दो बच्‍चे हैं. हिमंत की शुरुआती पढ़ाई कॉटन कॉलेज गुवाहाटी से की. इसके बाद हिमंत ने पॉलिटिकल साइंस में पीजी किया. यहीं से हिमंत छात्र जीवन से राजनीति में सक्रिय हुए.

सरमा साल 1991-92 में कॉटन कॉलेज गुवाहाटी के जनरल सेक्रेटरी बने. इसके बाद हिमंत बिस्‍वा सरमा ने गवर्नमेंट लॉ कॉलेज से एलएलबी किया और गुवाहाटी कॉलेज से पीएचडी की डिग्री ली. कानून की डिग्री हासिल करने के बाद हिमंत ने 5 साल तक गुवाहाटी हाई कोर्ट में वकालत की.

हिमंत बिस्‍वा सरमा ने मई 2001 में वह पहली बार जालुकबारी सीट से जीत हासिल की. इसके बाद वह असम की पिछली सरकारों में वित्त, कृषि और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण जैसे अहम विभागों के मंत्री रहे. तत्‍कालीन सीएम तरुण गोगोई से विवाद के बाद जुलाई 2014 में उन्होंने कांग्रेस के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया.

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