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नागरिकता बिल पर चर्चा में बोले आनंद शर्मा- कांग्रेस नहीं, सावरकर की देन है टू नेशन थ्योरी

News18Hindi
Updated: December 11, 2019, 1:43 PM IST
नागरिकता बिल पर चर्चा में बोले आनंद शर्मा- कांग्रेस नहीं, सावरकर की देन है टू नेशन थ्योरी
Citizenship Ammendment Bill In Rajya Sabha,

नागरिकता संशोधन विधेयक (Citizen amendment bill 2019) बुधवार को राज्यसभा में पेश किया गया. गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने विधेयक पेश करते हुए कहा कि इससे किसी को कोई परेशान नहीं होगी.

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  • Last Updated: December 11, 2019, 1:43 PM IST
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नई दिल्ली. राज्यसभा (Rajya sabha) में बुधवार को नागरिकता संशोधन विधेयक (Citizen amendment bill 2019) पेश किया गया. गृहमंत्री अमित शाह (Amit shah) ने यह विधेयक पेश किया. इस विधेयक पर राज्यसभा में चर्चा के दौरान कांग्रेस नेता आनंद शर्मा (Anand Sharma) ने कहा कि इस विधेयक के विरोध की वजह राजनीतिक नहीं है. उन्होंने कहा कि बिल संविधान और लोकतंत्र के खिलाफ है. इस दौरान आनंद शर्मा ने गृहमंत्री की उस टिप्पणी का भी जवाब दिया जिसमें उन्होंने कहा था कि कांग्रेस ने धर्म के आधार पर देश का बंटवारा कराया था.

कांग्रेस सदस्य आनंद शर्मा ने साल 1937 में हुई हिंदू महासभा (Hindu mahasabha) की एक बैठक का जिक्र करते हुए कहा कि वीर सावरकर (Veer sawarkar) ने पहले टू नेशन थ्योरी दी. उन्होंने कहा, 'टू नेशन थ्योरी कांग्रेस नहीं लाई थी, 1937 में अहमदाबाद में हिंदू महासभा में प्रस्ताव लाया गया था जिसकी अध्यक्षता सावरकर जी ने की थी.' शर्मा ने कहा- 'इसके एक साल बाद मुस्लिम लीग भी ऐसा ही प्रस्ताव लाई जिसमें पार्टीशन ऑफ इंडिया का रेजोल्यूशन पास किया गया.'

शाह ने कहा- हम वोट बैंक की राजनीति नहीं करते
इससे पहले बिल पेश करने के बाद गृह मंत्री शाह ने कहा, 'भारत दुनिया भर से आए मुस्लिम प्रवासियों को नागरिकता नहीं दे सकता, यह विधेयक तीन देशों में उत्पीड़न का सामना कर रहे अल्पसंख्यकों को नागरिकता देने के लिए है.'

शाह ने कहा, 'भारत के मुसलमान देश के नागरिक थे, हैं और बने रहेंगे, उन्हें कोई परेशानी नहीं होगी.' अमित शाह ने वोटबैंक की राजनीति के आरोप को खारिज किया और कहा कि भाजपा ने अपने चुनावी घोषणा पत्र में इस संबंध में घोषणा की थी.

वहीं विपक्ष के चार सदस्यों ने यह विधेयक राज्यसभा की प्रवर समिति में भेजने का प्रस्ताव किया.

(एजेंसी इनपुट के साथ)यह भी पढ़ें : CAB से लेकर महाराष्ट्र की राजनीति तक, पढ़ें- पीयूष गोयल ने क्या- क्या कहा

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First published: December 11, 2019, 12:51 PM IST
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