हलाल मीट की वजह से विवादों से घिरा McDonald's, हिंदुओं ने की झटका मीट परोसने की मांग

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Updated: August 25, 2019, 2:10 PM IST
हलाल मीट की वजह से विवादों से घिरा McDonald's, हिंदुओं ने की झटका मीट परोसने की मांग
McDonald में हलाल मीट या झटका? ट्वीट के बाद कंपनी का विरोध.

लोगों की शिकायत रही कि मैकडॉनल्ड्स (McDonald's) ऐसे देश में हलाल मीट (Halal Meat) परोस रहा है, जहां 80 प्रतिशत लोग गैर-मुस्लिम हैं.

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  • Last Updated: August 25, 2019, 2:10 PM IST
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फूड डिलिवरी प्लेटफॉर्म ज़ोमैटो (Zomato) के बाद अब मैकडॉनल्ड्स (McDonald's) को ट्विटर पर कुछ लोगों की नाराज़गी का सामना करना पड़ा. सवाल यह उठा कि फास्ट फूड कंपनी अपने ग्राहकों को झटका मीट परोसती है या हलाल मीट. एक ट्विटर यूजर ने मैकडॉनल्ड्स इंडिया से पूछा कि क्या उनके रेस्तरां हलाल सर्टिफाइड हैं? इस पर कंपनी ने कहा कि वह अपने ग्राहकों को हलाल मांस परोसती है.




मैकडॉनल्ड्स ने ट्विटर पर लिखा, "जो मीट हम अपने रेस्तरां में इस्तेमाल करते हैं, उनकी गुणवत्ता उच्च स्तर की होती है और ये मीट हमें सरकारी सप्लायर्स से मिलते हैं जो एचएसीसीपी (हजर्ड एनालिसिस क्रिटिकल कंट्रोल पॉइंट) के द्वारा सर्टिफाइड होते हैं.

मैकडॉनल्ड्स इंडिया ने ट्वीट किया, 'हमारे सभी रेस्तरां के पास हलाल प्रमाणपत्र हैं. आप संबंधित रेस्तरां के मैनेजर से अपनी संतुष्टि के लिए प्रमाण पत्र दिखाने के लिए कह सकते हैं.'
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मैकडॉनल्ड्स का दूसरा ट्वीट:



एक तबके के यूजर हो गए नाराज

मैकडॉनल्ड्स की इस प्रतिक्रिया के बाद एक खास तबके ने कंपनी पर सवाल उठाने शुरू कर दिए. उनके मुताबिक मैकडॉनल्ड्स ऐसे देश में हलाल मीट की सुविधा दे रहा है, जहां 80 प्रतिशत लोग गैर-मुस्लिम हैं. एक ट्विटर यूजर ने लिखा, 'मैकडॉनल्ड्स, हम हिंदू झटका मीट चाहते हैं.' दूसरे नाराज यूजर ने लिखा, 'मैं बेवजह क्रूर हलाल मीट नहीं खाना चाहता. मेरे पास क्या विकल्प है? या मुझे मैकडॉनल्ड्स में नहीं खाना चाहिए?'

एक नाराज यूजर ने लिखा, 'प्रिय मैकडॉनल्ड्स, आपकी प्रतिक्रिया के हिसाब से क्या मुझे यह समझ लेना चाहिए कि आपके उत्पाद भारत में गैर-मुस्लिमों के लिए नहीं हैं? मुझे बताएं.'

मैकडॉनल्ड्स इंडिया से नाराज एक और यूजर ने पोस्ट किया, 'इस जानकारी के लिए धन्यवाद, लेकिन झटका मीट के बारे में क्या कहेंगे, जिसे हम हिंदू खाते हैं. इसकी सुविधा को भी उपलब्ध कराएं, नहीं तो खाने के लिए आपके पास नहीं आने वाले.'

ज़ोमैटो के साथ भी हो चुका है ऐसा
कुछ दिनों पहले ज़ोमैटो को भी ऐसी ही स्थिति का सामना करना पड़ा था, जब एक कस्टमर ने मुस्लिम डिलीवरी एजेंट होने के कारण अपना ऑर्डर कैंसिल कर दिया था. इस पर ज़ोमैटो ने यह कहकर अपना बचाव किया था कि 'भोजन का कोई धर्म नहीं होता है'.

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First published: August 25, 2019, 1:43 PM IST
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