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गलवान पर हमारा दावा निर्विवाद रहा है, चीन की हरकतों के पीछे कोई गहरी साजिश- एंटनी

एंटनी ने चीन की नई आक्रामकता के पीछे गहरी योजना की बात कही है. (तस्वीर विकीपीडिया से साभार)

एंटनी ने चीन की नई आक्रामकता के पीछे गहरी योजना की बात कही है. (तस्वीर विकीपीडिया से साभार)

एके एंटनी (A. K. Antony) ने कहा है कि गलवान घाटी (Galwan Valley) पर भारत का दावा हमेशा निर्विवादित रहा है, बीजिंग ने एकाएक अपनी रणनीति बदली है. इसके पीछे कोई गंभीर प्लान हो सकता है.

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    नई दिल्ली. चीन (China) के साथ चल रहे सीमा विवाद (Border Dispute) की तरफ इशारा करते हुए पूर्व रक्षा मंत्री एके एंटनी (A. K. Antony) ने कहा है कि इसके पीछे कोई गहरी साजिश (Deeper Plan) हो सकती है. उन्होंने कहा है कि गलवान घाटी पर भारत का दावा हमेशा निर्विवादित रहा है, बीजिंग ने एकाएक अपनी रणनीति बदली है. इसके पीछे कोई गंभीर प्लान हो सकता है.

    यूपीए-2 के समय महसूस किया था रणनीति में बदलाव
    एंटनी ने कहा है-यूपीए-2 के समय में मैंने चीन की रणनीति में बदलाव महसूस किया था. यही वजह थी कि डेस्पांग और चुमार में चीनी सैनिकों ने अतिक्रमण किया था. लेकिन बातचीत के बाद वो वापस लौट गए थे. उस वक्त उनकी प्राथमिकता दक्षिणी चीन सागर विवाद था. वो चाहते थे कि दक्षिणी चीन सागर में उनका एकाधिकार हो. वो तब ताइवान, हांगकांग, जिनजियांग को लेकर ज्यादा चिंतित थे. लेकिन फिर उन्होंने एकाएक अपनी रणनीति बदल दी.

    गलवान निर्विवाद रूप से हमारा
    इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में एके एंटनी ने कहा है कि इस बार ऐसे क्षेत्र में अतिक्रमण हुआ है जो निर्विवादित रूप से भारत के अधिकार में रहा है. यूपीए-2 के समय जब भी विवाद की स्थिति बनी वो बातचीत के बाद हमेशा वापस लौट जाते थे. लेकिन अब चीनियों की रणनीति बदली हुई लग रही है. इसके पीछे कोई गहरी तैयारी है जिसे हमें समझना होगा. सरकार को इसे गहराई से समझना चाहिए.

    ये भी पढ़ें- सीमा विवाद: सैटेलाइट तस्वीरों में दावा, गलवान घाटी में फिर से दिखे चीन के टेंट

    एंटनी ने कहा है कि कांग्रेस के शासन काल में भारत ने गलवान घाटी में निर्माण की शुरुआत कर दी थी. उन्होंने गलवान घाटी में भारतीय सैनिकों पर हमले को धोखेबाजी करार दिया है. उन्होंने कहा- 'बीते सालों में भारतीय और चीनी सेनाओं के बीच कई विवादित जगहों पर संघर्ष हुआ है लेकिन गलवान को लेकर हमेशा स्थितियां स्पष्ट रही हैं. गलवान भारतीय सीमा में है. इस इलाके में हमारी संप्रभुता निर्विवादित रही है. जब हमने गलवान में निर्माण शुरू किया था तब चीन की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई थी.'

    गौरतलब है कि गलवान घाटी की घटना के बाद राहुल गांधी की अगुआई में कांग्रेस की तरफ से लगातार सरकार को घेरने की कोशिश की जा रही है. पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने भी इसे लेकर एक खत लिखा है जिस पर बीजेपी अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा द्वारा जवाब दिया गया है.

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