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खनन माफिया पर नकेल कसने इटावा में बनाया गया हाईटेक चेक पोस्ट, ऑनलाइन कटेगा चालान

खनन माफियाओं की अवैध गतिविधियों को रोकने के लिए इटावा में हाईटेक चेक गेट बनाया गया है. इस हाईटेक चेक पोस्ट पर निगरानी का काम -काज एक मार्च को प्रभावी हो जायेगा. इससे यहां से गुजरने वाले वाहनों की हाइटेक निगरानी होगी. गलत पाए जाने पर ऑन लाइन चालान कटकर उनके घर पहुंच जाएगा.

खनन माफियाओं की अवैध गतिविधियों को रोकने के लिए इटावा में हाईटेक चेक गेट बनाया गया है. इस हाईटेक चेक पोस्ट पर निगरानी का काम -काज एक मार्च को प्रभावी हो जायेगा. इससे यहां से गुजरने वाले वाहनों की हाइटेक निगरानी होगी. गलत पाए जाने पर ऑन लाइन चालान कटकर उनके घर पहुंच जाएगा.

खनन माफियाओं की अवैध गतिविधियों को रोकने के लिए इटावा में हाईटेक चेक गेट बनाया गया है. इस हाईटेक चेक पोस्ट पर निगरानी का काम -काज एक मार्च को प्रभावी हो जायेगा. इससे यहां से गुजरने वाले वाहनों की हाईटेक निगरानी होगी. गलत पाए जाने पर ऑन लाइन चालान कटकर उनके घर पहुंच जाएगा. यह एक मार्च से शुरू हो जाएगा.

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इटावा. उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) और मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) की सीमा पर खनन माफियाओं (Mining Mafia) पर अब नकेल कसने की तैयारी है. खनन माफियाओं की अवैध गतिविधियों को रोकने के लिए इटावा में हाईटेक चेक गेट (Hi-Tech Check Post) बनाया गया है. इस हाईटेक चेक पोस्ट पर निगरानी का काम -काज एक मार्च को प्रभावी हो जायेगा. इससे यहां से गुजरने वाले वाहनों की हाइटेक निगरानी होगी साथ ही गलत पाए जाने पर ऑन लाइन चालान कटकर उनके घर पहुंच जाएगा. इसकी मांग विधायक सरिता भदौरिया ने सीएम योगी आदित्यनाथ से की थी, जिसे पूरा कर दिया गया.  इटावा के खनन अधिकारी बृजबिहारी प्रसाद ने न्यूज 18 से बात में इसको लेकर एक्सक्लूसिव जानकारी साझा की है.

खनन अधिकारी बृजबिहारी प्रसाद ने बताया कि मध्यप्रदेश से उत्तर प्रदेश में प्रतिदिन एक हजार से लेकर 1500 के आसपास वाहनों को आवागमन होता है. यहां कई वाहन बिना प्रपत्र के दो- तीन बार अपने -अपने वाहनों को निकालते हैं. इटावा जिले में रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन डिवाइस (आरएफआईडी) सिस्टम करने के पीछे राज्य सरकार की मंशा है. यहां से खनन से जुड़े हुए जितने वाहन गुजरते हैं उनकी चैकिंग में खासी परेशानी होती है, लेकिन अब इस प्रकिया से यह सब खत्म हो जायेगा. इस सिस्टम के तहत इटावा के एंट्री प्वाइंट, पर कैमरे लगा दिये गये हैं, जो राज्य सरकार के साफ्टवेयर से जुड़े होंगे.

आनलाइन निगरानी और चालान होंगे
इस हाईटेक चेक गेट को एमएलए सरिता भदौरिया के गांव उदी में बनाया गया है. 1 मार्च से ओवरलोड और अवैध खनन परिवहन पर ऑनलाइन न केवल निगरानी शुरू होगी बल्कि अब आन लाइन चालान भी किये जायेंगे. बिना रॉयल्टी या फर्जी रॉयल्टी के कोई ट्रक गुजर नहीं पायेगा. इस प्रकिया से ओवर लोड और अवैध खनन पर भी लगाम लगेगी. ऑन लाइन निगरानी व्यवस्था के लिये चम्बल पुल पर 5 कैमरे तो लगाये ही गये हैं साथ में सेंसर भी लगाए गए हैं. बिना रॉयल्टी, फर्जी रॉयल्टी, या एक रॉयल्टी पर 2 चक्कर अब खनन कारोबारी नहीं लगा पायेंगे. उन्होंने बताया कि बिना कैमरे के सामने आए कोई ट्रक गुजर नहीं पायेगा. कैमरे के सामने आते है सारी जानकारी लखनऊ और जिला मुख्यालय पर बैठे अधिकारियों को मिल जाएगी. कमी होने पर ऑन लाइन चालान हो जायेगा.
एमएलए सरिता भदौरिया ने की थी सीएम योगी से मांग



इससे वाहन रोक कर चेकिंग करने से मिलेगी निजात साथ ही जाम से भी राहत मिलेगी. हाईटेक चेकगेट बनाने के लिए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इटावा की एमएलए श्रीमती सरिता भदौरिया ने कई दफा पत्र लिख कर मांग की थी जो अब जाकर पूरी हुई है. इस पर सरिता भदौरिया ने मुख्यमंत्री को बधाई भी दी है .  उनका मानना है कि राज्य सरकार की इस व्यवस्था के बाद खनन माफियाओं की अनैतिक गतिविधियों पर हर हाल में विराम लगेगा.  इटावा जिले में एक मार्च से माइनिंग सर्विलांस सिस्टम लागू हो जाएगा. इसमें वाहन समेत मालिक और खनिज आदि का पूरा डाटा होगा. बालू, गिट्टी और पत्थर आदि खनिज लाने वाले वाहनों को माइनटैग लगवाना जरूरी होगा. वाहन में माइनटैग नहीं लगा होगा तो रमन्ना जारी नहीं किया जाएगा. माइनटैग लगवाने में 1300 रुपये का खर्च आएगा. खनन विभाग को भी हैंड होल्ड एमचैक मशीन मिलेंगी. इसकी मदद से ओवरलोडिंग आदि नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों का चालान भी किया जाएगा.

उत्तर प्रदेश सरकार ने माइनिंग सर्विलांस सिस्टम योजना शुरू की है, जो पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर प्रदेश के 38 जिलों में लागू की गई थी. खनन विभाग बृजबिहारी ने बताया कि एक मार्च से इटावा मे में योजना चालू हो जाएगी. खनिज लाने का काम करने वाले सभी वाहनों को माइनटैग लगवाना होगा. इसके लिए पहले वाहन को खनन विभाग में पंजीकरण कराना होगा. यूपी माइन मित्रा डॉट इन पर पंजीकरण करा सकते हैं. योजना में खनन विभाग को हैंड होल्ड एमचेक मशीन मिलेंगी, जो वाहन पर लगे माइनटैग को दूर से ही स्कैन कर लेगी.  इसके लिए वाहन को रोकने की भी जरूरत नहीं होगी. यदि वाहन ओवरलोडिंग या अन्य नियमों का उल्लंघन करता है तो इसका पता चल जाएगा. इसके बाद विभाग चालान करेगा. चालान की सूचना वाहन मालिक के मोबाइल पर चली जाएगी. 7 दिन में चालान जमा नहीं किया तो फिर कोर्ट जाना होगा.

चालान के भुगतान होने के बाद ही अगला रमन्ना जारी होगा

चालान के भुगतान तक वाहन का रमन्ना जारी नहीं होगा।खनन अधिकारी ने बताया कि योजना से ओवरलोडिंग और अवैध रूप से खनिज लाने वाले वाहनों पर कार्रवाई करना आसान हो जाएगा. साथ ही हर गाड़ी का डाटा मौजूद रहेगा. मध्यप्रदेश की ओर से चंबल नदी को पार करके खनन से जुडे हुए वाहनों से मिली भगत के चक्कर में पिछले चार सालों में दर्जनों पुलिसकर्मियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की जा चुकी है. कई को जेल भी भेजा गया. अब हाईटेक चेकगेट का निर्माण के बाद ऐसा माना जा रहा है कि खनन की गतिविधियो पर रोक लगेगी.
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