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एड्सः ARV दवाओं की कमी के खिलाफ प्रदर्शन के बीच आधिकारिक सूत्रों का दावा- देश में पर्याप्त भंडार मौजूद

दवाओं की कथित कमी पर प्रदर्शनों के बीच आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि किसी भी दवा की कोई कमी नहीं है. (सांकेतिक तस्वीर)

दवाओं की कथित कमी पर प्रदर्शनों के बीच आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि किसी भी दवा की कोई कमी नहीं है. (सांकेतिक तस्वीर)

एचआईवी रोगियों का एक समूह पिछले कुछ दिनों से राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन (नाको) कार्यालय ...अधिक पढ़ें

हाइलाइट्स

HIV संक्रमित पिछले कई दिनों से दवाओं की कमी को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं.
पिछले 10 सालों में एचआईवी संक्रमितों की संख्या काफी कम हुई.

नई दिल्ली. एचआईवी (ह्यूमन इम्युनोडेफिशिएंसी वायरस) की दवाओं की कथित कमी पर प्रदर्शनों के बीच आधिकारिक सूत्रों ने सोमवार को बताया कि ‘‘एचआईवी से पीड़ित करीब 95 फीसदी लोगों’’ के लिए देशभर में दवाओं का पर्याप्त भंडार है. उन्होंने बताया कि दिल्ली में एंटीरेट्रोवायरल (एआरवी) दवाओं की कोई कमी नहीं है और कई दवाओं की अगली खेप खरीदने के लिए आपूर्ति के नए ऑर्डर पहले ही दे दिए गए हैं. निजी एंटीरेट्रोवायरल थेरेपी (एआरटी) केंद्र के समक्ष कभी-कभी यह परेशानी आ सकती है लेकिन नजदीकी केंद्र से तत्काल दवाएं पुन: आवंटित की जाती हैं. गौरतलब है कि एचआईवी मरीजों का एक समूह पिछले कुछ दिनों से राष्ट्रीय राजधानी में एआरवी दवाओं की कमी के खिलाफ प्रदर्शन कर रहा है.

एचआईवी रोगियों का एक समूह पिछले कुछ दिनों से राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन (नाको) कार्यालय के बाहर एंटीरेट्रोवायरल दवाओं की कमी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहा है. इस बीच सोमवार को प्रदर्शनकारियों के चार प्रतिनिधियों ने नाको के वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा की.  बता दें कि इसी साल एड्स नियंत्रण संगठन (एनएसीओ) ने एचआईवी मरीजों को लेकर एक आंकड़ा जारी किया था. जारी किये गए रिपोर्ट के मुताबिक देश में बीते 10 साल में असुरक्षित यौन संबंध के कारण 17 लाख से अधिक लोग एचआईवी से संक्रमित हुए हैं. यह जानकारी राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन ने एक आरटीआई आवेदन के जवाब में उपलब्ध कराई थी.

हालांकि ‘ह्यूमन इम्युनोडेफिशिएंसी वायरस’ (एचआईवी) से संक्रमित होने वाले लोगों की संख्या पिछले 10 साल में काफी कम हुई है. 2011-12 में असुरक्षित यौन संबंध के कारण एचआईवी से संक्रमित होने वाले लोगों की संख्या 2.4 लाख थी जबकि 2020-21 में यह घटकर 85,268 रह गई. मध्य प्रदेश के निवासी आरटीआई कार्यकर्ता चंद्रशेखर गौड़ के आवेदन के जवाब में राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन (एनएसीओ) ने बताया कि 2011-2021 के बीच भारत में असुरक्षित यौन संबंध के कारण 17,08,777 लोग एचआईवी से संक्रमित हुए.  आंध्र प्रदेश में एचआईवी संक्रमण के सबसे ज्यादा मामले दर्ज किए गए जहां 3,18,814 लोग इस विषाणु की चपेट में आए. इसके बाद महाराष्ट्र में 2,84,577, कर्नाटक में 2,12,982, तमिलनाडु में 1,16,536, उत्तर प्रदेश में 1,10,911 और गुजरात में 87,400 मामले दर्ज किए गए.

जांच संबंधी आंकड़ों के मुताबिक, 2011-12 से 2020-21 के बीच रक्त और रक्त उत्पाद के जरिए 15,782 लोग एचआईवी से पीड़ित हुए जबकि मांओं के जरिए 4,423 बच्चों को यह बीमारी फैली. आंकड़ों के अनुसार, सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में एचआईवी संक्रमण के मामलों में कमी देखी गई है. देश में 2020 तक 81,430 बच्चों सहित एचआईवी पीड़ित लोगों की संख्या 23,18,737 थी.

Tags: Aids, HIV

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