रेप की घटनाओं पर मद्रास HC की सख्त टिप्पणी, ये पवित्र भूमि नहीं अब बलात्कारियों की जमीन

सांकेतिक तस्वीर
सांकेतिक तस्वीर

Madras HC Observes Rape Occurs Every 15 Minutes in India: कोर्ट वकील ए पी सूर्यप्रकाशम द्वारा दायर प्रवासी श्रम से संबंधित एक मामले की सुनवाई कर रही थी. उस समय अधिवक्ता ने तिरुप्पूर जिले में एक असमिया प्रवासी श्रमिक के बलात्कार की ओर इशारा किया.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 1, 2020, 7:51 PM IST
  • Share this:
नई दिल्ली. हाथरस (Hathras) में एक दलित लड़की के साथ जो दरिंदगी हुई, उससे पूरा देश गुस्से में है. लड़की के साथ हैवानगी करने वालों को फांसी देने की मांग उठ रही है. अब इस मामले ने राजनीतिक रूख अख्तियार कर लिया है. इसी बीच मद्रास हाईकोर्ट (Madras High Court) ने देश में हो रहे रेप (Rape) के मामलों पर सख्त टिप्पणी की है. गुरुवार को मद्रास हाईकोर्ट मे कहा, पवित्र 'भारतभूमि' (भारत) अब "बलात्कारियों की भूमि" में बदल गई है जहां हर 15 मिनट में एक बलात्कार होता है.

कोर्ट वकील ए पी सूर्यप्रकाशम द्वारा दायर प्रवासी श्रम से संबंधित एक मामले की सुनवाई कर रही थी. उस समय अधिवक्ता ने तिरुप्पूर जिले में एक असमिया प्रवासी श्रमिक के बलात्कार की ओर इशारा किया.

मुआवजा और वित्तीय सहायता की अपील
सूर्यप्रकाशम ने कोर्ट में कहा, 'मैंने कोर्ट से प्रभावित महिला को आश्रय और देखभाल प्रदान करने का अनुरोध किया था और पुलिस महानिदेशक को निर्देश दिया था कि वह महानिरीक्षक, कोयंबटूर के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल का गठन करें. मैंने कोर्ट से पीड़िता के लिए मुआवजा और वित्तीय सहायता देने के लिए सरकार को निर्देश देने की अपील की है.' सभी पहलूओं को सुनने के बाद कोर्ट ने कहा कि पवित्र भूमि "भारतभूमि" अब बलात्कारियों की भूमि बन गई है, जहां हर 15 मिनट में एक बलात्कार होता है.
क्या कहते हैं रेप के आंकड़ें?


राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के नवीनतम आंकड़ों के मुताबिक 2018 में देश में हर चौथी दुष्कर्म पीड़िता नाबालिग थीं, जबकि 50 फीसद से ज्यादा पीड़िताओं की उम्र 18 से 30 साल के बीच थी. आंकड़ों के मुताबिक लगभग 94 प्रतिशत मामलों में आरोपी पीड़ितों के परिचित- परिवार के सदस्य, दोस्त, सह जीवन साथी, कर्मचारी या अन्य थे.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज