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home minister amit shah holds high level review meeting in delhi on security situation in jammu and kashmir

गृह मंत्री अमित शाह ने परखीं अमरनाथ यात्रा की तैयारियां, J&K की सुरक्षा स्थिति को लेकर की समीक्षा बैठक

केंद्रीय गृह मंत्री ​अमित शाह ने जम्मू-कश्मीर की सुरक्षा स्थिति और अमरनाथ यात्रा को लेकर दिल्ली में एक उच्च स्तरीय बैठक की. (ANI)

केंद्रीय गृह मंत्री ​अमित शाह ने जम्मू-कश्मीर की सुरक्षा स्थिति और अमरनाथ यात्रा को लेकर दिल्ली में एक उच्च स्तरीय बैठक की. (ANI)

हिंसा की हालिया घटनाओं के बाद अमरनाथ यात्रा अहम सुरक्षा चुनौती है और इसके सुचारू रूप से संपन्न होने के लिए केंद्र सरकार अर्धसैनिक बलों के कम से कम 12,000 जवानों के साथ-साथ जम्मू-कश्मीर पुलिस के हजारों कर्मियों को भी तैनात करेगी.

नई दिल्ली: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की. उच्च स्तरीय बैठक में उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला के साथ-साथ खुफिया और सुरक्षा एजेंसियों के प्रमुखों ने भी शिरकत की. इस बैठक में अमरनाथ यात्रा की तैयारियों का जायजा भी लिया गया जो कोरोना महामारी के कारण दो साल स्थगित रहने के बाद 30 जून से शुरू होगी.

बडगाम जिले में 12 मई को सरकारी कर्मचारी राहुल भट की आतंकवादियों ने उनके कार्यालय के अंदर घुसकर हत्या कर दी थी. कश्मीरी पंडित राहुल भट के कत्ल के एक दिन बाद, पुलिस कांस्टेबल रियाज अहमद ठोकर की पुलवामा जिले में उनके आवास पर आतंकवादियों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी. पिछले हफ्ते जम्मू में कटरा के पास एक बस में आग लगने से चार श्रद्धालुओं की मौत हो गई थी और कम से कम 20 अन्य जख्मी हो गए थे.

पुलिस को शक है कि आग लगाने के लिए शायद ‘स्टिकी बम’ (किसी भी सतह पर चिपकने वाले विस्फोट) का इस्तेमाल किया गया था. भट की हत्या के बाद कश्मीरी पंडित समुदाय के सदस्यों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिए हैं. उन्होंने घाटी में प्रदर्शन किया और अपने समुदाय के सरकारी कर्मचारियों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करने तथा उनकी सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है.

जम्मू-कश्मीर की प्रमुख राजनीतिक पार्टियों के साझा मंच ‘गुपकार घोषणापत्र गठबंधन’ ने रविवार को कश्मीरी पंडित कर्मचारियों से अपील की कि वे घाटी छोड़कर नहीं जाएं. गठबंधन ने कहा कि यह उनका घर है और यहां से उनका जाना ‘सभी के लिए पीड़ादायक होगा.’ हिंसा की हालिया घटनाओं के बाद अमरनाथ यात्रा अहम सुरक्षा चुनौती है और इसके सुचारू रूप से संपन्न होने के लिए केंद्र सरकार अर्धसैनिक बलों के कम से कम 12,000 जवानों के साथ-साथ जम्मू-कश्मीर पुलिस के हजारों कर्मियों को भी तैनात करेगी.

पहाड़ी गुफा में स्थित अमरनाथ मंदिर की वार्षिक यात्रा 2020 और 2021 में कोरोना वायरस महामारी के कारण नहीं हो सकी थी. 2019 में, अनुच्छेद 370 को निरस्त करने से ठीक पहले इसे संक्षिप्त कर दिया गया था. यात्रा में लगभग 3 लाख श्रद्धालुओं के भाग लेने की संभावना है और यह यात्रा 11 अगस्त को समाप्त हो सकती है.

Tags: Amarnath Yatra, Home Minister Amit Shah, Security

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