मोदी सरकार में हुए शांति बनाए रखने के काम, 2024 तक सुलझाएंगे पूर्वोत्तर से जुड़ी शेष समस्याएं: अमित शाह

अमित शाह ने कहा कि गृह मंत्री के रूप में, मैं सभी मुख्यमंत्रियों और पूर्वोत्तर के लोगों को बताना चाहूंगा कि 2024 से पहले शेष समस्याओं का समाधान किया जाएगा. (File Photo)
अमित शाह ने कहा कि गृह मंत्री के रूप में, मैं सभी मुख्यमंत्रियों और पूर्वोत्तर के लोगों को बताना चाहूंगा कि 2024 से पहले शेष समस्याओं का समाधान किया जाएगा. (File Photo)

‘Destination North East 2020’: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को ‘डेस्टिनेशन नॉर्थ-ईस्ट 2020’(Destination North-East 2020) कार्यक्रम का उद्घाटन किया. ‘डेस्टिनेशन नॉर्थ-ईस्ट 2020’ के केंद्र में ‘उभरता हुआ रमणीय स्थल’ है जो पर्यटन स्थलों को मजबूत और आकर्षक बनाने की बात करता है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 27, 2020, 4:34 PM IST
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नई दिल्ली. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Home Minister Amit Shah) ने रविवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार (PM Narendra Modi Government) आने के बाद सालों से लंबित पड़े नॉर्थ ईस्ट (North-East) के कई सारे मुद्दों को सुलझाया गया. उन्होंने कहा कि कई ऐसे मुद्दे भी हैं जो कि फिलहाल नहीं सुलझे हैं उन्हें भी 2024 तक सुलझा लिया जाएगा. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को ‘डेस्टिनेशन नॉर्थ-ईस्ट 2020’ (Destination North-East 2020) के उद्घाटन समारोह पर ये बातें कहीं. अमित शाह ने कहा कई ऐसे मुद्दे थे जो कि लंबे समय से चल रहे थे, जैसे भारत-बांग्लादेश भूमि सीमा समझौता, मणिपुर नाकाबंदी, ब्रू-रींग समझौता, बोडो समझौता, इके अलावा 8 चरमपंथी संगठनों के लगभग 644 कैडर द्वारा आत्मसमर्पण, नरेंद्र मोदी सरकार में किया गया था.

अमित शाह ने आगे कहा कि यह तभी किया जा सकता है अगर कोई उत्तर-पूर्व के मुद्दों को समझता है और उन्हें ईमानदारी से हल करता है. पीएम मोदी के नेतृत्व में शांति बनाए रखने के लिए बहुत सारे काम किए गए हैं. अमित शाह ने कहा कि गृह मंत्री के रूप में, मैं सभी मुख्यमंत्रियों और पूर्वोत्तर के लोगों को बताना चाहूंगा कि 2024 से पहले शेष समस्याओं का समाधान किया जाएगा. बता दें ‘डेस्टिनेशन नॉर्थ-ईस्ट 2020’पूर्वोत्तर की विभिन्न क्षेत्रीय क्षमताओं जैसे पारिस्थितिकी-पर्यटन, संस्कृति, विरासत और कारोबार की विशिष्टता को दर्शाने वाला चार दिन का कार्यक्रम है, जिसका कि रविवार को उद्घाटन किया गया.

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एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि ‘डेस्टिनेशन नॉर्थ-ईस्ट 2020’ पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय का एक वार्षिक कार्यक्रम है जिसका उद्देश्य पूर्वोत्तर क्षेत्र को देश के अन्य हिस्सों तक लेकर जाना और राष्ट्रीय एकीकरण को और मजबूत करने की दिशा में उन्हें करीब लाना है.
पर्यटन पर केंद्रित है ये कार्यक्रम
गृह मंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंस से जरिये कार्यक्रम का उद्घाटन किया और पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास के लिये केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह विशिष्ट अतिथि के तौर पर मौजूद रहे. इस कार्यक्रम में पूर्वोत्तर के सभी मुख्यमंत्री भी मौजूद रहे.

‘डेस्टिनेशन नॉर्थ-ईस्ट 2020’ के केंद्र में ‘उभरता हुआ रमणीय स्थल’ है जो पर्यटन स्थलों को मजबूत और आकर्षक बनाने की बात करता है. यह कार्यक्रम मुख्य रूप से पर्यटन पर केंद्रित है जो संयोग से विश्व पर्यटन दिवस (27 सितंबर) के दिन शुरू किया गया है. ये चार दिवसीय कार्यक्रम में राज्यों और क्षेत्र के पर्यटन स्थलों की ऑडियो विजुअल प्रस्तुति, राज्य के प्रसिद्ध और उपलब्धियां हासिल करने वाले व्यक्तियों के संदेश, प्रमुख स्थानीय उद्यमियों से परिचय कराया जाएगा. इसके साथ ही इसमें हस्तकला, पारंपरिक फैशन और स्थानीय उत्पादों की डिजिटल प्रदर्शनी की सुविधा होगी.

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पर्यटन के साथ उद्यमियों को भी दिया जाता है निमंत्रण
इससे पहले, इस सप्ताह ‘डेस्टिनेशन नॉर्थ ईस्ट- 2020’ के प्रतीक चिन्ह और गीत का अनावरण करते हुए सिंह ने कहा कि ‘डेस्टिनेशन नॉर्थ ईस्ट’ वाराणसी से लेकर नयी दिल्ली और चंडीगढ़ तक सफर कर रहा है. उन्होंने कहा कि, यह महोत्सव केवल पर्यटन के बारे में नहीं है, बल्कि यह संगठनों और विशेष रूप से युवा उद्यमियों के लिए एक निमंत्रण भी है जो कि इस क्षेत्र की असीमित संभावनाओं का लाभ उठाना चाहते हैं. सिंह ने कहा कि कोविड-19 के बाद के दौर में पूर्वोत्तर क्षेत्र भारत के पसंदीदा पर्यटन और व्यावसायिक स्थलों में से एक के रूप में उभरेगा और यह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘वोकल फॉर लोकल’ के मंत्र के साथ ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान के लिए एक महत्वपूर्ण तंत्र का काम करेगा.



उन्होंने कहा कि इस आयोजन का एक प्रयास यह भी है, अब लोग विदेश में कहीं भी जाने के बजाय भारत के सभी रमणीय स्थानों का भ्रमण करें. (भाषा के इनपुट सहित)
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