गृह मंत्री अमित शाह ने बताया- NRC में नाम नहीं आया तो घबराने की ज़रूरत नहीं, बस ये करना होगा...

गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने असम (Assam) में राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) के अंतिम प्रकाशन से संबंधित मुद्दों की समीक्षा की.

News18Hindi
Updated: August 20, 2019, 5:02 PM IST
गृह मंत्री अमित शाह ने बताया- NRC में नाम नहीं आया तो घबराने की ज़रूरत नहीं, बस ये करना होगा...
गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने असम (Assam) में राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) के अंतिम प्रकाशन से संबंधित मुद्दों की समीक्षा की.
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Updated: August 20, 2019, 5:02 PM IST
गृह मंत्री अमित शाह (Home Minister Amit Shah) ने असम में राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (National Register of Citizens NRC) के अंतिम प्रकाशन से संबंधित मुद्दों की समीक्षा की. समीक्षा बैठक में असम के मुख्यमंत्री, केंद्रीय गृह सचिव, मुख्य सचिव असम और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे.

यह निर्णय लिया गया कि NRC से बाहर रहने वालों को सुविधा प्रदान करने के लिए, अपील करने का पूरा अवसर प्रदान करने के लिए राज्य सरकार द्वारा व्यवस्था की जाएगी. हर कोई जिसका नाम अंतिम एनआरसी में नहीं है वह विदेशी ट्रिब्यूनल (एफटी) के सामने मामला ले जा सकता है.

अंतिम एनआरसी के प्रकाशन की प्रारंभिक समय सीमा 31 जुलाई थी, लेकिन इसे सुप्रीम कोर्ट ने 31 अगस्त तक बढ़ा दिया था. शीर्ष अदालत ने समय सीमा बढ़ाते हुए, केंद्र और राज्य सरकार के उन लोगों की समीक्षा के प्रस्ताव को खारिज कर दिया था जिनका नाम एनआरसी के मसौदे में पहले से था.

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सुप्रीम कोर्ट ने कहा था...
केंद्र और राज्य सरकार ने सीमावर्ती जिलों में रहने वाले 20% लोगों के निरीक्षण की मांग की थी. शीर्ष अदालत ने सरकारी अधिकारियों को भी असम एनआरसी के संबंध में आधार जैसी गोपनीयता बनाए रखने के लिए कहा है.
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इससे पहले, सुप्रीम कोर्ट ने एनआरसी समन्वयक प्रतीक हजेला को 31 जुलाई की प्रारंभिक समय सीमा को पूरा करने के लिए जल्दबाजी में काम पूरा नहीं करने के लिए कहा था. अदालत ने सूची के संबंध में विवादों पर मीडिया रिपोर्टों का भी उल्लेख किया था, ऐसी रिपोर्ट हमेशा नहीं होती है गलत. अदालत ने हजेला को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा था कि असम एनआरसी में कोई विसंगति नहीं है.

क्या है एनआरसी?
असम में आरोप लगता रहा है कि यहां बड़े स्तर पर बांग्लादेश अप्रवासियों ने शरण ली है. उन्होंने किसी तरह खुद को वहां नागरिक माने जाने के दस्तावेज भी तैयार करा लिए हैं. लेकिन इन अप्रवासियों के कारण कई तरह की समस्याएं असम में पैदा हो रही है.

असम में पिछले तीन दशकों में इसे लेकर कई बड़े आंदोलन हुए कि अवैध अप्रवासियों को असम से बाहर किया जाए. 1985 में इस संबंध में एक समझौता हुआ. जिसके फ. एनआरसी का मतलब है नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजन्स (National Register of Citizens) यानि राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर में नाम रजिस्टर्ड आना.

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First published: August 20, 2019, 3:49 PM IST
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