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बोडो उग्रवादियों ने खत्म की अलग राज्य की मांग, समझौते के बाद अमित शाह बोले- नॉर्थ ईस्ट में होगी शांति

News18Hindi
Updated: January 27, 2020, 2:47 PM IST
बोडो उग्रवादियों ने खत्म की अलग राज्य की मांग, समझौते के बाद अमित शाह बोले- नॉर्थ ईस्ट में होगी शांति
त्रिपक्षीय समझौते पर हुआ हस्ताक्षर

त्रिपक्षीय समझौते पर हस्ताक्षर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल की मौजूदगी में एनडीएफबी के चार धड़ों के शीर्ष नेतृत्व, गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव सत्येंद्र गर्ग और असम के मुख्य सचिव कुमार संजय कृष्ण द्वारा किया गया

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  • Last Updated: January 27, 2020, 2:47 PM IST
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नई दिल्ली. केंद्र सरकार असम (Assam) आधारित प्रतिबंधित उग्रवादी समूह, नेशनल डेमोक्रेटिक फ्रंट ऑफ बोडोलैंड (National Democratic Front of Boroland) के साथ सोमवार को समझौते पर हस्ताक्षर कर दिया है. अब समझौते के बाद इस संगठन की अलग बोडोलैंड राज्य या केंद्र शासित प्रदेश की मांग नहीं करेगी. पिछले  27 सालों में ये तीसरा बोडो समझौता है.

समझौते पर साइन करने के बाद अमित शाह ने कहा कि इस समझौते से असम और वोडो का भविष्य बेहद उज्ज्वल होगा. शाह के मुताबिक, NDFB के 1550 लोग 130 हथियारों के साथ 30 जनवरी को सरेंडर करेंगे. उन्होंने ये भी कहा है कि आने वाले दिनों में उनके सारे वादे पूरे किए जाएंगे.

त्रिपक्षीय समझौते पर हस्ताक्षर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल की मौजूदगी में एनडीएफबी के चार धड़ों के शीर्ष नेतृत्व, गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव सत्येंद्र गर्ग और असम के मुख्य सचिव कुमार संजय कृष्ण ने किया.

नहीं होगा राज्य का विभाजन
इस बारे में जानकारी रखने वाले एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, समझौता असम में रहने वाले बोडो आदिवासियों को कुछ राजनीतिक अधिकार और समुदाय के लिए कुछ आर्थिक पैकेज मुहैया कराएगा. अधिकारी ने स्पष्ट किया कि असम की क्षेत्रीय अखंडता बरकरार रखी जाएगी तथा एनडीएफबी की अलग राज्य या केंद्र शासित प्रदेश की प्रमुख मांग पर विचार नहीं किया जाएगा. एक अन्य अधिकारी ने कहा, समझौता राज्य के विभाजन के बिना संविधान की रूपरेखा के अंदर होगा.


जल्द दिया जाएगा अंतिम रूप
अधिकारी ने कहा कि गृहमंत्री समझौते को जल्द से जल्द अंतिम रूप देने को लेकर बहुत उत्सुक हैं ताकि असम में बोडो उग्रवाद समाप्त किया जा सके और राज्य के बोडो बहुल क्षेत्रों में दीर्घकालिक शांति लौटे. समझौते पर हस्ताक्षर करने वाले एनडीएफबी के चार धड़ों का नेतृत्व रंजन दाईमारी, गोविंद बासुमातरी, धिरेन बोरो और बी साओरायगरा द्वारा किया जा रहा है.

साओरायगरा ने एनडीएफबी धड़े का नेतृत्व उसके प्रमुख आई के सोंगबीजीत को हटाकर 2015 में संभाला था. एनडीएफबी साओरायगरा धड़ा म्यामांर स्थित अपने आधार से करीब 15 दिन पहले लौटा था और सरकार के साथ अभियान रोकने के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किया था.

दाईमारी को दो दिन पहले असम में एक जेल से रिहा किया गया, जिससे उसका समझौते में शामिल होना सुविधाजनक बन सके. एनडीएफबी अभी भी एक प्रतिबंधित संगठन है. एनडीएफबी के कुछ उग्रवादी उन 644 उग्रवादियों में शामिल थे जिन्होंने गुरुवार को गुवाहाटी में मुख्यमंत्री सोनोवाल के समक्ष आत्मसमर्पण किया था.

लोगों से लिया जाएगा सुझाव
समझौते में सरकार द्वारा बोडो भाषा, संस्कृति और संबंधित मामलों की रक्षा सुनिश्चित किये जाने की उम्मीद है. साथ ही एक आयोग का गठन किये जाने की भी उम्मीद है जो बोडो लोगों को कुछ विशिष्ट राजनीतिक अधिकार मुहैया कराने के संबंध में असम में विभिन्न वर्गों के लोगों के विचार लेगी. एक खेल विश्वविद्यालय और रोजगार उन्मुखी उच्च शिक्षा संस्थानों की स्थापना का वादा समझौते में शामिल होने की संभावना है.

यह तत्काल स्पष्ट नहीं हो पाया कि वर्तमान बोडोलैंड टेरीटोरियल काउंसिल (बीटीसी) का दर्जे को बढ़ाया जाएगा या नहीं.

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First published: January 27, 2020, 10:53 AM IST
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