गृहमंत्री अमित शाह के इन 15 फैसलों ने दिल्ली में कोरोना के खिलाफ जंग को किया मजबूत

गृहमंत्री अमित शाह के इन 15 फैसलों ने दिल्ली में कोरोना के खिलाफ जंग को किया मजबूत
केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह (फाइल फोटो)

दिल्ली (Delhi) में रिकवरी रेट 70 फ़ीसदी के करीब पहुंच गई है. इसकी सबसे बड़ी वजह है गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) के कारगर कदम.

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नई दिल्ली. दिल्ली में कोरोना वायरस (Coronavirus) के संक्रमण का आंकड़ा एक लाख तक पहुंच चुका है. अब भी यहां कोरोना के मामले लगातार बढ़ रहे हैं. लेकिन इस बीच राहत भरी खबर ये भी है कि दिल्ली (Delhi) में रिकवरी रेट 70 फ़ीसदी के करीब पहुंच गई है. इसकी सबसे बड़ी वजह है गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) के कारगर कदम. उनके निर्देश पर बीते 15 दिनों में केंद्र सरकार, दिल्ली सरकार और अन्य एजेंसियों की मदद से ऐसे कदम उठाए गए हैं, जिसने दिल्ली में कोरोना वायरस के खिलाफ जंग को मजबूत किया है. आइए एक नजर डालते हैं गृह मंत्री अमित शाह के उन 15 महत्वपूर्ण फैसलों पर जिसने दिल्ली में कोरोना पर कड़ा प्रहार किया.

1. अलग-अलग संस्थाओं को विश्वास में लेकर एक टीम का गठन- 14 जून को गृहमंत्री अमित शाह ने एमसीडी दिल्ली सरकार और केंद्र सरकार के नुमाइंदों को मिलाकर एक यूनिफाइड कमांड का गठन किया जिनका काम था कोरोना के खिलाफ लड़ाई में एक साथ काम करना. इसी दिन वीके पाल कमेटी का भी गठन किया गया जिसमें एम्स निदेशक भारत सरकार स्वास्थ्य मंत्रालय के आला अधिकारी और अन्य पेशेवर लोग थे जिन्होंने दिल्ली में कोरोनावायरस का आकलन करना शुरू कर दिया.

2. मैनपावर की कमी को पूरा करना- दिल्ली सरकार की तरफ से अक्सर यह शिकायत आ रही थी उसके पास समुचित स्टाफ नहीं है. अलग-अलग एजेंसियों के साथ बैठक करके यह सुनिश्चित किया गया कि अर्धसैनिक बल रेलवे और सेना के लोग भी दिल्ली में कोरोनावायरस के खिलाफ जंग में साथ आएं और उन्हें भी इस काम में लगाया गया.



3. टेस्टिंग की संख्या में इजाफा- दिल्ली में कम टेस्टिंग एक बहुत बड़ा कारण था कि संक्रमण का पता नहीं लग पा रहा था. तुरंत एक व्यापक रणनीति बनाई गई की टेस्टिंग ज्यादा से ज्यादा हो सके. इसी क्रम में एंटीजन टेस्टिंग पद्धति से दिल्ली में कोरोना वायरस टेस्टिंग की शुरुआत हुई. जिसका नतीजा यह हुआ कि 1 अप्रैल से 14 जून तक दिल्ली में रोजाना औसत कोविड टेस्ट जो 2800 हो रहे थे वह अब बढ़कर 20000 प्रति दिन हो गए है. 14 जून से 30 जून के बीच में 240000 लोगों की जांच की गई.
4. कोरोना टेस्ट की कीमतों में कमी- गृह मंत्री अमित शाह के निर्देश में बनाई गई वीके पाल कमेटी की सिफारिश पर सभी प्राइवेट लैब और अस्पतालों में टेस्टिंग की दर ₹24000 कर दी गई, 14 जून से पहले दिल्ली में टेस्टिंग की दर 4500 रुपए थी.

5. कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग और कंटेनमेंट जोन का बेहतर मैनेजमेंट- दिल्ली में कंटेनमेंट जोन का आकलन कैसे हो उसके लिए दिल्ली सरकार की मदद से एक व्यापक अभियान चलाया गया. जिसके बाद कंटेनमेंट जोन की संख्या 436 निर्धारित की गई और उसी के मुताबिक उन जोन में कॉटैक्ट ट्रेसिंग भी शुरू की गई. इस प्रक्रिया ने इस बात की आशंका को कम कर दिया कि जुलाई के अंत तक जो मामले 5.30 लाख अनुमानित थे वह अब कहीं कम होंगे.

6. डोर टू डोर सर्वे- कोरोना वारस के सर्वे के लिए एनजीओ आरडब्लूए व अन्य सामाजिक संस्थाओं को एक साथ लाया गया और एक सघन सर्वे की प्रक्रिया शुरू की गई जिससे सरकार के पास एक पुख्ता डेटाबेस बन गया.

7. दिल्ली में कोविड बेड की संख्या को तीन गुना करना- 14 जून तक दिल्ली में कोविड बेड की संख्या करीब 10,000 थी जो वर्तमान में 30000 से ज्यादा हो गई है. 10200 बेड का कोविड केयर सेंटर छतरपुर में, करीब 8000 बेड का रेलवे कोच कोविड केयर सेंटर, और डीआरडीओ का 1000 बेड का कोविड केयर सेंटर 15 जून से 30 जून के बीच बनकर तैयार हुआ. इसका नतीजा यह हुआ कि दिल्ली में अब 30,000 से ज्यादा कोविड बेड उपलब्ध हैं.

8. कोरोना इलाज के खर्च में एक तिहाई तक की कमी- आइसोलेशन बेड बिना आईसीयू वेंटिलेटर और आईसीयू वेंटीलेटर के लिए जो इलाज का खर्चा आता था वह एक तिहाई पिछले 15 दिनों में घटाया गया है. दिल्ली के सारे निजी अस्पतालों में अब प्रतिदिन आइसोलेशन का खर्चा 8000, बिना आईसीयू वेंटीलेटर 14000 और आईसीयू वेंटीलेटर के साथ ₹18000 हो गया है.

9. आवश्यक संसाधनों की सप्लाई- पिछले 15 दिनों के दौरान केंद्र सरकार ने दिल्ली सरकार को 500 ऑक्सीजन सिलेंडर 440 वेंटीलेटर और 10,000 ऑक्सीमीटर मीटर दिए हैं.

10. होम आइसोलेशन की रणनीति- दिल्ली में कोरोनावायरस के मामलों को देखते हुए गृह मंत्रालय ने एक विस्तृत होम आइसोलेशन पॉलिसी तैयार की और उस पर दिल्ली सरकार को अमल करने को कहा है.

11. अस्पतालों की कनेक्टिविटी- दिल्ली के सभी जिलों को उनके आसपास से कोरोना वायरस अस्पतालों से जोड़ दिया गया है ताकि जो भी कोरोना वायरस मरीज हैं उनकी जरूरत के हिसाब से प्रशासन उनको सामान या अन्य वस्तुएं मुहैया करवा सके.

12. डॉक्टरों का मनोबल बढ़ाना- सीसीटीवी द्वारा अस्पतालों की गतिविधियों को मॉनिटर करना और डॉक्टरों नर्सों का मनोबल बढ़ाने के लिए लगातार सरकार की ओर से कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं.

13. कोरोना वायरस पीड़ित मृतकों का सम्मान पूर्वक अंतिम संस्कार- पिछले 14 दिनों के दौरान मंत्रालय ने दिल्ली सरकार को निर्देश दिया कि तुरंत शवों का अंतिम संस्कार किया जाए और किसी भी हालत में अस्पतालों में शव ना जमा हो.

14. एनसीआर के लिए संयुक्त रणनीति- पिछले 15 दिनों के दौरान दिल्ली एनसीआर के मुख्यमंत्रियों डीसी एसएससी के साथ गृह मंत्री ने बैठक की और एनसीआर को बतौर एक यूनिट काम करने का निर्देश दिया. इसका नतीजा यह हुआ कि दिल्ली की तरह एनसीआर में भी जरूरतमंद लोगों को मुनासिब दामों में कोरोना वायरस इलाज की सुविधा मिलने लगी.

15. एनसीआर के अस्पतालों को एम्स से निर्देश मिलने की सुविधा- हरियाणा और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्रियों को गृह मंत्री ने निर्देश दिया कि छोटे अस्पतालों को भी इंच की टेलीमेडिसिन और वीडियो कांफ्रेंसिंग सुविधा से जोड़ा जाए ताकि उन्हें भी समय-समय पर कोरोना वायरस को लेकर आधुनिक इलाज की जानकारी मिलती रहे.
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