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राज्यसभा में गृह मंत्रालय ने कहा- किसान आंदोलन से आर्थिक नुकसान, स्थानीय लोगों को हो रही दिक्कत

सिंघू बॉर्डर पर भी किसानों को रोकने के लिए दिल्ली पुलिस ने कंटीले तार लगा दिए हैं. (फोटो गाजीपुर बॉर्डर की)
सिंघू बॉर्डर पर भी किसानों को रोकने के लिए दिल्ली पुलिस ने कंटीले तार लगा दिए हैं. (फोटो गाजीपुर बॉर्डर की)

शिवसेना (Shiv sena) सांसद अनिल देसाई के सवाल के जवाब में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री जी किशन रेड्डी (G Kishan Reddy) ने जवाब दिया. राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की सीमाओं पर बीते 70 दिन से चल रहे किसान आंदोलन (Kisan Andolan) जारी है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 3, 2021, 6:28 PM IST
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नई दिल्ली. राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की सीमाओं पर बीते 70 दिन से चल रहे किसान आंदोलन (Kisan Andolan) से जुड़े एक सवाल पर गृह मंत्रालय ने बजट सत्र (Budget Session) के दौरान राज्यसभा (Rajya Sabha) में जवाब दिया. गृह राज्य मंत्री जी किशन रेड्डी ने राज्यसभा को एक प्रश्न के लिखित उत्तर में बताया कि तीन नये कृषि कानूनों के विरोध में प्रदर्शन कर रहे किसानों के काफिलों ने 26 जनवरी को बलपूर्वक दिल्ली आने की कोशिश की और इसके लिए उन्होंने पुलिस के अवरोधक भी अपने ट्रैक्टरों की मदद से तोड़ डाले.

शिवसेना (Shiv sena) सांसद अनिल देसाई के सवाल के जवाब में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री जी किशन रेड्डी (G Kishan Reddy) ने कहा कि किसानों के आंदोलन से दिल्ली के पड़ोसी राज्यों में लोगों के लिए स्थिति असुविधाजनक हो रही है. साथ ही सरकारों को भारी वित्तीय नुकसान हो रहा है.

शिवसेना के राज्यसभा सांसद अनिल देसाई ने पूछा था कि किसानों से सरकार ने राष्ट्रीय राजधानी को खाली कराने पर क्या कार्रवाई की? जवाब में मंत्रालय ने कहा कि दिल्ली पुलिस ने सूचित किया है कि राष्ट्रीय राजधानी के गाजीपुर, चिल्ला ,टिकरी और सिंघु बॉर्डर पर आंदोलनकारी किसानों द्वारा बॉर्डर अवरूद्ध किए गए हैं. दिल्ली और इसके पड़ोसी राज्यों के निवासियों के लिए स्थिति असुविधाजनक है. कहा कि किसी भी आंदोलन में जनता और सरकारों को वित्तीय नुकसान होता है.




 बिना मास्क पहने बड़ी संख्या में एकत्र हुए- रे़ड्डी
रेड्डी ने कहा 'प्रदर्शनकारियों ने जो किया उसके बाद दिल्ली पुलिस के पास भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले , पानी की धार छोड़ने और हल्का बल प्रयोग करने के अलावा और कोई दूसरा विकल्प नहीं था.' उन्होंने इस बात से इंकार किया कि राष्ट्रीय जांच एजेंसी और प्रवर्तन निदेशालय ने किसानों के आंदोलन को मानवीय आधार पर सहयोग देने के कारण करीब 40 लोगों को समन जारी किया है.

रेड्डी ने यह भी बताया कि किसानों की चिंता के समाधान के लिए सरकार ने किसान नेताओं के साथ 11 दौर की बातचीत की लेकिन इसमे कोई हल नहीं निकल पाया. रेड्डी ने कहा 'उन्होंने आक्रामक रुख अपनाया, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया और लोकसेवकों को अपना दायित्व निर्वाह करने से रोकने के लिए आपराधिक बल का प्रयोग किया जिससे ड्यूटी पर तैनात कई पुलिसकर्मी घायल हो गए.' उन्होंने कहा कि किसानों और प्रदर्शनकारियों ने सामाजिक दूरी का पालन नहीं किया और कोरोना वायरस महामारी के बावजूद ये लोग बिना मास्क पहने बड़ी संख्या में एकत्र हुए.
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