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श्रद्धालु करतारपुर ले जा सकेंगे अधिकतम 7 किलो सामान और 11 हजार रुपये, पढ़ें पूरा नियम

भाषा
Updated: October 24, 2019, 7:36 PM IST
श्रद्धालु करतारपुर ले जा सकेंगे अधिकतम 7 किलो सामान और 11 हजार रुपये, पढ़ें पूरा नियम
करतारपुर कॉरिडोर मामले में गुरुवार को भारत-पाकिस्तान के बीच समझौता हो गया है (फाइल फोटो)

जिन श्रद्धालुओं को करतारपुर साहिब गुरुद्वारे (Kartapur Sahib Gurudwara) की यात्रा की अनुमति मिलेगी, उन्हें यात्रा से मात्र 4 दिन पहले इसके बारे में बताया जाएगा. ऐसे में श्रद्धालुओं (Pilgrims) को पहले से ही अपनी यात्रा का इंतजाम करके रखना होगा.

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लाहौर/डेरा बाबा नानक. पाकिस्तान (Pakistan) के करतारपुर स्थित गुरुद्वारा दरबार साहिब जाने वाले श्रद्धालु अपने साथ अधिक से अधिक 11 हजार रुपये और 7 किलो का सामान ले जा सकेंगे. इससे ज्यादा सामान और रुपये ले जाने की श्रद्धालुओं को अनुमति नहीं होगी. केंद्रीय गृह मंत्रालय ने अपनी डू एंड डोंट्स की एक लिस्ट जारी की है. जिसके मुताबिक 13 साल से कम उम्र के और 75 साल से ज्यादा उम्र के लोगों को अकेले जाने की अनुमति नहीं होगी.

बता दें कि भारत और पाकिस्तान (Pakistan) ने द्विपक्षीय संबंधों में जारी तनाव से प्रभावित हुए बिना गुरुवार को ऐतिहासिक करतारपुर गलियारे (Kartarpur Corridor) को चालू करने संबंधी समझौते पर हस्ताक्षर कर दिए. इससे अब भारत के सिख श्रद्धालु पाकिस्तान स्थित पवित्र दरबार साहिब तक जा पाएंगे.

अंतरराष्ट्रीय सीमा से 4 किमी दूर है गुरुद्वारा
यह गलियारा भारत के पंजाब में डेरा बाबा नानक गुरुद्वारे को करतारपुर स्थित दरबार साहिब से जोड़ेगा जो अंतरराष्ट्रीय सीमा से महज चार किलोमीटर दूर पाकिस्तान में पंजाब (Punjab) प्रांत के नरोवाल जिले में स्थित है.

समझौते पर हस्ताक्षर करने संबंधी कार्यक्रम का आयोजन नरोवाल में भारत-पाकिस्तान सीमा (India-Pakistan Boarder) पर करतारपुर जीरो प्वाइंट पर हुआ. इस समझौते के साथ ही गलियारे को चालू करने में आ रही मुख्य कानूनी बाधा को दूर कर लिया गया है. सिख समुदाय लंबे समय से इस गलियारे को खोलने की मांग कर रहा था.

पाक मीडिया ने कहा पीएम इमरान ने पूरा किया अपना वादा
भारत की तरफ से केंद्रीय गृह मंत्रालय में संयुक्त सचिव एस. सी. एल. दास ने, जबकि पाकिस्तान (Pakistan) की तरफ से पाकिस्तानी विदेश कार्यालय के प्रवक्ता मोहम्मद फैसल ने समझौते पर दस्तखत किए. समझौते पर हस्ताक्षर करने के बाद फैसल ने मीडिया से कहा कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान (PM Imran Khan) ने अपना वायदा पूरा किया है और एक साल के भीतर गलियारे को पूरा कर लिया.
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फैसल ने कहा, ‘‘करतारपुर गलियारे (Kartarpur Corridor) को लेकर समझौते पर पहुंचना कभी आसान नहीं था. भारत के साथ हमारे वैमनस्यपूर्ण संबंधों के चलते नि:संदेह यह बहुत ही कठिन बातचीत (भारत के साथ) थी.’’ उन्होंने कहा कि पाकिस्तान उन बिंदुओं पर कायम रहा है जो उसने गलियारे पर बातचीत के शुरू में प्रस्तावित किए थे.

सातों दिन सूर्योदय से सूर्यास्त तक खुला रहेगा गुरुद्वारा
फैसल ने कहा, ‘‘समझौते के तहत गलियारा सप्ताह के सातों दिन सूर्योदय से सूर्यास्त तक खुला रहेगा. हर रोज कुल पांच हजार भारतीय सिख पहुंचेंगे और उसी दिन वापस चले जाएंगे.’’ उन्होंने कहा, ‘‘उन्हें (तीर्थयात्रियों को) अपनी पहचान के लिए सिर्फ अपना पासपोर्ट लाना होगा और इस पर मुहर नहीं लगाई जाएगी. गुरुद्वारा (दरबार साहिब करतारपुर) आने वाले श्रद्धालुओं की सूची उनके यात्रा कार्यक्रम से 10 दिन पहले भारत द्वारा साझा की जाएगी.’’

समझौते पर हस्ताक्षर होने के तुरंत बाद श्रद्धालुओं का ऑनलाइन पंजीकरण शुरू हो गया. गुरुद्वारा दरबार साहिब में सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानक देव (Guru Nanak Dev) ने अपने जीवन के अंतिम 18 वर्ष बिताए थे. प्रत्येक श्रद्धालु को 20 डॉलर शुल्क का भुगतान करना होगा. भारत ने पाकिस्तान (Pakistan) से भारतीय श्रद्धालुओं से शुल्क नहीं वसूलने का आग्रह किया था.

पाकिस्तानी पंजाब के अन्य गुरुद्वारों में जाने के लिए लेना होगा वीज़ा
फैसल ने कहा कि व्यापक खर्च की तुलना में यह राशि मामूली सी है. यह गुरुद्वारा विश्व का सबसे बड़ा गुरुद्वारा है. उन्होंने कहा, 'आइये और देखिए कि यह एक अद्भुत चीज है.'

प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि इस गलियारे के जरिए पाकिस्तान आने वाले भारतीय सिखों (Indian Sikhs) को पंजाब प्रांत में अन्य गुरुद्वारों तक जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी. उन्होंने कहा कि देश के अन्य गुरुद्वारों या अन्य जगहों को देखने के लिए यात्रियों को वीजा लेना होगा.

हर रोज अनेक लोगों के आने के कारण आतंकवाद की आशंका के बारे में पूछे जाने पर फैसल ने कहा कि गुरुद्वारे के अंदर और आसपास सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं. उन्होंने कहा, 'भारतीय मीडिया (Indian Media) हमसे बहुत नाराज रहता है.' तीन चरण की बातचीत के बाद इस समझौते को अंतिम रूप दिया जा सका.

पाक पीएम 9 नवंबर को गलियारे का औपचारिक उद्घाटन करेंगे
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान गुरु नानक देव की 550वीं जयंती से पहले नौ नवंबर को इस गलियारे का औपचारिक उद्घाटन करेंगे. करतारपुर गलियारे के भारतीय क्षेत्र में आने वाले हिस्से का शिलान्यास उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू (M Venkaiya Naidu) ने पिछले साल नवंबर में पंजाब (Punjab) के गुरदासपुर जिले में किया था. इसके दो दिन बाद, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने नरोवाल में कॉरिडोर की आधारशिला रखी थी.

गलियारा चालू करने संबंधी समझौते पर ऐसे समय हस्ताक्षर हुए हैं जब जम्मू-कश्मीर (Kashmir) से अनुच्छेद 370 (Article 370) के ज्यादातर प्रावधानों को निरस्त करने और राज्य को दो केंद्रशासित प्रदेशों में बांटने के भारत के पांच अगस्त के फैसले के बाद से दोनों देशों के बीच तनाव जारी है.

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First published: October 24, 2019, 6:13 PM IST
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