शास्त्री, मुखर्जी, उपाध्याय की मौत की जांच के लिए नहीं बनेगा आयोग: गृह मंत्रालय

गृह राज्य मंत्री जी किशन रेड्डी ने बुधवार को राज्यसभा को शिरोमणि अकाली दल के सदस्य सरदार सुखदेव सिंह ढींढसा के प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी दी.

News18Hindi
Updated: July 24, 2019, 5:35 PM IST
शास्त्री, मुखर्जी, उपाध्याय की मौत की जांच के लिए नहीं बनेगा आयोग: गृह मंत्रालय
श्यामा प्रसाद मुखर्जी, लाल बहादुर शास्त्री और दीनदयाल मुखर्जी की मौत को संदिग्ध माना जाता रहा है
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Updated: July 24, 2019, 5:35 PM IST
सरकार पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री, संघ परिवार के विचारक डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी ओर दीनदयाल उपाध्याय की ‘संदिग्ध मौत’ की जांच के लिए कोई आयोग गठित करने पर विचार नहीं कर रही है. गृह राज्य मंत्री जी किशन रेड्डी ने बुधवार को राज्यसभा को शिरोमणि अकाली दल के सदस्य सरदार सुखदेव सिंह ढींढसा के प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी दी.

उन्होंने बताया ‘‘शास्त्री, मुखर्जी और उपाध्याय की संदिग्ध मौत की जांच के लिए आयोग गठित करने के संबंध में कुछ अनुरोध हाल ही में प्राप्त हुए हैं. लेकिन वर्तमान में ऐसे किसी प्रस्ताव पर विचार नहीं किया जा रहा है.’’ ढींढसा ने जानना चाहा था कि क्या सरकार शास्त्री, मुखर्जी और उपाध्याय की ‘संदिग्ध मौत’ की जांच के लिए कोई आयोग गठित करने पर विचार कर रही है.

ताशकंद में पाकिस्तान के साथ समझौते के बाद हुई थी लाल बहादुर शास्त्री की मौत
भारत के पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की मौत 11 जनवरी, 1966 को ताशकंद में हो गई थी. इससे मात्र 12 घंटे पहले 10 जनवरी को उन्होंने पाकिस्तान के साथ शांति समझौते पर हस्ताक्षर किए थे. इसके बाद उनकी मौत अचानक हो गई, इस वजह से इस मौत को रहस्यमयी माना जाता है. लाल बहादुर शास्त्री ने भारत के स्वतंत्रता संग्राम में हिस्सा लिया था और हरित क्रांति के जरिए भारत को खाद्यान्न के क्षेत्र में आत्मनिर्भर भी बनाया था.

तत्कालीन मुगलसराय स्टेशन के पास मृत पाए गए थे दीनदयाल उपाध्याय
पं दीनदयाल उपाध्याय की भी संदिग्ध हालत में मौत हुई थी. उनका शव 11 फरवरी, 1968 को दीनदयाल उपाध्याय स्टेशन (जिसे तब मुगलसराय रेलवे स्टेशन कहा जाता था) के पास मिला था. तबसे कई बार उनकी मौत की फिर से जांच किए जाने की मांग उठती रही है. दीनदयाल उपाध्याय विचारक थे. उन्हें जनसंघ के प्रमुख नेताओं में भी गिना जाता था.

कश्मीर में संदिग्ध परिस्थितियों में हुई थी श्यामा प्रसाद मुखर्जी की मौत
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इसके अलावा जनसंघ के संस्थापक रहे श्यामा प्रसाद मुखर्जी की मौत जम्मू-कश्मीर में 23 जून, 1953 को संदिग्ध परिस्थितियों में हुई थी. 1901 में कलकत्ता (अब कोलकाता) में जन्मे मुखर्जी कलकत्ता विश्वविद्यालय के कुलपति भी रह चुके थे. देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू ने उन्हें अपनी पहली सरकार में मंत्री भी बनाया था.

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First published: July 24, 2019, 5:35 PM IST
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