राज्यों को केंद्र का निर्देश, सड़कों और रेलवे ट्रैक पर पैदल न चलें मजदूर

राज्यों को केंद्र का निर्देश, सड़कों और रेलवे ट्रैक पर पैदल न चलें मजदूर
सांकेतिक तस्वीर

केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला (Home Secretary Ajay Bhalla) ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को इसको लेकर एक चिट्ठी लिखी है.

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नई दिल्ली. केंद्र सरकार ने रोड और रेलवे ट्रैक पर पैदल चलने वालों प्रवासी मजदूरों को लेकर चिंता जताई है. इसको लेकर केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला (Home Secretary Ajay Bhalla) ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को एक चिट्ठी लिखी है. उन्होंने इसके तहत राज्य सरकारों को कहा है कि वो इन मजदूरों को श्रमिक स्पेशल ट्रेनों में भजने के लिए सहयोग करें. साथ ही फंसे हुए प्रवासी मजदूरों को सारी सुविधाएं भी दें. साथ ही केॆद्र ने राज्य सरकारों से ये भी कहा है कि वो मेडिकल स्टाफ को बॉर्डर पर न रोकें. ऐसे करना कोरोना के इलाज को रोकना है.

घर भेजने के इंतजाम किए जाएं
इस चिट्ठी में गृह सचिव ने 10 मई को हुई वीडियो कॉन्फ्रेंसिग के जरिए बैठक का जिक्र किया है. बैठक में रोड और रेलवे ट्रक पर पैदल चलने वाले मजदूरों को लेकर गंभीर चिंता जताई गई है. चिट्ठी में लिखा है कि सरकार ने मजदूरों को वापस उनके घर भेजने के लिए श्रमिक स्पेशल ट्रेन और बसों का इंतजाम किया है. उन्होंने पत्र में कहा, 'चिकित्सा पेशेवरों और पराचिकित्सक स्टाफ की आवाजाही पर किसी तरह की पाबंदी कोविड और गैर-कोविड चिकित्सा सेवाओं में गंभीर बाधाएं पहुंचा सकती है.

पैदल न चलें मजदूर
ऐसे में राज्य सरकारों से कहा गया है कि ये सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी मजदूर पैदल न चलें. अगर वो किसी मजदूर को पैदल जाते हुए रोड और रेलवे ट्रैक पर देखें तो उन्हें तुरंत किसी शेल्टर होम में भेजा जाए साथ ही उनके लिए मुफ्त खाने के इंतजाम भी किए जाएं. मजदूरों को तब तक वहां रोका जाए जब तक किसी श्रमिक स्पेशल ट्रेन या फिर बस से उन्हें भजने का इंतजाम हो सके.



रेलवे को सहयोग करें
राज्य सरकार से रेलवे को सहयोग करने के लिए भी कहा गया है जिससे कि ज्यादा से ज्यादा श्रमिक स्पेशल ट्रेनें चलाकर प्रवासी मजदूरों को घर भेजा जा सके. केंद्र ने कहा है कि कोशिश ये की जाए कि मजदूरों को उनके गांव भेजने में कोई रुकावट न आए.

पैदल घर लौट रहे  हैं मजदूर
बता दें कि लॉकडाउऩ लगने के बाद से प्रवासी मजदूर देश के कई हिस्से में फंस गए हैं. उनके रहने खाने के इंतजाम भी किए गए हैं. लेकिन इसके बावजूद ये किसी तरह अपने घर पहुंचना चाहते हैं. कई लोग सैकड़ों किलोमीटर पैदल चलकर अपने गांव पहुंच रहे हैं. पिछले दिनों महाराष्ट्र के औरंगाबाद में एक दर्दनाक हादसे में 17 प्रवासी मजदूरों की ट्रेन से कटकर मौत हो गई थी. केंद्र सरकार ने पिछले हफ्ते से श्रमिक स्पेशल ट्रेन की शुरुआत की है और इससे मजदूरों को वापस भेजा जा रहा है.

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