चंद्रयान से संपर्क टूटा पर उम्मीद कायम, PM मोदी ने देश को किया संबोधित

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Updated: September 7, 2019, 8:28 AM IST
चंद्रयान से संपर्क टूटा पर उम्मीद कायम, PM मोदी ने देश को किया संबोधित
चंद्रयान से संपर्क टूटा पर उम्मीद कायम, आज सुबह 8 बजे देश को संबोधित करेंगे PM मोदी.

Chandrayaan 2 : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) शनिवार सुबह 8 बजे बेंगलुरु स्थित इसरो (ISRO) सेंटर से देश को संबोधित करेंगे. माना जा रहा है कि वे चंद्रयान-2 (Chandrayaan 2) के बारे में देश के लोगों को संबोधित करेंगे. आपको बता दें कि चंद्रयान-2 के लैंडर 'विक्रम का शुक्रवार-शनिवार की दरमियानी रात संपर्क टूट गया था.

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Chandrayaan 2 : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) थोड़ी देर में बेंगलुरु स्थित इसरो (ISRO) सेंटर से देश को संबोधित किया. आपको बता दें कि चंद्रयान-2 के लैंडर विक्रम का शुक्रवार-शनिवार की रात संपर्क टूट गया था.

इसके बाद इसरो सेंटर में मौजूद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, देखिए जीवन में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं. उन्होंने कहा कि यह कोई छोटा अचीवमेंट नहीं है, देश आप पर गर्व करता है. उन्होंने कहा कि फिर से कम्युनिकेशन शुरू हुआ तो अब भी उम्मीद बची है. मेरी तरफ से वैज्ञानिकों को बधाई, आप लोगों ने विज्ञान और मानव जाति की बहुत बड़ी सेवा की है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, मैं पूरी तरह आपके साथ हूं, हिम्मत के साथ चलें. इस दौरान उन्होंने इसरो प्रमुख के. सिवन की पीठ भी थपथपाई. PM मोदी चांद पर 'सॉफ्ट लैंडिंग का सीधा नजारा देखने के लिए बेंगलूरू स्थित इसरो केंद्र पहुंचे थे.



भारत को अपने वैज्ञानिकों पर गर्व है: पीएम मोदी
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मोदी ने सेंटर में ही भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के वैज्ञानिकों से कहा कि देश को उन पर गर्व है और उन्हें हौसला बनाए रखना चाहिए. मोदी ने बाद में एक ट्वीट में कहा, ''भारत को अपने वैज्ञानिकों पर गर्व है. उन्होंने अपना सर्वश्रेष्ठ दिया है और देश को हमेशा गौरवान्वित किया है. यह क्षण हौसला रखने का है और हम हौसला रखेंगे. इसरो अध्यक्ष ने चंद्रयान-2 पर अपडेट दिया. हम आशान्वित हैं और हम अपने अंतरिक्ष कार्यक्रम में कठिन परिश्रम करना जारी रखेंगे.”



चांद की सतह पर उतरने वाला था विक्रम लैंडर
रात करीब 1.38 बजे चंद्रयान-2 ने चांद की सतह पर साफ्ट लैंडिंग करनी थी. साफ्ट लैंडिग के बाद विक्रम लैंडर को चांद की सतह की मैपिंग शुरू करनी थी. अगर चंद्रयान-2 चांद पर सफल लैंडिंग कर पाता तो वह सबसे पहले चांद की सतह की सबसे नजदीकी की तस्वीर इसरो सेंटर को भेजता. इस तस्वीर को भेजने के बाद विक्रम लैंडर चांद की सतह पर उतरने वाला था. नेशनल ज्योग्राफिक भारत की ओर से भेजे गए चंद्रयान-2 की लैंडिंग का एक्सक्लूसिव प्रसारण कर रहा था. इसी के साथ इसरो की आधिकारिक वेबसाइट पर भी चंद्रयान-2 लैंडिंग की लाइव स्ट्रीमिंग की जा रही थी. इसरो की वेबसाइट के अलावा प्रेस इंफॉरमेशन ब्यूरो (PIB) भी अपने YouTube पेज पर इसकी लाइव स्ट्रीमिंग दिखा रहा था.

दक्षिणी ध्रुव क्षेत्र में पहुंचने वाला दुनिया का पहला देश बन जाता भारत
चंद्रयान-2 की अगर 'सॉफ्ट लैंडिंग' हो जाती तो भारत दुनिया में ऐसा करने वाला पहला देश होता. रूस, अमेरिका और चीन के बाद भारत ऐसा करने वाला दुनिया का चौथा तथा चांद के दक्षिणी ध्रुव क्षेत्र में पहुंचने वाला दुनिया का पहला देश बन जाता. चंद्रयान-2 के ऑर्बिटर का जीवनकाल एक साल का बताया जा रहा था. इस दौरान यह चंद्रमा की लगातार परिक्रमा कर हर जानकारी पृथ्वी पर मौजूद इसरो के वैज्ञानिकों को भेजता.

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First published: September 7, 2019, 5:56 AM IST
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