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कोरोना की तीसरी लहर कम घातक! स्टडी में खुलासा- हॉस्पिटलाइजेशन की दर घटी, मौत का आंकड़ा भी कम

कोरोना की तीसरी लहर कम घातक! स्टडी में खुलासा- हॉस्पिटलाइजेशन की दर घटी, मौत का आंकड़ा भी कम

कोरोना वायरस टेस्टिंग (फाइल फोटो)

कोरोना वायरस टेस्टिंग (फाइल फोटो)

Hospitalization Much Lower During Corona Third Wave: ओमिक्रॉन वेरिएंट के कारण देश कोरोना महामारी की तीसरी लहर का सामना कर रहा है. हालांकि पिछली अन्य दो लहरों की तुलना में मौजूदा लहर कई मामलों में कम घातक रही. मैक्स हेल्थ केयर हॉस्पिटल द्वारा की गई स्टडी में यह सामने आया है कि कोरोना की तीसरी लहर में आईसीयू बेड्स और ऑक्सीजन की जरुरत ज्यादा नहीं रही. जबकि पहली और दूसरी लहर में इनकी आवश्यकता सबसे ज्यादा हुई थी.

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नई दिल्ली: देश में जारी कोरोना महामारी की तीसरी लहर (Corona Third Wave) में अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों की संख्या और मौत का आंकड़ा पिछली अन्य दो लहरों की तुलना में बेहद कम रहा है. मैक्स हेल्थ केयर हॉस्पिटल ने बताया कि, कोरोना की तीसरी लहर में आईसीयू बेड्स और ऑक्सीजन (Oxygen) की जरुरत ज्यादा नहीं रही. जबकि पहली और दूसरी लहर में इनकी आवश्यकता सबसे ज्यादा हुई थी.

यह स्टडी देशभर में मैक्स हेल्थकेयर हॉस्पिटल में भर्ती कोरोना के मरीजों पर की गई. इसमें मरीजों को आईसीयू और ऑक्सीजन की जरुरत, साथ ही कोविड-19 (Covid-19) से होने वाली मौतों को लेकर अध्ययन किया गया और इन आंकड़ों की तुलना कोरोना की पहली और दूसरी लहर के दौरान पैदा हुए हालातों से की गई.

एनडीटीवी में छपी रिपोर्ट के अनुसार, इस स्टडी में यह अहम बात सामने आई है कि ओमिक्रॉन वेरिएंट के कारण देश में आई कोरोना की तीसरी लहर के दौरान अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों की संख्या बेहद कम रही. पहली और दूसरी लहर की तुलना में हॉस्पिटल में आईसीयू बेड्स की जरुरत कम पड़ी.

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मैक्स अस्पताल द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, कोरोना की दूसरी लहर में दिल्ली में रोजाना कोविड-19 के 28 हजार मामले सामने आते थे. इस दौरान दिल्ली में स्थित हमारे सभी अस्पतालों में आईसीयू बेड्स उपलब्ध नहीं थे. लेकिन पिछली लहर की तुलना में इस बार इस तरह का कोई संकट देखने को नहीं मिला है. कोरोना की तीसरी लहर में इस बार दिल्ली में एक दिन में कोविड-19 के रिकॉर्ड एक दिन में 28 हजार केस आए लेकिन इस दौरान अस्पतालों में भर्ती होने वाले मरीजों की संख्या बेहद कम रही. हमारे अस्पतालों में कोई क्राइसिस देखने को नहीं मिला.

मैक्स हॉस्पिटल की इस स्टडी के अनुसार, कोरोना की मौजूदा लहर में अस्पतालों में ऑक्सीजन की जरुरत 23.4 फीसदी रही. जबकि पहली और दूसरी लहर में यह दर क्रमशः 63 और 74 प्रतिशत रही. यह स्टडी मैक्स हेल्थकेयर हॉस्पिटल के ग्रुप डायरेक्टर डॉ संदीप बुद्धिराज के नेतृत्व में की गई. इस अध्ययन के मुताबिक, ओमिक्रॉन वेरिएंट कम घातक है और इस वेरिएंट से संक्रमित मरीजों को अस्पताल में भर्ती करने और ऑक्सीजन व आईसीयू बेड्स की जरुरत कम होती है. वहीं कोरोना की पहली लहर में मृत्यु दर का आंकड़ा 7.2 फीसदी रहा जो कि दूसरी लहर में बढ़कर 10.5 प्रतिशत हो गया. जबकि मौजूदा लहर में यह आंकड़ा 6 फीसदी दर्ज किया गया है.
इस अध्ययन में कहा गया कि, देश में बड़ी आबादी का कोरोना वैक्सीनेशन होने के कारण मौत के आंकड़ों में कमी आई है. एक डाटा के अनुसार मौजूदा लहर में कोविड-19 से हुई कुल 82 मौतों में से 60 फीसदी मौतें उन लोगों की हुई जिनका आंशिक टीकाकरण या वैक्सीनेशन नहीं हुआ था.

Tags: Coronavirus, Omicron

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