तेलंगाना: कोरोना से 32 वर्षीय बेटे की मौत की खबर सुन तुरंत मां की भी गई जान

तेलंगाना: कोरोना से 32 वर्षीय बेटे की मौत की खबर सुन तुरंत मां की भी गई जान
परिवार के कुल सात लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे. (सांकेतिक तस्वीर)

तेलंगाना (Telangana) के संगारेड्डी (Sangareddy) जिले में बीते बुधवार रात कोविड-19 (Covid-19) से संक्रमित एक व्यक्ति की मौत हो गई. उसकी मौत का सदमा 63 वर्षीय मां बर्दाश्त नहीं कर सकी और कुछ ही घंटे के भीतर उनकी भी मौत हो गई.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 14, 2020, 6:04 PM IST
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नई दिल्ली. दक्षिण भारतीय राज्य तेलंगाना (Telangana) के एक परिवार में कोरोना वायरस की वजह से दो मौतें हुई हैं. राज्य के संगारेड्डी (Sangareddy) जिले में बीते बुधवार की रात कोविड-19 (Covid-19) से संक्रमित एक व्यक्ति की मौत हो गई. उसकी मौत का सदमा 63 वर्षीय मां बर्दाश्त नहीं कर सकी और कुछ ही घंटे के भीतर उनकी भी मौत हो गई. गौरतलब है कि इस 13 सदस्यीय परिवार में 7 लोगों को कोरोना संक्रमण हो गया था. जिसके बाद पूरा परिवार ही होम क्वारंटाइन था.

पति-पत्नी दोनों मिले थे कोरोना पॉजिटिव
स्थानीय अखबार में प्रकाशित खबर के मुताबिक परिवार जिले के नारायणखेड़ इलाके में रहता है. मंगलवार की सुबह 32 वर्षीय व्यक्ति और उसकी पत्नी का कोरोना टेस्ट पॉजिटिव निकला था. डॉक्टरों ने दोनों को होम क्वारंटाइन की सलाह दी. इसे लेकर डॉक्टरों पर आरोप भी लग रहे हैं कि उन्होंने परिवार के अन्य बुजुर्ग सदस्यों के बारे में नहीं सोचा. इसके बाद बुधवार को इसी परिवार के पांच और सदस्य कोरोना पॉजिटिव पाए गए.

मौत के बाद डेड बॉडी को हाथ भी नहीं लगाया 
बुधवार की रात को उस व्यक्ति की मौत घर के सोफे पर आराम करने के दौरान ही हो गई. मौत से घबराए परिवार वालों ने उस व्यक्ति को छुआ भी नहीं और सोफे सहित उठाकर घर के बाहर रख दिया. सोफे पर पड़ा शव घंटों तक बारिश में भीगता रहा. परिवार वालों ने रात को इस बात की जानकारी उस व्यक्ति की मां को नहीं दी. अलसुबह जब उन्हें इसके बारे में बताया गया तो वो तुरंत ही मूर्छित हो गईं और उनकी मौत हो गई.



पड़ोसियों ने नहीं की मदद
बताया जा रहा है कि मां की मौत के बाद भी पड़ोसियों ने परिवार की मदद नहीं की. दोपहर में जब स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी आए तभी दोनों शवों का अंतिम संस्कार किया गया. आस-पास के लोगों का मानना है कि डॉक्टरों ने अगर संक्रमित व्यक्ति को अस्पताल में भर्ती कर लिया तो शायद इतनी बड़ी त्रासदी होने से बच जाती. परिवार का भी कहना है कि उन्हें कोविड किट अस्पताल की तरफ से मुहैया नहीं कराई गई थी.
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