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केरल विधानसभा में BJP MLA ने घंटों तक किया कृषि कानूनों के खिलाफ प्रस्ताव का समर्थन, बाद में नकारा

भाजपा विधायक ओ राजगोपाल (Photo-ANI)
भाजपा विधायक ओ राजगोपाल (Photo-ANI)

Farm Laws: सत्र के बाद राजगोपाल ने पत्रकारों से कहा, ‘‘प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया. मैंने कुछ बिंदुओं (प्रस्ताव में) के संबंध में अपनी राय रखी, इसको लेकर विचारों में अंतर था जिसे मैंने सदन में रेखांकित किया.’’

  • News18Hindi
  • Last Updated: December 31, 2020, 4:58 PM IST
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तिरुवनंतपुरम. एक अप्रत्याशित घटना के तहत केरल विधानसभा (Kerala Assembly) में भाजपा (BJP) के एकमात्र विधायक ओ राजगोपाल (MLA O Rajgopal) ने सदन में उस प्रस्ताव का समर्थन किया जिसमें विवादित केंद्रीय कृषि कानूनों (Farm Laws) को रद्द करने की मांग गई है और जिनके खिलाफ दिल्ली की सीमा पर किसान प्रदर्शन (Farmer Protest) कर रहे हैं. केरल विधानसभा के विशेष सत्र में गुरुवार को मुख्यमंत्री पिनरई विजयन (CM Pinarayi Vijayan) ने प्रस्ताव रखा जिसे सत्तारूढ़ वाम लोकतांत्रिक मोर्चे (Left Democratic Front), विपक्षी कांग्रेस नीत संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चे (यूडीएफ) और भाजपा के समर्थन से सर्वसम्मति से पारित किया गया.

सत्र के बाद राजगोपाल ने पत्रकारों से कहा, ‘‘प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया. मैंने कुछ बिंदुओं (प्रस्ताव में) के संबंध में अपनी राय रखी, इसको लेकर विचारों में अंतर था जिसे मैंने सदन में रेखांकित किया.’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैंने प्रस्ताव का पूरी तरह से समर्थन किया.’’ जब राजगोपाल का ध्यान इस ओर आकर्षित कराया गया कि प्रस्ताव में तीनों केंद्रीय कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग की गई है, तब भी उन्होंने प्रस्ताव का समर्थन करने की बात कही.

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केंद्र सरकार के खिलाफ बयान देने की खबरों को बताया निराधार
राजगोपाल ने कहा, ‘‘मैंने प्रस्ताव क समर्थन किया और केंद्र सरकार को तीनों कृषि कानूनों को वापस लेना चाहिए.’’ उन्होंने कहा कि वह सदन की आम राय से सहमत हैं.’’ बाद में उन्होंने कहा मैंने केरल विधानसभा में आज कृषि कानूनों के खिलाफ प्रस्ताव का पुरजोर विरोध किया है. मैंने केंद्र सरकार का विरोध नहीं किया. मैंने कहा कि कृषि कानून किसानों के लिए बहुत फायदेमंद थे. मेरे केंद्र सरकार के खिलाफ बयान देने की खबर निराधार है.

उन्होंने कहा मतदान के दौरान, केरल विधानसभा अध्यक्ष ने यह नहीं पूछा कि कौन प्रस्ताव का समर्थन करता है और कौन इसका विरोध करता है. इसे अलग से पूछे बिना एक ही सवाल पर घटा दिया गया, जो मानदंडों का उल्लंघन है.

राजगोपाल ने कहा कि यह लोकतांत्रिक भावना है. जब राजगोपाल से कहा गया कि वह पार्टी के रुख के खिलाफ जा रहे हैं तो उन्होंने कहा कि यह लोकतांत्रिक प्रणाली है और हमें सर्वसम्मति के अनुरूप चलने की जरूरत है. हालांकि, विशेष सत्र के दौरान सदन में राजगोपाल ने चर्चा के दौरान कहा था कि नए कानून किसानों के हितों की रक्षा करेंगे और बिचौलियों से बचा जा सकेगा.
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