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VIDEO: कर्नाटक में एक भिखारी के अंतिम संस्कार में जुटे हजारों लोग, जानें क्या थी वजह

VIDEO: कर्नाटक में एक भिखारी के अंतिम संस्कार में जुटे हजारों लोग, जानें क्या थी वजह

अंतिम संस्कार में लगी भीड़. (वीडियोग्रैब ट्विटर)

अंतिम संस्कार में लगी भीड़. (वीडियोग्रैब ट्विटर)

Thousands gather for last rites of beggar: एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक इस भिखारी का नाम बसव था. उसे लोग हुच्चा बसया कहकर भी पुकारते थे. हुच्चा किसी भी व्यक्ति से एक रुपये से ज्यादा भीख नहीं लेता भले ही उसे अधिक पैसे दिए जा रहे हों. हुच्चा की मौत बीते शनिवार को एक सड़क दुर्घटना में हो गई थी. बीते 12 नवंबर को हुच्चा को एक बस ने टक्कर मार दी थी. घायल अवस्था में उसे अस्पताल में भर्ती करवाया गया जहां उसकी मौत हो गई थी. एक स्थानीय व्यक्ति के मुताबिक हुच्चा की मौत के बाद कई संगठन, दुकानदार और लोगों ने आगे आकर अंतिम संस्कार के लिए पैसे इकट्ठा किए. फिर हुच्चा की अंतिम यात्रा में हजारों की भीड़ उमड़ी.

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    बेंगलुरु. कर्नाटक के विजयनगर जिले (Vijayanagara) में एक मेंटली चैलेंज्ड (Mentally Challenged) भिखारी के अंतिम संस्कार (Last Rites) में हजारों लोग शामिल हुए. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल (Viral Video) रहा हो है. सोशल मीडिया पर विजयनगर के लोगों की भावना की तारीफ की जा रही है. एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक इस भिखारी का नाम बसव था. उसे लोग हुच्चा बसया कहकर भी पुकारते थे. हुच्चा किसी भी व्यक्ति से एक रुपये से ज्यादा भीख नहीं लेता था भले ही उसे अधिक पैसे दिए जा रहे हों.

    हुच्चा की मौत बीते शनिवार को एक सड़क दुर्घटना में हो गई थी. 12 नवंबर को हुच्चा को एक बस ने टक्कर मार दी थी. घायल अवस्था में उसे अस्पताल में भर्ती करवाया गया जहां उसकी मौत हो गई. एक स्थानीय व्यक्ति के मुताबिक हुच्चा की मौत के बाद कई संगठनों, दुकानदार और लोगों ने आगे आकर अंतिम संस्कार के लिए पैसे इकट्ठा किए. फिर हुच्चा की अंतिम यात्रा में हजारों की भीड़ उमड़ी.

    हुच्चा को भाग्यशाली मानते थे शहर के लोग
    एक स्थानीय व्यक्ति के मुताबिक-शहर के लोगों का हुच्चा के साथ एक विशेष लगाव था और लोग मानते थे कि वो (हुच्चा) दूसरों के लिए भाग्यशाली है. हुच्चा लोगों को अप्पाजी कहकर पुकारता था जिसका कन्नड़ में मतलब होता है ‘पिता’. लोग उससे आत्मीय भाव के साथ मिलते थे और पैसे भी देते थे. अगर कोई उसे ज्यादा पैसा देता था तो वो वापस कर देता था और सिर्फ एक रुपये अपने पास रखता था.

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    राजनीतिक लोग भी पहचानते थे
    हुच्चा को न सिर्फ शहर के लोग अच्छे से जानते थे बल्कि बड़े राजनीतिक लोग भी उसे पहचानते थे. उसे पहचानने वाले लोगों में  राज्य के पूर्व उपमुख्यमंत्री एमपी प्रकाश और पूर्व मंत्री परमेश्वर नाइक का भी नाम शामिल है.

    सोशल मीडिया पर लोग अंतिम संस्कार में उमड़ी भीड़ को लेकर कमेंट कर रहे हैं और इसे भारत की पहचान की तौर पर व्यक्त कर रहे हैं. लोगों का कहना है कि एक भिखारी के अंतिम संस्कार में भीड़ उमड़ना सच्चे भारत की तस्वीर है.

    Tags: Karnataka, Social media

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