रेयर ब्लड क्लॉटिंग से लिंक के कारण वैश्विक स्तर पर एस्ट्राजेनेका वैक्सीन को झटका!

ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका वैक्सीन से ब्लड क्लॉटिंग की खबरों के बाद कई यूरोपीय देशों में वैक्सीनेशन रोका गया था. (फाइल फोटो)

ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका वैक्सीन से ब्लड क्लॉटिंग की खबरों के बाद कई यूरोपीय देशों में वैक्सीनेशन रोका गया था. (फाइल फोटो)

यूरोपीय यूनियन की संस्था (EU Regulator) ने वैक्सीन पर किसी भी तरह के प्रतिबंध से इनकार किया. लेकिन इसके बावजूद ब्लड क्लॉटिंग के साथ लिंक की खबर ने उन करोड़ों लोगों में चिंता पैदा कर दी, जिन्होंने कम से कम वैक्सीन का एक डोज भी लिया है.

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नई दिल्ली. यूरोपीय औषधि नियामक संस्था (EU Regulator) ने हाल ही में कहा कि उसे ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका वैक्सीन (Oxford-AstraZeneca Vaccine) और रेयर बल्ड क्लॉटिंग के बीच में लिंक मिला है. हालांकि संस्था की तरफ से यह भी कहा गया है कि वैक्सीन से फायदा इतना ज्यादा है कि रेयर ब्लड क्लॉटिंग की घटनाओं की उपेक्षा भी की जा सकती है. यूरोपीय यूनियन की इस संस्था ने वैक्सीन पर किसी भी तरह के प्रतिबंध से इनकार किया. लेकिन इसके बावजूद ब्लड क्लॉटिंग के साथ लिंक की खबर ने उन करोड़ों लोगों में चिंता पैदा कर दी, जिन्होंने कम से कम वैक्सीन एक डोज भी लिया है.

अमेरिकी दवा कंपनियां मॉडर्ना और Pfizer की वैक्सीन के मुकाबले रखरखाव में आसान होने की वजह से एस्ट्राजेनेका की वैक्सीन को दुनियाभर में प्राथमिकता दी जा रही थी. हालांकि Pfizer की वैक्सीन के 95 प्रतिशत एफिकेसी रेट के समक्ष एस्ट्राजेनेका वैक्सीन का एफिकेसी रेट 79 फीसदी ही हैं. ब्लड क्लॉटिंग की खबरों के बाद कई यूरोपीय देशों में इस वैक्सीन से वैक्सीनेशन रोकने की खबरें आई थीं. दक्षिण कोरिया और फिलिपींस ने भी अपने यहां एस्ट्राजेनेका वैक्सीन का वैक्सीनेशन रोक दिया है.

क्या है ये रेयर ब्लड क्लॉटिंग

सेलेबल वेनस साइनस थ्रोबोसिस (CVST) नाम की इस रेयर ब्लड क्लॉटिंग को पहली बार जर्मनी के मेडिकल रेगुलेटर Paul Ehrlich Institute इंस्टिट्यूट ने पकड़ा. मध्य मार्च में इंस्टिट्यूट ने बताया कि ब्लड क्लॉटिंग के मामले ज्यादातर युवा और मध्य उम्र की महिलाओं में सामने आ रहे हैं. इसी के बाद जर्मनी ने इस वैक्सीन का इस्तेमाल 60 वर्ष से कम उम्र के लोगों में बंद कर दिया. जर्मनी के फैसले के बाद कनाडा, स्पेन, फ्रांस और इटली ने भी ऐसे ही कदम उठाए.
किन देशों ने लगाया प्रतिबंध

ऑस्ट्रेलिया ने अपने यहां 50 से कम उम्र लोगों को Pfizer वैक्सीन लगवाने की सलाह दी है. नीदरलैंड्स ने अपने यहां 60 वर्ष से कम उम्र के लोगों का एस्ट्राजेनेका से वैक्सीनेशन पूरी तरह सस्पेंड कर दिया है. दरअसल वहां पर एक महिला की मौत हो गई थी. इसके बाद वैक्सीनेशन के दस हजार से ज्यादा अपॉइंटमेंट कैंसिल कर दिए गए. यूरोप में 4 अप्रैल तक 3.4 करोड़ वैक्सीन लाभार्थियों में से रेयर ब्लड क्लॉटिंग के 222 मामले सामने आए हैं. 22 मार्च तक इस ब्लड क्लॉटिंग की वजह से 18 लोगों की मौत हो गई थी.

भारत और यूके ने क्या किया फैसला



यूनाइटेड किंगडम ने यूरोपीय नियामक संस्था के वक्तव्य के बाद 30 वर्ष से कम उम्र लोगों के लिए दूसरी वैक्सीन की व्यवस्था की बात कही है. अगर भारत की बात करें तो यहां सभी गंभीर मामलों पर निगाह रखी जा रही है. भारत में इससे संबंधी रिपोर्ट इस सप्ताह आ सकती है.

(PRITHA MALLICK की पूरी स्टोरी यहां क्लिक कर मूल रूप में पढ़ी जा सकती है.)
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