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नागरिकता संशोधन बिल: राज्यसभा में कैसे BJD, JDU और बाक़ी दलों ने बढ़ाया BJP के लिए दोस्ती का हाथ?

News18Hindi
Updated: December 12, 2019, 11:45 AM IST
नागरिकता संशोधन बिल: राज्यसभा में कैसे BJD, JDU और बाक़ी दलों ने बढ़ाया BJP के लिए दोस्ती का हाथ?
राज्यसभा में अमित शाह

संसद (Parliament) ने नागरिकता संशोधन विधेयक (Citizenship Amendment Bill) को मंजूरी दे दी जिसमें अफगानिस्तान , बांग्लादेश और पाकिस्तान से धार्मिक प्रताड़ना के कारण भारत आए हिन्दू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई समुदायों के लोगों को नागरिकता प्रदान करने का प्रावधान है.

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  • Last Updated: December 12, 2019, 11:45 AM IST
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(फाज़िल खान)

नई दिल्ली. राज्य सभा में नागरिकता संशोधन बिल (Citizenship Amendment Bill) पास हो गया है. अब इसे कानून में तब्दील होने के लिए सिर्फ राष्ट्रपति के हस्ताक्षर की जरूरत है. बिल के पक्ष में 125 मत पड़े जबकि 105 सदस्यों ने इसके खिलाफ मतदान किया. लोकसभा में इस बिल के पास होने में किसी को संदेह नहीं था. लेकिन राज्यसभा में बीजेपी के लिए रास्ते आसान नहीं थे. हालांकि लोकसभा में जिस तरीके से इस बिल को समर्थन मिला उससे राज्यसभा में भी इसके लिए रास्ते आसान दिखने लगे थे. सवाल उठता है कि आखिर कैसे बीजेपी, जेडीयू और बाकी दलों ने बिल कर खुलकर समर्थन किया.

कहां से मिला समर्थन?
बीजेपी को इस बिल पर जिन पार्टियों का समर्थन मिला उसमें न सिर्फ एनडीए के सहयोगी दल हैं बल्कि कई और दल भी है. एनडीए के सहयोगी जेडीयू ने टालमटोल के बाद आखिरकार बिल के पक्ष में ही वोट दिया. इसके अलावा गैर एनडीए दल जो बिल से समर्थन में सामने आए वो हैं- बीजू जनता दल (BJD), वायएसआर कांग्रेस पार्टी (YSRCP), तेलगू देशम पार्टी (TDP).

BJD और JDU ने बदला खेल
बीजेपी के लिए राज्यसभा में सबसे अहम और खास रहे BJD और JDU के वोट. दोनों दल के कुल मिलाकर 11 सदस्य है. इन दोनों दलों ने लोकसभा में भी वोट दिया था. लेकिन राज्यसभा में JDU के वोट को लेकर सस्पेंस बना हुआ था. दरअसल लोकसभा में वोटिंग के बाद JDU के ही कई नेताओं ने नीतीश कुमार के रुख पर सवाल उठाए थे. इतना ही नहीं कि हाल ही में JDU के कई नेताओं ने कहा था कि कि ये बिल मुस्लिम विरोधी है. जेडीयू के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर ने भी लोकसभा में वोटिंग के बाद नीतीश कुमार पर सवाल उठाए थे. बाद पार्टी ने सफाई देते हुए कहा कि ये उनकी निजी राय है.

बाक़ी दलों का समर्थनAIADMK ने भी बिल का समर्थन किया. हालांकि AIADMK के स्टैंड को लेकर सस्पेंस बना हुआ था. दरअसल इस बिल में श्रीलंकाई तमिल शरणार्थी को जगह नहीं दी गई है. इसके बावजूद AIADMK के सभी 11 सदस्यों ने बिल का समर्थन किया.

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First published: December 12, 2019, 11:12 AM IST
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