12 दिन तक इस फ्लैट में रहा मासूम, पढ़ें किडनैपिंग से शूटआउट तक की पूरी कहानी

12 दिन तक इस फ्लैट में रहा मासूम, पढ़ें किडनैपिंग से शूटआउट तक की पूरी कहानी
गाजियाबाद के साहिबाबाद स्थित एक फ्लैट में बच्चे को बंधक बनाकर रखा गया था.

पूर्वी दिल्ली में गणतंत्र दिवस के ठीक पहले 25 जनवरी की सुबह किडनैपर्स ने स्कूल बस के ड्राइवर को गोली मारकर अंदर बैठे इस बच्चे का अपहरण कर लिया गया था.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 6, 2018, 1:26 PM IST
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दिल्ली पुलिस के क्राइम ब्रांच ने दिलशाद गार्डन से अगवा हुए नर्सरी के छात्र को सोमवार देर रात किडनैपर्स के चंगुल से छुड़ा लिया. पुलिस ने शूटआउट के दौरान एक बदमाश को मार भी गिराया है. किडनैपर्स ने 25 जनवरी को स्कूल जाने के दौरान बच्चे को अगवा कर लिया था. गाजियाबाद के साहिबाबाद स्थित एक फ्लैट में बच्चे को बंधक बनाकर रखा गया था.

न्यूज़18 की टीम साहिबाबाद के शालीमार सिटी के उस फ्लैट में पहुंची, जहां मासूम को 12 दिन तक अगवा करके रखा गया. पुलिस के मुताबिक, किडनैपर्स 505 नंबर के इस फ्लैट में देर रात को आया करते थे. पढ़ें, मासूम की किडनैपिंग से उसके आजाद होने तक की पूरी कहानी...

25 जनवरी की सुबह मासूम अपनी बहन के साथ स्कूल बस से जा रहा था, तभी अचानक दिलशाद गार्डन इलाके में बाइक सवार 2 बदमाशों ने बस ड्राइवर के पैर में गोली मारकर मासूम को अगवा कर लिया था.




किडनैपर्स ने बच्चे को साहिबाबाद के शालीमार सिटी स्थित फ्लैट नंबर 505 में रखा था. बच्चे को किचन के बगल वाले कमरे में रखा गया था. इस कमरे में एक डबल बेड और एक सिंगल सोफे के अलावा और कुछ नहीं था. कमरे में पानी की तीन-चार बोतलें भी मिली हैं. बच्चे को बहलाने-फुसलाने के लिए किडनैपर्स ने किचन में बिस्कुट, कैंडी, टॉपियां और चॉकलेट भी रखे थे, ताकि भूख लगने पर बच्चा रोए न.

साहिबाबाद के इस फ्लैट में बच्चे को अगवा कर रखा गया था.


पुलिस के मुताबिक, बच्चे के लिए 60 लाख रुपये की फिरौती मांगी गई थी. किडनैपर्स व्हाट्सऐप वीडियो चैटिंग के जरिए बच्चे के परिवार से संपर्क कर रहे थे, ताकि पुलिस की पकड़ में न आ सके. 28 जनवरी को जब किडनैपर्स ने फिरौती की रकम के लिए परिवार से कॉन्टेक्ट किया, तो दिल्ली पुलिस को सुराग मिला.

क्राइम ब्रांच की टीम नितिन नाम के किडनैपर्स की निशानदेही पर सोमवार रात करीब 12:30 बजे इस फ्लैट में पहुंची. नितिन इन किडनैपर्स का ही साथी था.

फ्लैट के गेट पर गोलियों के निशान मिले हैं.


क्राइम ब्रांच की टीम ने फ्लैट के दरवाजा खटखटाया, तो पहले अंदर से कोई आवाज़ नहीं आई. जब टीम ने कहा कि वो क्राइम ब्रांच से है, तो अंदर से फायरिंग होने लगी. जवाब में क्राइम ब्रांच की टीम ने भी गोलियां चलाईं.

दीवारों पर मिले गोलियों के निशान.


पुलिस ने बताया कि खुद को घिरा हुआ देख किडनैपर्स ने फिर बच्चे को निशाना बनाने की कोशिश की, जिसके जवाब में पुलिस ने उन्हें गोली मार दी. क्राइम ब्रांच की फायरिंग में रवि नाम का एक किडनैपर्स मौके पर ही ढेर हो गया, जबकि दूसरा किडनैपर पंकज घायल है. इस मुठभेड़ में क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर विनय त्यागी की बुलेटप्रूफ़ जैकेट में भी एक गोली लगी.

न्यूज़18 की टीम को फ्लैट में एक बॉक्स में चूड़ियां और सजने संवरने के सामान भी मिले हैं. ये इस बात की तस्दीक करते हैं कि फ्लैट में कोई महिला भी आती जाती थी.

इसी जगहव पर एक बदमाश ढेर हुआ.




बच्चे के किडनैपर्स के चंगुल से आजाद होने के बाद परिवार ने पुलिस का शुक्रिया अदा किया है. बच्चे के दादाजी ने बताया, "हमें रात 1 बजे बच्चे के बारे में सूचना मिली. हम तुरंत जीटीबी नगर पहुंचे और उसे घर ले आए. डॉक्टरों ने बच्चे को आराम करने की सलाह दी है."

बहरहाल, पूरे मामले में पुलिस की जांच चल रही है. शूटआउट में घायल हुए किडनैपर पंकज का अस्पताल में इलाज चल रहा है.

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