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Delhi Master Plan 2041: मास्टर प्लान 2041 से आखिर कैसे बदल जाएगी दिल्ली की पानी और हवा

मास्टर प्लान 2041

मास्टर प्लान 2041

Delhi Master Plan 2041: दिल्ली का राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीटी) दुनिया के सबसे अधिक आबादी वाले शहरों में से एक है और भारत की आबादी का 1.39% हिस्सा है.

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    नई दिल्ली.  दिल्ली के मास्टर प्लान 2041 (Delhi Master Plan 2041 ) को पिछले हफ्ते आमलोगों के लिए जारी किया गया. मसौदा एमपीडी 2041 को प्राधिकरण की वेबसाइट पर उपलब्ध करा दिया गया है और उस पर लोगों से सुझाव और आपत्तियां मांगी गई हैं. मसौदा योजना में कहा गया है कि दिल्ली मास्टर प्लान 2041 भारत की आजादी के 75वें साल में जारी किया गया है. भारत 2050 तक दुनिया की सबसे बड़ी तीसरी अर्थव्यवस्था बनने के लिए तैयार है. इसके अलावा शहर को पर्यावरण के लिहाज से जिम्मेदार, भविष्य के लिए तैयार और डिजिटल शहर बनाने का लक्ष्य है.

    बता दें कि मास्टर प्लान के जरिये आने वाले सालों में किसी भी शहर की रूपरेखा तैयार की जाती है. मास्टर प्लान को दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने तैयार किया है. डीएमपी के मसौदे में कहा गया है कि राष्ट्रीय राजधानी के लिए पहली बार मास्टर प्लान 1962 में तैयार किया गया था. इसके बाद 2001 और 2021 के मास्टर प्लान बनाए गए. अगले 20 वर्षों के लिए शहर का विकास और हर नया मास्टर प्लान पिछली योजना दस्तावेज़ का एक व्यापक संशोधन है.

    साल 2021 के बारे में क्या कहा गया है
    दिल्ली का राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीटी) दुनिया के सबसे अधिक आबादी वाले शहरों में से एक है और भारत की आबादी का 1.39% हिस्सा है. दिल्ली की जनसंख्या 2031 में 25 मिलियन के करीब होने का अनुमान है और 2041 में लगभग 29.2 मिलियन होगी. साल 1991 में हर एक वर्ग किलोमीटर में 6,352 लोग रहते थे. साल 2011 में ये आंकड़ा 11,320 पर पहुंच गया. यह देखते हुए कि दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के शहरी समूह का केंद्र बिंदु है. ये करीब 55,083 वर्ग किमी में बसा है. ये नोएडा और गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद से घिरा हुआ है.

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    मास्टर प्लान 2041 में क्या है?
    राष्ट्रीय राजधानी में जल संरक्षण के प्रयास के तहत दिल्ली मास्टर प्लान-2041 के मसौदा प्रावधानों में घरेलू उपभोक्ताओं के लिए पेयजल की मांग को तर्कसंगत बनाने और इसे रोजाना प्रति व्यक्ति 60 गैलन से घटाकर 50 गैलन प्रति व्यक्ति करने की आवश्यकता बताई गई है. दिल्ली में 2020 में 1.9 करोड़ लोगों के लिए 60 गैलन प्रति व्यक्ति प्रतिदिन के हिसाब से पेयजल की अनुमानित मांग 114 करोड़ गैलन प्रतिदिन थी. दिल्ली के लिए डीएमपी ने जिन मुद्दों को आगे बढ़ाया है, उनमें पर्यावरण, भूमि उपयोग और परिवहन है.

    साफ हवा-पानी पर ज़ोर
    दिल्ली में सबसे अधिक प्रदूषण है. यहां एक करोड़ से ज्यादा गाड़ियां हैं. लिहाजा मास्टर प्लान में बताया गया है कि कैसे लोगों को पब्लिक ट्रांसपोर्ट इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा. मास्टर प्लान में कहा गया है कि दिल्ली पानी की कमी वाला शहर है. इसके बावजूद पानी के बचाव और नुकसान के लिए कुछ नहीं किया जा रहा है. लिहाजा इस पर खास प्लान तैयार किया गया है.

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