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हरियाणा विधानसभा चुनाव: इन वजहों से हुआ बीजेपी को नुकसान

News18Hindi
Updated: October 25, 2019, 12:12 PM IST
हरियाणा विधानसभा चुनाव: इन वजहों से हुआ बीजेपी को नुकसान
हरियाणा में बीजेपी को जाट और मुस्लिम बहुल सीटों पर नुकसान उठाना पड़ा है

बीजेपी (BJP) को इस बार के विधानसभा चुनाव (Assembly Election) में जाट (Jat) और मुस्लिम (Muslim) बहुल सीटों पर नुकसान उठाना पड़ा है...

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  • Last Updated: October 25, 2019, 12:12 PM IST
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हाल ही में हुए लोकसभा चुनाव में बीजेपी (BJP) ने हरियाणा (Haryana) की सभी 10 लोकसभा सीटें जीती थीं. बीजेपी के 100 फीसदी रिजल्ट पर मनोहर खट्टर (Manohar Khattar) सरकार की खूब तारीफ हुई थी. कहा गया था कि जाट वोटर्स (Jaat vote bank) बीजेपी के साथ हैं. लेकिन इस बार के विधानसभा चुनाव (Assembly Election) में बीजेपी को झटका लगा है. बीजेपी को हरियाणा की कुल 90 विधानसभा सीटों में से 40 सीटों पर जीत हासिल हुई है. 2014 के विधानसभा चुनाव में पार्टी ने 47 सीटों पर कब्जा जमाया था. इस बार बीजेपी को 7 सीटों का नुकसान हुआ है.

जाट-मुस्लिम बहुल सीटों पर हुआ बीजेपी को नुकसान

बीजेपी को जाट बहुल छह निर्वाचन क्षेत्रों में हार मिली है. ये छहों निर्वाचन क्षेत्र 2016 के जाट आरक्षण के लिए हुए आंदोलन के केंद्र में थे. दक्षिण हरियाणा की तीन मुस्लिम बहुल इलाकों में भी बीजेपी को हार मिली है. इस तरह जाट और मुस्लिम बहुल कुल 9 सीटों पर बीजेपी को नुकसान उठाना पड़ा है.

मुस्लिम बहुल दक्षिण हरियाणा के नुह, फिरोजपुर झिरका और पुनहाना में बीजेपी उम्मीदवारों को हार मिली है. इसी तरह रोहतक, झज्जर और सोनीपत जिले की जाट बहुल सीटों पर बीजेपी को नुकसान उठाना पड़ा है. ये सीटें हैं- बेरी, झज्जर, मेहम, बादली, बरोदा और गरही सांपला-किलोई.

हरियाणा में फिर हावी रहा कास्ट फैक्टर

इस बार हरियाणा चुनाव में कास्ट फैक्टर ने बड़ा रोल प्ले किया. जाट बहुल इलाकों में बीजेपी ने जाट उम्मीदवार ही उतारे थे. लेकिन जाटों ने उन्हें भाव नहीं दिया. चुनावों में बीजेपी की छवि गैर जाट पार्टी की बनी रही. बीजेपी के जाट लीडर्स अपने समुदाय के लोगों को अपने पाले में नाकाम रहे.

how jat and muslim dominated assembly seats dented bjp most in haryana assembly election
हरियाणा में फिर कास्ट फैक्टर हावी रहा

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2019 के लोकसभा चुनाव में भी जाट बहुल इन विधानसभा सीटों पर बीजेपी को ज्यादा वोट नहीं मिले थे. हांलाकि बीजेपी दूसरे समुदायों के समर्थन से लोकसभा सीटें जीतने में कामयाब रही थीं. मुस्लिम बहुल इलाकों का भी यही हाल था. लोकसभा चुनाव में इन असेंबली सीट पर बीजेपी उम्मीदवारों को ज्यादा वोट हासिल नहीं हुए थे.

नुह में बीजेपी को सिर्फ 34,258 वोट मिले थे. जबकि कांग्रेस को 82,116 वोट मिले थे. इसी तरह से फिरोजपुर झिरका में बीजेपी को सिर्फ 26,466 वोट मिले थे, जबकि कांग्रेस को 1,08,324 वोट हासिल हुए थे. पुनहाना में बीजेपी को 22,267 वोट मिले थे.

बीजेपी के मुस्लिम उम्मीदवार नहीं जीत पाए

मुस्लिम बहुल नुह पर बीजेपी ने इंडियन नेशनल लोकदल के बागी जाकिर हुसैन को उतारा था. इस सीट पर उन्हें कांग्रेस उम्मीदवार आफताब अहमद ने पटखनी दे दी. उसी तरह से फिरोजपुर झिरका से बीजेपी ने नसीम अहमद को उतारा था. यहां से कांग्रेस प्रत्याशी मम्मन खान ने जीत दर्ज की. इसी तरह से पुन्हाना से बीजेपी ने नौशाम चौधरी को उतारा था. यहां से कांग्रेस के मोहम्मद इलियास जीते. बीजेपी उम्मीदवार तीसरे स्थान पर रहे.

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पिछले विधानसभा चुनाव की तुलना में इस बार बीजेपी को 7 सीटों का नुकसान हुआ है


बीजेपी के जाट उम्मीदवारों को मिली शिकस्त

इसी तरह से जाट बहुल बेरी सीट से कांग्रेस उम्मीदवार डॉ रघुवीर सिंह कादियान ने बीजेपी के विक्रम कादियान को 12,952 वोटों से हराया. झज्जर से कांग्रेस उम्मीदवार गीता भुक्कल ने बीजेपी के राकेश कुमार को 13,751 वोटों से शिकस्त दी.

इसी तरह से बरोडा सीट से कांग्रेस उम्मीदवार श्री कृष्ण हुड्डा ने बीजेपी के योगेश्वर दत्त को 4,840 वोटों से हराया. मेहम में निर्दलीय उम्मीदवार बलराज कुंडू ने कांग्रेस के आनंद सिंह दांगी को 12,233 वोटों से शिकस्त दी. बीजेपी उम्मीदवार शमशेर सिंह तीसरे नंबर पर रहे.

बादली से कांग्रेस के कुलदीप वत्स ने बीजेपी के कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ को 11,245 वोटों से हराया. वहीं गढ़ी सांपला किलोई से कांग्रेस के भूपिंदर सिंह हुड्डा ने बीजेपी के सतीश नंदाल को 58,312 वोटों से शिकस्त दी. ये इस विधानसभा चुनाव में सबसे बड़े अंतर से जीत थी.

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First published: October 25, 2019, 12:12 PM IST
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