ममता को कैसे लगी चोट? खंभा-खंभा छान रही है पुलिस और फोरेंसिक डिपार्टमेंट

नंदीग्राम के जिस इलाके में ममता बनर्जी को चोट लगी वहां के बिजली खंभों पर फोरेंसिक डिपार्टमेंट की सील. (तस्वीर-ani)

नंदीग्राम के जिस इलाके में ममता बनर्जी को चोट लगी वहां के बिजली खंभों पर फोरेंसिक डिपार्टमेंट की सील. (तस्वीर-ani)

हमले के तुरंत बाद ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) ने षड्यंत्र की आशंका जाहिर कर दी थी. इसके बाद बीजेपी की तरफ से मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की गई. अब खबरें आई हैं कि पुलिस उस इलाके में सघन जांच कर रही है. समाचार एजेंसी एएनआई द्वारा शेयर की गई तस्वीरों में नंदीग्राम के इलाके में बिजली के खंभों पर फोरेंसिक डिपार्टमेंट की सील दिखाई दे रही है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 19, 2021, 5:17 PM IST
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कोलकाता. ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) भले ही अस्पताल से डिस्चार्ज की जा चुकी हों लेकिन उन्हें चोट कैसे लगी ये अब भी जांच (Investigation) का मुद्दा है. हमले के तुरंत बाद ममता बनर्जी ने षड्यंत्र की आशंका जाहिर कर दी थी. इसके बाद बीजेपी की तरफ से मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की गई. अब खबरें आई हैं कि पुलिस उस इलाके में सघन जांच कर रही है. समाचार एजेंसी एएनआई द्वारा शेयर की गई तस्वीरों में नंदीग्राम के इलाके में बिजली के खंभों पर फोरेंसिक डिपार्टमेंट की सील दिखाई दे रही है. एजेंसी ने खबर दी है कि पश्चिम बंगाल की फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी ने इलाके के खंभों की भी जांच की है. कई तस्वीरों में ये खंभे साफ देखे जा सकते हैं.

बीते 12 मार्च को ममता बनर्जी को अस्तपताल से छुट्टी दे दी गई थी. डॉक्टरों ने कहा था कि इलाज के बाद ममता अच्छा रिस्पॉन्स कर रही थीं. डॉक्टरों ने ये भी कहा था कि ममता बनर्जी बार-बार छुट्टी दिए जाने का निवेदन कर रही थीं. इसी वजह से उन्हें कुछ निर्देशों के साथ छुट्टी दी गई. राजधानी कोलकाता के एसएसकेएम अस्पताल के डॉक्टरों ने कहा कि ममता बनर्जी के स्वास्थ्य की सात दिनों बाद फिर समीक्षा की जाएगी.


ममता पर हुए हमले को लेकर पश्चिम बंगाल में सभी राजनीतिक दलों की तरफ से काफी बयानबाजी हुई है. सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस ने इसके पीछे किसी षड्यंत्र की आशंका जाहिर की तो बीजेपी की तरफ से निष्पक्ष जांच की मांग की गई है. यहां तक कि चुनाव आयोग को भी इस भी घटनाक्रम को लेकर बयान जारी करना पड़ा.
भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने कहा था, ‘ऐसा हो सकता है कि वह दुर्घटना की शिकार हुई हों, लेकिन यह दावा कि उनको साजिशन धक्का दिया गया, यह स्वीकार्य नहीं है. उनके साथ हर वक्त कई सारे सुरक्षाकर्मी रहते हैं.’उन्होंने कहा था, ‘सहानुभूति हासिल करने के लिए इस तरह के हथकंडे काम नहीं आएंगे. मुझे लगता है कि मामले की सीबीआई से जांच करानी चाहिए.’कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी ने कहा था कि सहानुभूति हासिल करने की इस तरह की तरकीब इस बार काम नहीं आएगी. उन्होंने कहा, ‘बनर्जी राज्य की पुलिस मंत्री हैं और अगर वह सुरक्षित नहीं हैं तो उन्हें तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए.’

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