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वर्ष 47 से अब तक भारत के कितने पायलटों को पाकिस्तान ने पकड़ा, कैसा हुआ सलूक

वर्ष 47 से अब तक भारत के कितने पायलटों को पाकिस्तान ने पकड़ा, कैसा हुआ सलूक

करीब सभी प्रमुख भारत-पाकिस्तान युद्धों में भारतीय पायलटों को पाकिस्तानी सेना ने बंदी बनाया है. जानिए, कब-कब पाकिस्तान इंडियन एयरफोर्स के जवानों को पकड़ा है और इसके बाद उनके साथ क्या सलूक किया गया है.

करीब सभी प्रमुख भारत-पाकिस्तान युद्धों में भारतीय पायलटों को पाकिस्तानी सेना ने बंदी बनाया है. जानिए, कब-कब पाकिस्तान इंडियन एयरफोर्स के जवानों को पकड़ा है और इसके बाद उनके साथ क्या सलूक किया गया है.

करीब सभी प्रमुख भारत-पाकिस्तान युद्धों में भारतीय पायलटों को पाकिस्तानी सेना ने बंदी बनाया है. जानिए, कब-कब पाकिस्तान इंडियन एयरफोर्स के जवानों को पकड़ा है और इसके बाद उनके साथ क्या सलूक किया गया है.

    भारतीय वायुसेना की ओर से दिए बयान के अनुसार बुधवार को इंडियन एयरफोर्स के विंग कमांडर अभिनंदन वर्धमान को पाकिस्तानी सेना ने युद्धबंदी बना लिया है. पाकिस्तान की ओर से जारी वीडियो के अनुसार वो पाकिस्तान में खैरियत से हैं. विंग कमांडर अभिनंदन मिग-21 के क्रैश होने के चलते पाकिस्तानी सेना की चपेट में आ गए.

    हालांकि ये पहला मौका नहीं है जब युद्ध के दौरान किसी भारतीय पायलट को पाकिस्तानी सेना ने बंदी बनाया हो. करीब सभी भारत-पाकिस्तान युद्ध में भारतीय पायलटों को पाकिस्तानी सेना ने बंदी बनाया है. जानिए, कब-कब ऐसा हुआ है और ये भी जानिए कि पकड़े जाने के बाद पाकिस्तान ने उनके साथ कैसा सलूक किया

    भारत-पाक युद्ध 1965, एयर मार्शल (रिटा.) बृजपाल सिंह सिकंद
    भारत-पाक युद्ध 1965 के दौरान तत्कालीन स्क्वाड्रन लीडर बृजपाल सिंह सिकंद को पाक सीमा में पकड़ लिया गया. युद्ध के दौरान वो एक जीनाट विमान उड़ा रहे थे. हवा में अपना पूरा कर वो सुरक्षित जमीन पर उतर चुके थे. लेकिन विमान उतारने के बाद उन्हें एहसास हुआ कि उन्होंने गलती से दुश्मन देश की सीमा के पसरूर में विमान उतार दिया.

    जब उन्होंने उड़ान भरनी चाहिए तब तक रनवे पर पाकिस्तानी सेना की जीप पहुंच गई, जिसने उड़ान में बाधा पहुंचाई. उन्हें घेरकर विमान से नीचे उतरने पर मजबूर कर दिया गया.indo pak war 1971, indo pak war 1965, kargil war 1999, pulwama attake, air strike, surgical strike 2.0, balakot, pakistan, wing commonder abhinandan wardhman

    हालांकि बाद में जेनेवा संधि के तहत उन्हें पाकिस्तान ने रिहा कर दिया. वे एयर मार्शल के पद से रिटायर हुए. उन्होंने साल 1950 में एक फाइटर पायलट के पद से इंडियन एयरफोर्स में शुरुआत की थी. बृजपाल सिंह सिकंद के अनुसार, तब उन्हें पाकिस्तानी सेना ने प्रताड़ित किया था.

    भारत-पाक युद्ध 1971, एयर वाइस मार्शल (रिटा.) आदित्य विक्रम पेठिया
    भोपाल में रह रहे वायुसेना के रिटायर्ड एयर वाइस मार्शल आदित्य विक्रम पेठिया 1971 में युद्ध के दौरान पाकिस्तान में युद्ध बंदी रह चुके हैं.

    रिटायर्ड एयर वाइस मार्शल आदित्य विक्रम पेठिया भारतीय वायुसेना की उस कमान में शामिल थे, जिसने 1971 के भारत-पाक युद्ध के दौरान पाकिस्तान पर एयर अटैक किया. आदित्य विक्रम पेठिया पाकिस्तान की सीमा में युध्द बंदी बना लिए गए. वो पांच महीने वहां युद्ध बंदी रहे. उन्हें जो यातनाएं दी गयीं, उसे बयां करते हुए आज भी उनकी आंखों में गुस्सा उतर आता है. जिनेवा संधि के ज़रिए पांच महीने बाद उनकी रिहाई हुई.

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    न्यूज 18 को दिए एक इंटरव्यू में मार्शल ने बताया कि दिसंबर की ठंड में पाकिस्तानी सेना उन्हें बिना किसी गर्म कपड़े के जमीन पर सुलाती थी. साथ ही कई अन्य तरह से प्रताड़ित करने करती थी.

    भारत-पाक युद्ध 1971, विंग कमांडर हरसरन सिंह गिल
    भारत-पाक युद्ध 1971 के दौरान 3 दिसंबर से 13 दिसंबर तक विंग कमांडर हरसरन सिंह ने वेस्‍टर्न विंग का नेतृत्व किया. वे एक जांबाज सेनानी थे. उन्होंने कई दुश्मन विमानों को धूल चटाई. 13 दिसंबर को हवा में युद्ध के दौरान उन्होंने चार दुश्मन विमानों के छक्के छुड़ा दिए. लेकिन जब चारों दुश्मन जहाज वापस भागने लगे तो उन्होंने अकेले ही अपने मिग 21 विमान से चारों को खदेड़ लिया.indo pak war 1971, indo pak war 1965, kargil war 1999, pulwama attake, air strike, surgical strike 2.0, balakot, pakistan, wing commonder abhinandan wardhman

    लेकिन इसी दौरान पाकिस्तान ने जमीन से हमला कर उनके विमान को गिरा दिया. इसमें वे शहीद हो गए. उनके इस असाधारण वीरता के लिए उन्हें वीर चक्र से नवाजा गया.

    कारगिल युद्ध 1999, लेफ्टिनेंट नचिकेता
    कारगिल ऑपरेशन के दौरान सीमाई इलाके में पहाड़ियों पर बैठे घुसपैठियों को भगाने की कार्रवाई में एक मिग दुर्घटना का शिकार हो गया था. पायलट के विमान को छोड़ने के दौरान पैराशूट अनियंत्रित हो गया, जिसकी वजह से पायलट फ्लाइट लेफ्टिनेंट नचिकेता को पाकिस्तान के इलाके में उतरना पड़ा.

    ये जानकारी होते ही भारत ने रेडक्रॉस और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नचिकेता को छुड़ाने की कोशिशें तेज कर दी थीं. इस बारे में जब न्यूज18 हिन्दी ने विंग कमांडर रिटायर्ड एके सिंह से बात की तो उन्होंने बताया, “27 मई 1999 के दिन, नचिकेता अपने मिग-27 विमान से दुश्मनों के ठिकानों पर हमला कर रहे थे. उन्होंने जैसे ही एक ठिकाने को निशाना बनाकर उसपर 30 एमएम की एक मिसाइल चलाई, उनके मिग-27 विमान का इंजन बंद हो गया. इंजन से चिंगारी और धुआं निकलने लगा.indo pak war 1971, indo pak war 1965, kargil war 1999, pulwama attake, air strike, surgical strike 2.0, balakot, pakistan, wing commonder abhinandan wardhman

    एक कुशल पायलट की तरह उन्होंने हवा में ही विमान के इंजन को फिर से चालू करने की कोशिश की, लेकिन इंजन शुरू नहीं हुआ. विमान से निकलकर वह पैराशूट द्वारा जिस जगह पर उतरे वह बर्फ से ढका दुश्मन का पहाड़ी इलाका था. नचिकेता को पाकिस्तानी सेना ने पकड़ लिया. उन्हें रावलपिंडी की कालकोठरी में बंद कर दिया गया. भारतीय कोशिश, रेडक्रॉस और अंतरराष्ट्रीय समुदाय के दखल के चलते पाकिस्तान को झुकना. उसे नचिकेता को रिहा करने पर मजबूर होना पड़ा.”

    1947 से कारगिल तक, कब-कब पाकिस्तान युद्ध के मैदान में टकराया?

    नचिकेता को आठ दिन बाद 3 जून 1999 को पाकिस्तान ने रिहा कर दिया था. नचिकेता 26 मई से पाकिस्तानी हिरासत में थे. हालांकि नचिकेता भारत लौटने के तीन साल बाद तक इलाज चलता रहा. वे दोबारा साल 2003 में फिर से उड़ान भरने के काबिल हुए. इसकी वजह उन्होंने खुद ही भारत लौटने के बाद कई मीडिया संस्‍थानों को दिए अपने इंटरव्यू में बताई है.

    नचिकेता के अनुसार, “पाकिस्तान में जिस तरह का सलूक मेरे साथ किया जा रहा था, मैंने भारत लौटने की उम्मीद छोड़ दी थी. वहां मुझे कई तरह के शारीरिक और मानसिक कष्ट से गुजरना पड़ा. लेकिन भगवान का शुक्र है कि किस्मत मेरे पक्ष में थी.”

    कारगिल युद्ध 1999, स्क्वाड्रन लीडर अजय आहूजा
    कारगिल युद्ध में जिस दिन लेफ्टिनेंट के नचिकेता पाकिस्तानी चपेट में आए थे, ठीक उसी दिन अजय आहूजा भी एक मिग-21 में हवा में मोर्चा संभाले हुए थे. युद्ध के दौरान एक पाकिस्तानी मिसाइल उनके विमान से आ टकराई. उनका विमान गिर गया. लेकिन इसमें उनकी जान नहीं गई.

    एक रिपोर्ट के अनुसार जब स्क्वाड्रन लीडर अजय आहूजा पाकिस्तान में गिरे तो वे जिंदा थे. लेकिन वहां गिरने के बाद उन्हें गोली मार दी गई. भारत के एयर वाइस-मार्शल एसके मलिक के अनुसार, “आहूजा की हत्या की गई थी. उनके सिर और सीने में गोली लगने के पुख्ता सबूत थे.” भारत ने तब पाकिस्तान पर जेनेवा संधि के उल्लंघन का आरोप भी लगाया था.

    अजय आहूजा राजस्‍थान के कोटा के रहने वाले थे. साल 1985 में उनका चयन फाइटर पायलट के तौर पर भारतीय वायुसेना में हुआ था.

    एयरस्ट्राइक 2019, विंग कमांडर अभिनंदन वर्धमान
    भारतीय वायुसेना के विंग कमांडर अभिनंदन का पाकिस्तानी सेना के चंगुल में फंसना एक सिलसिलेवार घटना के दौरान हुआ. इसकी शुरुआत 14 फरवरी 2019 को जम्मू कश्मीर के पुलवामा में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के एक काफिले पर हुए फिदायीन हमले से हुई. इसमें भारत के 40 जवान शहीद हो गए. इसकी जिम्मेदारी आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने ली.

    जवाबी कार्रवाई में जैश-ए-मोहम्मद के ट्रेनिंग कैंपों के पाकिस्तानी में होने के सबूतों के साथ भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में घुसकर उन्हें तबाह कर दिया. साथ ही बालाकोट स्थित जैश के कैंपों को भी तबाह कर दिया.

    इसमें अंतर्राष्ट्रीय सीमा के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए पाकिस्तन ने अपने लड़ाकू विमान एफ-16 मैदान में उतारे दिए. जवाबी कार्रवाई करते हुए विंग कमांडर अभिनंदन पाकिस्तान की सेना के चपेट में आ गए.

    इस मसले पर पाकिस्तान ने कहा है कि वह हालात सामान्य होने पर विंग कमांडर को रिहा कर देगा.

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