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पश्चिम बंगाल की जेलों के सहारे NRC की मांग को मजबूत करेगी BJP

Suhas Munshi | News18Hindi
Updated: October 23, 2019, 10:25 AM IST

पश्चिम बंगाल (west Bengal) में साल 2021 में होने वाले विधानसभा चुनाव (Assembly) के मद्देनज़र राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB)के तथ्य बीजेपी (BJP) के लिए तृणमूल कांग्रेस (TMC) के खिलाफ लड़ाई में मददगार साबित हो सकते हैं.

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  • Last Updated: October 23, 2019, 10:25 AM IST
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नई दिल्ली. राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के साल 2017 के आंकड़े सोमवार को जारी कर दिए गए हैं. इन आंकड़ों के मुताबिक, देश की जेलों में बंद विदेशी कैदियों में सबसे ज्यादा बांग्लादेश से हैं. इनमें से ज्यादातर बांग्लादेशी कैदी पश्चिम बंगाल की जेलों में बंद हैं. बंगाल में साल 2021 में होने वाले विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र ये दोनों तथ्य बीजेपी के लिए तृणमूल कांग्रेस के खिलाफ मददगार साबित हो सकते हैं. बता दें कि बीजेपी बंगाल में बांग्लादेशी घुसपैठियों का मुद्दा उठाती आई है और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) को लागू करना चाहती है.

दरअसल, बीजेपी अध्यक्ष और गृहमंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने हाल ही में News18 को दिए एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में NRC पर बात की थी. शाह ने जोर देकर कहा था कि 2024 तक पूरे देश में NRC लागू कर दिया जाएगा. उन्होंने ये भी दावा किया था कि 2021 में होने वाले बंगाल चुनाव में एनआरसी एक बड़ा मुद्दा रहेगा.

बंगाल में हैं 61.9 फीसदी बांग्लादेशी कैदी
नवीनतम NCRB रिपोर्ट के मुताबिक, विदेशी कैदियों में सबसे ज्यादा आरोपित (63%) और अंडर ट्रायल (38.6%) कैदी बांग्लादेश के नागरिक हैं. वहीं, बंगाल की जेलों में ही सबसे ज्यादा बांग्लादेशी कैदी हैं. इनकी संख्या कुल विदेशी कैदियों का करीब 61.9 फीसदी है. इसके अलावा पश्चिम बंगाल में ही सबसे ज्यादा (25.6%) विदेशी अंडर ट्रायल कैदी बंद हैं.

गुजरात की जेलों में कैद हैं सबसे ज्यादा पाकिस्तानी
NCRB की ताजा रिपोर्ट से एक और तथ्य सामने आया है. रिपोर्ट के मुताबिक, गुजरात की जेल में बंद विदेशी कैदियों में सबसे ज्यादा पाकिस्तानी नागरिक हैं. गुजरात में कुल 59 पाकिस्तानी कैदी अंडर ट्रायल हैं. गुजरात के बाद जम्मू-कश्मीर का नंबर आता है, जहां 35 पाकिस्तानी कैदी हैं.

घुसपैठ के मुद्दे पर बंगाल चुनाव लड़ेगी बीजेपी
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गृहमंत्री अमित शाह इसके पहले कह चुके हैं कि बीजेपी एनआरसी और घुसपैठ के मुद्दे पर बंगाल विधानसभा चुनाव लड़ेगी. वहीं, बंगाल की सीएम ममता बनर्जी लगातार एनआरसी और सिटिजन अमेंडमेंट बिल का विरोध कर रही हैं. ऐसे में संभव है कि असम की तरह बंगाल में भी एनआरसी से बाहर के लोगों के लिए डिटेंशन कैंप बनाया जाए.

एनआरसी पर ममता बनर्जी ने फिर साफ किया रुख
हालांकि, ममता बनर्जी ने मंगलवार एनआरसी पर एक बार फिर से अपनी सरकार का रुख साफ किया था. उन्होंने कहा था, 'मैं एक बार फिर से साफ कर देना चाहती हूं कि बंगाल में किसी भी हालत में एनआरसी लागू नहीं होने दिया जाए. ऐसे में डिटेंशन कैंप बनाने की भी जरूरत नहीं है.' ममता ने कहा था कि असम में डिटेंशन कैंप इसलिए बनाए गए हैं, क्योंकि वहां बीजेपी की सरकार है. बंगाल में हमारी सरकार है. तृणमूल कांग्रेस सरकार यहां न तो एनआरसी लागू होने देगी और न ही कोई डिटेंशन कैंप बनाया जाएगा.

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First published: October 23, 2019, 9:01 AM IST
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