कुंभ से लेकर कारोबार तक- नए निर्वाचन आयुक्त अनूप चंद्र हर बार मनवाते रहे हैं लोहा

IAS अनूप चंद्र पांडेय की फाइल फोटो

निवार्चन आयुक्त बनाए गए अनूप पांडे मैकेनिकल इंजीनियरिंग से ग्रेजुएट हैं और उन्होंने दर्शनशास्त्र में डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त करने के अलावा मैटेरियल मैनेजमेंट में एमबीए किया है. पांडे को 30 जून, 2018 को राज्य का मुख्य सचिव नियुक्त किया गया था, जहां से वह 31 अगस्त, 2019 को सेवानिवृत्त हुए थे.

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लखनऊ.  राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद (Ramnath Kovind) ने भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के  सेवानिवृत्त अधिकारी अनूप चंद्र पांडेय (Anup Chandra Pandey) को चुनाव आयुक्त (Election Commissioner) नियुक्त किया है. 1984 बैच के अधिकारी पांडे अपनी साफ-सुथरी छवि और कड़ी मेहनत के लिए जाने जाते हैं. राज्य में कल्याण सिंह शासन के दौरान सूचना निदेशक रहे पांडे को प्रयागराज में इन्वेस्टर समित और कुंभ मेले के सफल आयोजन का श्रेय दिया जाता रहा है.

15 फरवरी, 1959 को चंडीगढ़ में जन्मे पांडे मैकेनिकल इंजीनियरिंग से ग्रेजुएट हैं और उन्होंने दर्शनशास्त्र में डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त करने के अलावा मैटेरियल मैनेजमेंट में एमबीए किया है. पांडे को 30 जून, 2018 को राज्य का मुख्य सचिव नियुक्त किया गया था और 31 अगस्त, 2019 को सेवानिवृत्त हुए थे.

इन्वेस्टर्स समिट में 4 लाख करोड़ रुपये से अधिक का Mou हुआ साइन
जब पांडे राज्य में इंफ्रास्ट्रक्चर और औद्योगिक विकास आयुक्त थे, तब राज्य में इन्वेस्टर्स समिट आयोजित किया गया था. इस कार्यक्रम में न केवल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बल्कि उनके साथ शीर्ष उद्योगपति भी मौजूद थे. इस समिट में 4 लाख करोड़ रुपये से अधिक के एमओयू पर भी हस्ताक्षर किए गए थे.

साल 2018 में यूपी इन्वेस्टर्स समिट की सफलता के बाद पांडे को राज्य का मुख्य सचिव नियुक्त किया गया था. साल 2019 में प्रयागराज में आयोजित प्रसिद्ध कुंभ मेला भी उनकी निगरानी में आयोजित हुआ था.

पांडे ने राज्य और केंद्र में भी कुछ प्रमुख पदों पर काम किया है. वह मुख्य सचिव, उद्योग बंधु अध्यक्ष, औद्योगिक विकास आयुक्त, वित्त आयुक्त, नोएडा अध्यक्ष, प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा आदि पदों पर तैनात रहे. वहीं भारत सरकार के लिए पांडे ने ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड्स के अतिरिक्त महानिदेशक के अलावा श्रम और रोजगार मंत्रालय में  संयुक्त सचिव भी रहे हैं.