Home /News /nation /

नेतन्याहू के दौरे से पहले $500 मिलियन की डील रद्द होने से फंस गया था विदेश मंत्रालय

नेतन्याहू के दौरे से पहले $500 मिलियन की डील रद्द होने से फंस गया था विदेश मंत्रालय

नेतन्याहू और सुषमा स्वराज. फोटो- विदेश मंत्रालय

नेतन्याहू और सुषमा स्वराज. फोटो- विदेश मंत्रालय

इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू छह दिन के भारत दौरे पर हैं. अब पीएम मोदी और नेतन्याहू दोनों ही अपनी दोस्ती का प्रदर्शन जोर शोर से कर रहे हैं.

    इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू छह दिन के भारत दौरे पर हैं. अब पीएम मोदी और नेतन्याहू दोनों ही अपनी दोस्ती का प्रदर्शन जोर शोर से कर रहे हैं. मोदी ने नेतन्याहू को 'मेरा दोस्त बीबी' कहकर पुकारा तो इजराइली पीएम भी पीछे नहीं हटे. उन्होंने कहा कि मोदी जब भी उनके साथ योग करना चाहेंगे वह उपलब्ध रहेंगे.

    पिछले साल जुलाई में मोदी के इजराइल दौरे पर भी दोनों की दोस्ती देखने को मिली थी. मोदी भारत के एकमात्र प्रधानमंत्री हैं जिन्होंने इजराइल का दौरा किया है. वहां उनका खास स्वागत किया गया था. तीन दिन के उनके दौरे में नेतन्याहू हर वक्त उनके साथ रहे. उन्होंने मोदी को बीच की सैर भी करवाई थी.

    व्यक्तिगत संबंधों से इतर दोनों देशों के बीच भी कई संधियों पर हस्ताक्षर हुए, इनमें साइबर सिक्योरिटी, सोलर-थर्मल एनर्जी, ऑइल और गैस सेक्टर और स्पेस शामिल हैं. हालांकि तब डिफेंस सेक्टर में कोई बड़ी घोषणा नहीं की गई थी. दोनों देशों के संयुक्त बयान में यह जरूर कहा गया था कि रक्षा क्षेत्र में विकास और रिसर्च के लिए तकनीकों के ट्रांसफर को लेकर बिजनेस मॉडल और पार्टनरशिप पर दोनों देशों के बीच चर्चा जारी है.

    पढ़ेंः इजराइल में क्या हैं नेतन्याहू के भारत दौरे के राजनीतिक मायने

    इजराइल भारत का सबसे बड़ा हथियार सप्लायर है. दोनों के रक्षा संबंध बेहद मजबूत हैं लेकिन कई लोगों की राय है कि खरीदार-विक्रेता के इस रिश्ते में थोड़ा बदलाव आना चाहिए. दोनों देशों को मेक इन इंडिया पर फोकस करते हुए तकनीकों के ट्रांसफर की दिशा में काम करना चाहिए.

    भारत ने इजराइल की राफेल एडवांस्ड डिफेंस सिस्टम्स लिमिटेड से 8000 स्पाइक एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल के लिए 500 मिलियन डॉलर की डील की थी. जिसे नेतन्याहू के दौरे से दो सप्ताह पहले ही रद्द कर दिया गया.

    न्यूज 18 को सूत्रों से पता चला है कि डील रद्द करने की टाइमिंग की वजह से विदेश मंत्रालय एक मुश्किल स्थिति में फंस गया है. भारत ने नेतन्याहू के भारत दौरे से महज डेढ़ महीने पहले यानी नवंबर अंत में यह डील रद्द की थी. यह पिछले 15 सालों में किसी इजराइली पीएम का पहला भारत दौरा है. उनसे पहले साल 2003 में एरियल शैरॉन भारत आए थे. विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने खुद कहा था कि उन्हें इस दौरे का बेसब्री से इंतजार है.

    पढ़ेंः सुषमा-नेतन्याहू के बीच हुई दोनों देशों के संबंध मजबूत बनाने पर चर्चा

    कहा जा रहा है कि डील रद्द करने के भारत के फैसले से इजराइल नाखुश है और संबंधों को बेहतर बनाने के लिए विदेश मंत्रालय को इस मामले में सफाई देने की जरूरत है. न्यूज 18 को यह भी पता चला है कि विदेश मंत्रालय ने रक्षा मंत्रालय से कहा था कि डील रद्द करने का समय उचित नहीं है. एक सूत्र के मुताबिक भले ही इस दौरे का उस डील से कोई संबंध नहीं है लेकिन कहीं न कहीं डील रद्द होने का नेतन्याहू के दौरे पर असर पड़ा है. नेतन्याहू के इस दौरे को भारत-इजराइल के बीच 25 सालों के राजनयिक रिश्तों के उत्सव के रूप में देखा जा रहा है.

    (news18.com  के लिए महा सिद्दीकी)

    Tags: Benjamin netanyahu, Israel, Ministry of External Affairs, Sushma swaraj

    विज्ञापन

    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज

    अधिक पढ़ें

    अगली ख़बर