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45 साल से ज्यादा उम्र के लोगों को 1 मार्च से वैक्सीन लगवाने के लिए करना होगा ये काम

देश में 1 मार्च से 60 साल की उम्र के लोगों का टीकाकरण किया जाएगा (सांकेतिक तस्वीर)

देश में 1 मार्च से 60 साल की उम्र के लोगों का टीकाकरण किया जाएगा (सांकेतिक तस्वीर)

Coronavirus Vaccination: मोदी सरकार के मंत्रिमंडल की बैठक में यह फैसला किया गया कि 60 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों तथा किसी दूसरी बीमारी से ग्रसित 45 वर्ष से ज्यादा उम्र के लोगों को कोरोना वायरस रोधी टीका 1 मार्च से लगाया जायेगा.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 25, 2021, 5:50 AM IST
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नई दिल्ली. सरकार ने बुधवार को फैसला किया कि 60 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों तथा किसी दूसरी बीमारी से ग्रसित 45 वर्ष से ज्यादा उम्र के लोगों को 1 मार्च से कोरोना वायरस रोधी टीका सरकारी केंद्रों पर नि:शुल्क लगाया जायेगा. वहीं, निजी क्लिनिकों एवं केंद्रों पर उन्हें इसके लिए शुल्क देना पड़ेगा. लेकिन गंभीर बीमारी से पीड़ित 45 साल की उम्र से ज्यादा के लोगों को इसके लिए एक हस्ताक्षरित मेडिकल सर्टिफिकेट की जरूरत होगी जिसमें उनकी बीमारी का विवरण होगा. सूत्रों ने बुधवार को इस बात की जानकारी दी.

सूत्रों ने बताया कि अगले दो दिनों में एक सूची जारी की जाएगी जिसमें कि कौन सी बीमारियां गंभीर की श्रेणी में रखी जाएंगी उसकी जानकारी होगी. लेकिन इसमें दिल की पुरानी बीमारियां, फेफड़े, किडनी और लीवर, इसके अलावा डायबिटीज, कैंसर, गंभीर अस्थमा और मानसिक या सीखने की अक्षमता वाले लोग शामिल हो सकते हैं. इसमें इम्युनोसप्रेसेन्ट, बीमार और स्थूल मरीज और अंग, अस्थि मज्जा या स्टेम सेल ट्रांसप्लांट वाले लोग भी शामिल हो सकते हैं.

वैक्सीनेशन सेंटर्स पर ले जाना होगा फॉर्म
सूत्रों ने कहा कि जो लोग इनमें से किसी एक भी कैटेगिरी में आएंगे उन्हें अपनी मेडिकल कंडीशन को लेकर एक फॉर्म भरना होगा और इस पर अपने डॉक्टर के दस्तख्वत कराने होंगे. वैक्सीनेशन सेंटर पर टीका लगवाते समय ये फॉर्म उन्हें लेकर जाना होगा.
बता दें निजी वैक्सीनेशन सेंटरों पर कोविड वैक्सीन शॉट की कीमत 300 रुपये तक हो सकती है. वहीं केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि सरकारी वैक्सीनेशन सेंटर्स पर ये टीका मुफ्त में लगाया जाएगा.



केंद्र ने इसके पहले कहा था कि वह टीकाकरण के लिए लोगों को पंजीकृत कराने हेतु कोविन ऐप का इस्तेमाल करेगी और इसके अंतर्गत उन्हें नजदीक के टीकाकरण केंद्र की जानकारी दी जाएगी. फिलहाल इस ऐप को सिर्फ स्वास्थ्यकर्मी और फ्रंटलाइन वर्कर्स ही इस्तेमाल कर पा रहे हैं.

सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने बुधवार को संवाददाताओं को बताया कि मंत्रिमंडल की बैठक में यह फैसला किया गया कि 60 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों तथा किसी दूसरी बीमारी से ग्रसित 45 वर्ष से ज्यादा उम्र के लोगों को कोरोना वायरस रोधी टीका 1 मार्च से लगाया जायेगा. उन्होंने बताया कि इस श्रेणी में लोगों को 10 हजार सरकारी केंद्रों पर नि:शुल्क टीका लगाया जायेगा. मंत्री ने कहा कि 20 हजार निजी क्लिनिकों या केंद्रों पर टीका लगवाने वालों को शुल्क देना होगा.

दो-तीन दिनों में होगी वैक्सीन की कीमत की घोषणा
जावड़ेकर ने बताया कि यह शुल्क कितना होगा, इसके बारे में विचार विमर्श करने के बाद स्वास्थ्य विभाग दो-तीन दिनों में घोषणा करेगा. उन्होंने कहा कि सरकारी केंद्रों पर नि:शुल्क टीका लगाने के लिये भारत सरकार जरूरी खुराक खरीदेगी और राज्यों को उपलब्ध करायेगी. यह पूछे जाने पर कि क्या लोगों को कोविशिल्ड या कोवैक्सीन में से टीका चुनने का विकल्प होगा, केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘‘ भारत ने दो टीकों को मंजूरी दी है और दोनों टीके प्रभावी हैं और उनकी क्षमता सिद्ध है . ’’

जावड़ेकर ने कहा कि भारत में दुनिया का सबसे बड़ा कोविड-19 टीकाकरण अभियान 16 जनवरी को शुरू हुआ था और अब तक 1,07,67,000 लोगों को टीके लगाये जा चुके हैं . 14 लाख लोगों को दूसरी खुराक भी दी जा चुकी है.

उन्होंने बताया कि प्रथम चरण में स्वास्थ्य कर्मियों और अग्रिम मोर्चे पर तैनात कर्मियों को टीके लगाये जा रहे हैं और इसका खर्च सरकार उठा रही है.

यह पूछे जाने पर कि 60 वर्ष से अधिक आयु के लोगों को टीका लगाने के चरण में क्या प्रधानमंत्री, केंद्रीय मंत्रियों को भी टीका लगाया जायेगा, जावड़ेकर ने कहा कि जो लोग टीका लगवाना चाहते हैं, वे 1 मार्च से शुरू हो रहे अभियान में लगवा सकते हैं.
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