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मिशन पानी: अपने जल संसाधन कैसे बेहतरीन इस्तेमाल कर सकता है भारत?

भारत को जल संरक्षण के क्षेत्र में गंभीरता से काम करना होगा.
भारत को जल संरक्षण के क्षेत्र में गंभीरता से काम करना होगा.

दुनिया के कुल साफ पानी (World Clean Water) का करीब 4 प्रतिशत भारत में है और ये देश के लिए पर्याप्त है. लेकिन जरूरत है इस पानी के उचित प्रबंधन और सही तरीके से पोषित करने की.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 21, 2021, 11:25 PM IST
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भारत की ताजा जल त्रासदी (latest water crisis) के बीच यह तथ्य याद रखना चाहिए कि देश के पास साफ पानी के समृद्ध और विभिन्न स्रोत हैं. इन्हीं जल स्रोतों ने देश में सामुदायिक सफाई और स्वच्छता को आधार दिया. दुनिया के कुल साफ पानी का करीब 4 प्रतिशत भारत में है और ये देश के लिए पर्याप्त है. लेकिन जरूरत है इस पानी के उचित प्रबंधन और सही तरीके से पोषित करने की. करीब 10,360 नदियां हैं जो पूरे देश में बहती हैं. ये तकरीबन 1869 क्यूबिक किलोमीटर पानी का फ्लो तैयार करती हैं. लेकिन ढांचागत दिक्कतों की वजह से इन सभी के पानी तक पहुंच नहीं बनाई जा सकती है. लेकिन ये जल त्रासदी को ठीक करने के लिए हमारी क्षमता को प्रदर्शित करती हैं.

समृद्धि की नदियां
भारत में इतनी बड़ी संख्या में नदियों की मौजूदगी अवसर को पूरी तरीके से न इस्तेमाल करने को दर्शाती हैं. हालांकि गंगा, यमुना और ब्रह्मपुत्र जैसी नदियों को श्रद्धा की निगाह से भी देखा जाता है. इन नदियों की स्थिति बेहतर करने के लिए कुछ उपाय भी किए गए हैं. लेकिन मानव मल और औद्योगिक कचरा इनमें छोड़े जाने के कारण ये नदियां तेजी के साथ प्रदूषित हुई हैं. इस प्रदूषण का सीधा प्रभाव उन लोगों पर पड़ा है जो अपनी आजीविका के लिए इन नदियों पर आश्रित हैं. इन नदियों के जल के उचित प्रबंधन और साफ सफाई से उन लोगों की जिंदगी बेहतर हो सकती है जो इनके आस-पास रहते हैं.

एक और एरिया जहां पर पानी के बेहतर मैनेजमेंट की जरूरत है और वो है अंडरग्राउंड वॉटर. भारत दुनिया में सबसे ज्यादा भूजल का इस्तेमाल करता है. लेकिन इसकी वजह से देश के पानी के स्टॉक में तेजी के साथ कमी आई है. ये सिर्फ लोगों की जिंदगी खतरे में नहीं डालता बल्कि इससे मिट्टी की उत्पादकता भी प्रभावित होती है. इसी वजह से भूजल के उचित इस्तेमाल की आवश्यकता और साथ बारिश के मौसम में जलस्तर को बढ़ाने के प्रयास भी किए जा सकते हैं.
मॉनसून की बारिश का इस्तेमाल


हालांकि क्लामेट चेंज की वजह से मौसम के पैटर्न थोड़ा-बहुत बदलाव पहले से आ चुका है लेकिन फिर भारत में हर साल पर्याप्त बारिश होती है. अगर पूरे की गणना की जाए तो तकरीबन 4000 क्यूबिक किलोमीटर साफ पानी की व्यवस्था बारिश के जरिए की जा सकती है. वर्षा जल संचयन के काफी प्रयासों के बावजूद भी अधिकतर पानी बर्बाद होता है. बारिश के पानी के संचयन की बेहतर व्यवस्था पूरे देश में जल सुरक्षा के दृष्टिकोण से सबसे आसान और सस्ता उपाय है. ये प्रकृति का गिफ्ट है जिसे हमें बर्बाद नहीं होने देना चाहिए.

हालांकि भारत में पानी की समस्या अब काफी विकराल हो चुकी है लेकिन अपने जल संसाधन का बेहतर इस्तेमाल कर इसे हल किया जा सकता है. इसमें व्यक्तिगत प्रयास और रेगुलेटरी मैनेजमेंट की जरूरत होगी. अब जल संरक्षण के विचारों पर काम करने का वक्त आ गया है.
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