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'बाबरी मस्जिद के नीचे कोई मंदिर नहीं' कहने वाले इतिहासकार DN झा का निधन

डीएन झा प्राचीन इतिहास के विद्वान थे. (तस्वीर-विकीपीडिया)

डीएन झा प्राचीन इतिहास के विद्वान थे. (तस्वीर-विकीपीडिया)

डीएन झा (DN Jha) भारत के प्राचीन और मध्यकालीन इतिहास के विद्वान थे. डीएन झा ने राम मंदिर विवाद को लेकर भी एक रिसर्च की थी जिसमें उन्होंने मस्जिद के नीचे मंदिर होने की बात को नकारा था.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 4, 2021, 10:38 PM IST
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नई दिल्ली. भारत के जाने-माने इतिहासकार द्विजेंद्र नारायण झा (DN Jha) का गुरुवार शाम देहांत (Death) हो गया है. झा पिछले कुछ समय से बीमार चल रहे थे. वो भारत के प्राचीन और मध्यकालीन इतिहास के विद्वान थे. डीएन झा ने राम मंदिर विवाद को लेकर भी एक रिसर्च की थी जिसमें उन्होंने मस्जिद के नीचे मंदिर होने की बात को नकारा था. दिल्ली विश्वविद्याल में इतिहास के प्रोफेसर रहे डीएन झा इंडिन काउंसिल ऑफ हिस्टोरिकल रिसर्च के सदस्य भी रहे.

गाय पर अपनी किताब को लेकर विवादों में आ गए थे डीएन झा
डीएन झा ने बीए ऑनर्स की पढ़ाई कलकत्ता विश्वविद्यालय से की थी. इसके बाद उन्होंने पटना युनिवर्सिटी से इतिहास में एमए किया. झा अपनी रिसर्च और किताबों की वजह से विवादों में भी रहे. उनकी किताब द मिथ ऑफ होली काऊ को लेकर काफी विवाद हुआ था. इस किताब में उन्होंने कहा था कि वैदिक और उत्तर वैदिक काल में हिंदुओं में गोमांस भक्षण किया जाता था. सामान्य तौर पर हिंदू धर्म में आस्था की निगाह से देखी जाने वाले गोवंश को लेकर ऐसी रिसर्च पर काफी विवाद हुआ था.

अरुण शौरी ने की थी डीएन झा की आलोचना
अरुण शौरी ने आरोप लगाया था कि डीएन झा ने नालंदा विश्वविद्यालय को बर्बाद किए जाने की घटना पर तथ्यों के साथ तोड-मरोड़ की. इस पर इंडियन एक्सप्रेस में लिखे एक लेख में डीएन झा ने कहा था कि शौरी उनके कहे को गलत तरीके से पेश कर रहे हैं. झा ने अरुण शौरी द्वारा वामपंथी इतिहासकारों पर लिखी गई किताब की भी निंदा की थी.
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