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स्वास्थ्य मंत्री ने पेश किए वैक्सीन स्टॉक के आंकड़े, कहा- राज्यों का विरोध महज दिखावा है

पुणे में कई वैक्सीन सेंटर टीके की कमी के कारण बंद हो चुके हैं.

पुणे में कई वैक्सीन सेंटर टीके की कमी के कारण बंद हो चुके हैं.

Vaccination in India: केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर हर्ष वर्धन (Harsh Vardhan) ने कहा कि केंद्र के पास अब 2.4 करोड़ स्टॉक में हैं और 4.3 करोड़ वैक्सीन प्राप्त की जानी हैं. उन्होंने यह साफ किया है कि सभी राज्यों के लिए पर्याप्त वैक्सीन उपलब्ध है.

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नई दिल्ली. कुछ राज्यों और केंद्र सरकार (Central Government) के बीच वैक्सीन की कमी और स्टॉक (Vaccine Stock) को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है. अब केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर हर्षवर्धन (Dr. Harsh Vardhan) ने गुरुवार को वैक्सीन की कमी की शिकायत करने वाले राज्यों पर निशाना साधा है. उन्होंने राज्यों की तरफ से किए जा रहे विरोध को महज दिखावा बताया है. साथ ही यह साफ किया है कि वैक्सीन आवंटन के आंकड़ों के लिहाज से महाराष्ट्र और राजस्थान शीर्ष 3 राज्यों में हैं. दोनों राज्यों में बीजेपी का शासन नहीं है. बीते दिनों महाराष्ट्र (Maharashtra) के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे (Rajesh Tope) ने गुजरात के साथ राज्य को मिले वैक्सीन स्टॉक की तुलना की थी.

इस दौरान डॉक्टर हर्ष वर्धन ने आंकड़े भी पेश किए हैं. उन्होंने जानकारी दी है कि केंद्र के पास अब 2.4 करोड़ स्टॉक में हैं और 4.3 करोड़ वैक्सीन प्राप्त की जानी हैं. उन्होंने यह साफ किया है कि सभी राज्यों के लिए पर्याप्त वैक्सीन उपलब्ध है. केंद्रीय मंत्री ने कहा 'कुछ राज्यों का केंद्र सरकार के पक्षपात को लेकर विरोध करना महज एक दिखावा है. यह अपनी अक्षमता छिपाने का प्रयास है. कोविड-19 वैक्सीन डोज के आवंटन के आधार पर महाराष्ट्र और राजस्थान शीर्ष 3 में से दो राज्य हैं. दोनों गैर-बीजेपी शासन वाले राज्य हैं.'

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उन्होंने बताया कि अब तक कुल 9 करोड़ से ज्यादा डोज लगाए जा चुके हैं. वहीं, 4.3 करोड़ से ज्यादा की राज्यों को डिलीवरी होनी है. उन्होंने सवाल उठाया 'अब कमी का सवाल कहां उठता है. हम लगातार सप्लाई की निगरानी कर रहे हैं और उसे बेहतर कर रहे हैं.' बुधवार को वर्धन ने महाराष्ट्र और कुछ अन्य राज्यों पर अपनी 'असफलता' छिपाने और वैक्सीन की मांग कर लोगों के बीच डर फैलाने के आरोप लगाए हैं.
(फोटो सोर्स: Twitter/@drharshvardhan)


उन्होंने यह भी कहा है कि वैक्सीन की कमी की शिकायतें पूरी तरह निराधार हैं और महाराष्ट्र समेत राज्यों को टेस्टिंग और कंटेनमेंट रणनीति और वैक्सिनेशन ड्राइव को बेहतर तरीके से लागू करने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र सरकार का 'उदासीन' रवैया वायरस से लड़ने के पूरे देश के प्रयासों को प्रभावित कर रहा है.



विदेश भेजने से घरेलू सप्लाई नहीं हो रही प्रभावित
गुरुवार को विदेश मंत्रालय ने इस बात पर जोर दिया कि भारत ने कोरोना वायरस वैक्सीन के निर्यात पर बैन नहीं लगाया है. मंत्रालय ने कहा है कि देश की घरेलू जरूरतों का ख्याल रखते हुए मेड इन इंडिया वैक्सीन को विदेश भेजा जाना जारी रहेगा. खास बात है कि राज्यों में 'कमी' की शिकायतों के बीच वैक्सीन का निर्यात किया जाना बहस का मुद्दा बन गया था. वहीं, केंद्र का कहना है कि राज्यों को पर्याप्त मात्रा में वैक्सीन दी गई हैं और इनमें से कई राज्य सभी लाभार्थियों को वैक्सीन लगाने में सक्षम नहीं हैं.
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