ट्रेन से मुक्त कराए गए 87 बच्चे, ह्यूमन ट्रैफिकिंग का संदेह

रेलवे सुरक्षा बल, राज्य पुलिस और आईबी ने 93 लोगों को हिरासत में लिया जिनमें 87 नाबालिग लड़के थे

भाषा
Updated: July 12, 2018, 9:46 PM IST
ट्रेन से मुक्त कराए गए 87 बच्चे, ह्यूमन ट्रैफिकिंग का संदेह
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भाषा
Updated: July 12, 2018, 9:46 PM IST
मुंबई जाने वाली एक ट्रेन से 26 लड़कियों को मुक्त कराने की घटना के अभी दस दिन भी नहीं हुए हैं कि गुरुवार को धनबाद-अलपुझा एक्सप्रेस से 87 लड़के संदिग्ध तस्करों से आजाद कराए गए. अधिकारियों के अनुसार यह किसी ट्रेन से एक बार में इतनी बड़ी संख्या में लोगों को बचाने की घटनाओं में एक है.

अधिकारियों के मुताबिक बोकारो में पुलिस ने इन नाबालिगों के साथ चल रहे छह संदिग्ध तस्करों को हिरासत में ले लिया.

बोकारो में आरपीएफ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘राज्य खुफिया ब्यूरो और बाल कल्याण समिति दोनों से ही ऐसी सूचना मिली थी कि कुछ बच्चे तस्करी कर ले जाए जा रहे हैं और वे गाड़ी के एस 3 और एस 6 डिब्बे में हैं.’

उन्होंने कहा, ‘रेलवे सुरक्षा बल, राज्य पुलिस और आईबी ने 93 लोगों को हिरासत में लिया जिनमें 87 नाबालिग लड़के थे.’

अधिकारियों के अनुसार ये लड़के नौ से 17 साल तक के थे.

बच्चों का यह समूह धनबाद में ट्रेन में सवार हुआ था और उन्हें 17 पीएनआर में विभक्त कर दिया गया था. हर टिकट 19 से 27 साल तक के बालिग यात्री ने बुक कराया था. कुछ को विजयवाड़ा उतरना था जबकि कुछ को कोयंबटूर. फिलहाल सभी बच्चे बाल कल्याण समिति के संरक्षण में हैं.

गौरतलब है कि पांच जुलाई को भी मुजफ्फपुर-बांद्रा अवध एक्सप्रेस से 26 नाबालिग लड़कियां मुक्त कराई गई थीं. उनके बारे में एक यात्री ने प्रशासन को सूचना दी थी.
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