गोवा के अस्पताल में शुरू हुआ 'कोवैक्सीन' का ट्रायल, भुवनेश्वनर में भी इस हफ्ते होगी शुरुआत

गोवा के अस्पताल में शुरू हुआ 'कोवैक्सीन' का ट्रायल, भुवनेश्वनर में भी इस हफ्ते होगी शुरुआत
गोवा में कोरोना की वैक्सीन का ह्यूमन ट्रायल शुरू हो गया है. (सांकेतिक तस्वीर)

गोवा (Goa) के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत (CM Pramod Sawant) ने सोमवार को जानकारी दी कि गोवा के एक अस्पताल में कोवैक्सीन (Covaxine) का परीक्षण शुरू हो गया है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: July 20, 2020, 11:59 PM IST
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पणजी. देश में कोविड-19 (Covid-19) का मुकाबला करने के लिए तैयार की जा रही वैक्सीन में से 2 को ह्यूमन ट्रायल (Human Trail) की इजाजत मिल चुकी है. इनमें से एक कोवैक्सीन (Covaxin) ने सोमवार से परीक्षण शुरू भी कर दिया है. गोवा (Goa) में भी एक अस्पताल में इसका परीक्षण किया जा रहा है. गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत (CM Pramod Sawant) ने सोमवार को जानकारी दी कि गोवा के एक अस्पताल में कोवैक्सीन का परीक्षण शुरू हो गया है. प्रमोद सावंत ने ट्वीट किया- "COVID19 के लिए स्वदेशी रूप से विकसित वैक्सीन कोवैक्सीन का मानव परीक्षण गोवा के रेडकर अस्पताल में शुरू हो गया है. यह स्वास्थ्य सेवा नवाचार में भारत की अपार संभावनाओं का प्रमाण है."

वहीं इसी हफ्ते भुवनेश्वर (Bhubneshwar) के एक संस्थान में भी परीक्षण शुरू होगा. आईसीएमआर (ICMR) ने पहले और दूसरे चरण के प्रायोगिक परीक्षण के लिए देश में 12 केंद्रों को चुना है और यह संस्थान भी उनमें से एक है. चिकित्सा विज्ञान संस्थान और सम (आईएमएस एंड सम) अस्पताल की विशेष प्रयोगशाला में भारत के औषधि महानियंत्रक (डीसीजीआई) द्वारा तय प्रोटोकॉल के तहत बीबीवी 152 कोविड टीका या कोवैक्सीन का इंसानों पर परीक्षण बुधवार से शुरू होगा.

दिल्ली एम्स में स्वयंसेवकों की भर्ती शुरू
वहीं एम्स-दिल्ली (AIIMS Delhi) ने देश में विकसित कोविड-19 के टीके ‘कोवैक्सीन’ के मानव परीक्षण के लिए सोमवार को स्वयंसेवियों की भर्ती शुरू कर दी है. यह जानकारी अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के निदेशक रणदीप गुलेरिया ने दी. उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर कोविड-19 के सामुदायिक प्रसार को लेकर कोई अधिक साक्ष्य नहीं हैं. एम्स-दिल्ली उन 12 स्थलों में शामिल है जिन्हें भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) ने ‘कोवैक्सीन’ के पहले और दूसरे चरण के मानव परीक्षण के लिए चुना है.
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1800 लोगों ने कराया रजिस्ट्रेशन
गुलेरिया ने संवाददाताओं से कहा कि पहले चरण में 375 स्वयंसेवियों पर टीके का परीक्षण किया जाएगा जिनमें से सर्वाधिक 100 एम्स से होंगे. दूसरे चरण में, सभी 12 स्थलों से लगभग 750 स्वयंसेवी शामिल होंगे. उन्होंने कहा कि पहले चरण का परीक्षण 18 से 55 साल की उम्र तक के स्वस्थ लोगों पर किया जाएगा जिन्हें कोई सहरुग्णता न हो. परीक्षण के पहले चरण में ऐसी महिलाओं को भी शामिल किया जाएगा जो गर्भवती न हों. गुलेरिया ने कहा कि दूसरे चरण में 750 लोगों को शामिल किया जाएगा जिनकी उम्र 12 से 65 साल के बीच होगी. उन्होंने बताया कि एम्स में परीक्षण के लिए पहले ही लगभग 1,800 लोग अपना पंजीकरण करा चुके हैं.

‘कोवैक्सीन’ आईसीएमआर और राष्ट्रीय विषाणु विज्ञान संस्थान के सहयोग से हैदराबाद स्थित भारत बायोटेक द्वारा विकसित किया जा रहा है. भारत के औषधि महानियंत्रक ने हाल में टीके के मानव परीक्षण की अनुमति दे दी थी. (भाषा के इनपुट सहित)
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