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बेंगलुरु में बांग्लादेशी घुसपैठियों की झुग्गियां बताकर चला दिया बुलडोजर, सभी निकले भारतीय

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Updated: January 21, 2020, 5:53 AM IST
बेंगलुरु में बांग्लादेशी घुसपैठियों की झुग्गियां बताकर चला दिया बुलडोजर, सभी निकले भारतीय
करियम्माना अग्रहारा इलाके की झुग्गियां ढहाए जाने के बाद

झुग्गियों में रहने वाले इस सारे ही लोगों के पास वैध पहचान पत्र निकले. इसमें आधार (Aadhar Card), पैन कार्ड और वोटर आईडी शामिल थे. इसके अलावा जो असम (Assam) से थे, उन्होंने तो अपना नाम भी NRC में दिखा दिया.

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  • Last Updated: January 21, 2020, 5:53 AM IST
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(रेवती राजीवन)

बेंगलुरु. कुछ दिनों पहले बीजेपी विधायक (BJP MLA) अरविंद लिंबावल्ली के उत्तरी बेंगलुरु के करियम्माना अग्रहारा इलाके की झुग्गियों का एक वीडियो ट्वीट (Tweet) किया था, और दावा किया था कि ये झुग्गियां बांग्लादेशी प्रवासियों की हैं. रविवार को इन बस्तियों को तोड़ दिया गया और हजारों लोगों को बेघर कर दिया गया. इस इलाके में पानी और बिजली की सप्लाई तीन दिन पहले ही काट दी गई थी.

झुग्गियों के उजाड़े जाने के बाद, निवासियों ने, जिनमें से ज्यादातर असम (Assam), त्रिपुरा और यहां तक कि कुछ जो उत्तरी कर्नाटक (North Karnataka) से ही हैं उनसे कथित तौर पर जमीन खाली करने को कहा गया.

'झुग्गियों से खराब हो रहा था आसपास के इलाके का माहौल'

बृहत बेंगलुरु महानगर पालिका (BBMP) ने अपने एक पत्र में कहा है कि इन झुग्गियों को अवैध तरीके से गैरकानूनी बांग्लादेशी प्रवासियों ने बनाया था. जिन्होंने इस इलाके को एक मलिन बस्ती में बदल दिया था. इसके चलते आस-पड़ोस के इलाकों की हालत खराब हो रही थी. इस चीज को लेकर म्युनिसिपालिटी के पास बहुत शिकायतें भी आ चुकी थीं.

इससे पहले 11 जनवरी को बेंगलुरु पुलिस ने एक सर्वे नं 35/2 के मालिक को नोटिस दिया गया था कि इस जमीन पर जो झुग्गियां बनाई गई हैं, वे बिना किसी अनुमति के बनाई गई हैं. पुलिस वालों ने दावा किया कि इन झुग्गियों में गैरकानूनी बांग्लादेशी प्रवासी रहते हैं और नोटिस में मालिक से अतिक्रमण हटाने और इसमे रहने वालों के विवरण स्पष्ट करने के लिए कहा गया था.

झुग्गियों में रहने वालों के पास मिले सभी वैध पहचान पत्रहालांकि झुग्गियों को तोड़े जाने के बाद इसमें रहने वाले इस सारे ही लोगों के पास वैध पहचान पत्र निकले. इसमें आधार, पैन कार्ड और वोटर आईडी शामिल थे. इसके अलावा जो असम से थे, उन्होंने तो अपना नाम भी NRC में दिखा दिया.

जब डीसीपी व्हाइटफील्ड एनएन अनुचेथ से पूछा गया कि क्या वे उन्हें (निवासियों को) जारी किए गए झुग्गियां खाली करने के आदेश के बारे में जानते हैं तो उन्होंने कहा, "हमने किसी से भी जाने को नहीं कहा है. हमने सिर्फ वहां के मालिक से रहने वालों की जानकारियां देने के लिए कहा है. यह तब भी है जब हमने अक्टूबर, 2018 में उत्तरी बेंगलुरु के पास से 60 बांग्लादेशी गैरकानूनी प्रवासियों पकड़ा गया था."

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First published: January 21, 2020, 5:52 AM IST
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