गिरफ्तारी के विरोध में अलगाववादी समूहों की हड़ताल का कश्मीर में मामूली असर

गिरफ्तारी के विरोध में अलगाववादी समूहों की हड़ताल का कश्मीर में मामूली असर
एसएएस गिलानी (File Photo)

राष्ट्रीय जांच एजेंसी के सात अलगाववादी नेताओं को गिरफ्तार किए जाने के खिलाफ अलगाववादी समूहों की ओर से की गई हड़ताल का कश्मीर में मामूली असर रहा और इस दौरान हालत शांतिपूर्ण बने रहे.

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राष्ट्रीय जांच एजेंसी के सात अलगाववादी नेताओं को गिरफ्तार किए जाने के खिलाफ अलगाववादी समूहों की ओर से की गई हड़ताल का कश्मीर में मामूली असर रहा और इस दौरान हालत शांतिपूर्ण बने रहे.

पुलिस महानिदेशक एस पी वैद ने कहा, 'कुछ अलगावादी संगठन के आहूत हड़ताल को लोगों ने कुल मिलाकर नज़रअंदाज किया. ये बताता है कि लोग शांतिपूर्ण और सामान्य जीवन जीना चाहते हैं.'

सैयद अली शाह गिलानी, मीरवाइज़ उमर फारूक, मोहम्मद यासीन मलिक ने एनआईए के घाटी में विध्वंसकारी गतिविधियों के लिए हवाला की ओर से वित्तपोषण करने के संबंध में सात लोगों की गिरफ्तारी का विरोध करते हुए हड़ताल की घोषणा की थी.



हड़ताल के मद्देनज़र किसी अप्रिय घटना से बचने के लिए प्रशासन को एहतियाती तौर पर पाबंदियां लागू करना पड़ा था.
वैद ने कहा, 'घाटी में शांति और सामान्य स्थिति बहाल करने के हमारे प्रयासों को लोगों का सहयोग हासिल हो रहा है. आज की घटना इसका एक उदाहरण है.' उन्होंने बताया कि हड़ताल के बाद भी घाटी के ज्यादातर हिस्सों में जन जीवन सामान्य रहा.

हालांकि कुछ क्षेत्रों में दुकान और व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रहे.

शहर के कई क्षेत्रों में सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध रहा, यहां तक कि कुछ हिस्सों में ट्रैफिक जाम की भी ख़बर आई.

इसी तरह की ख़बर घाटी के कुछ अन्य जिला मुख्यालयों से भी आई हैं. कुछ मार्गों पर अंतर जिला यातायात भी उपलब्ध था.

सरकारी कार्यालयों और बैंकों में कामकाज सामान्य रहा लेकिन हड़ताल की वजह से निजी शैक्षणिक संस्थान बंद रहे.
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