हवाई यात्रा के लिए जरूरी नहीं बोर्डिंग पास, अब चेहरा करेगा ये काम

सीआईएसएफ और हैदराबाद एयरपोर्ट के अधिकारियों ने इस फेशियल रिकग्निशन सिस्टम की जानकारी गृह मंत्री को दी, जिसके बाद संबधित अधिकारियों को स्थायी तौर पर जल्द ही इस सिस्टम को एयरपोर्ट पर लागू करने का निर्देश दिया गया.

अमित पांडेय | News18Hindi
Updated: July 7, 2019, 4:12 PM IST
हवाई यात्रा के लिए जरूरी नहीं बोर्डिंग पास, अब चेहरा करेगा ये काम
2 जुलाई से हैदराबाद एयरपोर्ट पर देश का पहला फेशियल रिकग्निशन सिस्टम शुरू हुआ है. (फाइल फोटो)
अमित पांडेय
अमित पांडेय | News18Hindi
Updated: July 7, 2019, 4:12 PM IST
हैदराबाद देश का पहला ऐसा एयरपोर्ट बन गया है जहां यात्रियों के लिए चेहरे के जरिए बोर्डिंग पास बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. 2 जुलाई से हैदराबाद एयरपोर्ट पर देश का पहला फेशियल रिकग्निशन सिस्टम यानी चेहरे के जरिए यात्रियों की पहचान करने का सिस्टम शुरू हुआ है और शनिवार को इसका गृह मंत्री अमित शाह ने बारीकी से मुआयना किया. सीआईएसएफ और हैदराबाद एयरपोर्ट के अधिकारियों ने इस सिस्टम की जानकारी गृह मंत्री को दी, जिसके बाद संबधित अधिकारियों को स्थायी तौर पर जल्द ही इस सिस्टम को एयरपोर्ट पर लागू करने का निर्देश दिया गया. फिलहाल 1 जुलाई से 31 जुलाई तक ट्रायल के तौर पर हैदराबाद एयरपोर्ट में देश का पहला फेशियल रिकगनिशन सिस्टम लगाया गया है.

कैसे काम करेगा ये सिस्टम
सबसे अहम बात इस सिस्टम में यही है कि हवाई यात्री इसका पालन करने के लिए बाध्य नहीं होंगे. यानि जो यात्री फेशियल रिकग्निशन में अपनी जानकारी देना चाहता है वही अपनी जानकारी वहां देगा. पहली बार यात्री को एयरपोर्ट जाना पड़ेगा और वहां पर बने फेशियल रिकग्निशन में अपनी जानकारी देनी होगी. इस जानकारी में यात्री की फोटो उसके किसी भी आईडी कार्ड की डिटेल और यात्रा से संबंधित जानकारी होगी. यात्री द्वारा अपनी स्वेच्छा से दी गई इस जानकारी को देश के उन एयरपोर्ट के सर्वर से साझा किया जाएगा जहां पर यह सुविधा उपलब्ध है. अगली बार जब यात्री अपना टिकट बुक कराएगा तो उसको टिकट के लिए अपनी फेशियल रिकग्निशन आईडी का विवरण देना होगा. टिकट लेने के बाद वह एयरपोर्ट के फेशियल रिकग्निशन काउंटर पर जाएगा और बिना किसी कागज के बिना ज्यादा समय गंवाए महज अपना चेहरा दिखाकर ही अपनी फ्लाइट का डिजिटल बोर्डिंग पास बनवा लेगा.

हैदराबाद एयरपोर्ट पर यह सिस्टम शुरू हो चुका है.


इन एयरपोर्ट पर यह सुविधा उपलब्ध होगी

हैदराबाद एयरपोर्ट पर तो यह सिस्टम शुरू हो चुका है. ट्रायल के तौर पर और जल्द ही बंगलुरु एयरपोर्ट पर भी यह शुरू होगा. इसके बाद वाराणसी, पुणे, कोलकाता और विजयवाड़ा एयरपोर्ट पर अगले कुछ महीनों में यह सिस्टम शुरू होगा. इसके बाद देशभर के 61 एयरपोर्ट में जहां पर सीआईएसएफ अपनी सुरक्षा मुहैया करवा रही है वहां भी आने वाले कुछ सालों में इसे लागू करवाया जाएगा. और अंत में भारत के कुल 105 एयरपोर्ट में इसे लगाया जाएगा.

डिजी यात्रा प्रोग्राम है ये
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भारत सरकार के डिजी यात्रा प्रोग्राम के तहत इस सिस्टम को शुरू किया जा रहा है. सरकार को उम्मीद है इस सिस्टम के लागू होने के बाद एयरपोर्ट पर सुरक्षा बढ़ेगी. इसके अलावा यात्रियों का समय बचेगा और पेपर का कम से कम एयरपोर्ट पर इस्तेमाल होगा. जबकि सरकार का यह भी मानना है कि लगातार बढ़ती भीड़ का जो दबाव एयरपोर्ट झेल रहे हैं उसका भी मुकाबला यह सिस्टम बेहतर तरीके से करेगा. भारत के एयरपोर्ट पर लागू होने वाले फेशियल रिकग्निशन सिस्टम में एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया, सीआईएसफ, नागरिक उड्डयन मंत्रालय, गृह मंत्रालय जैसे विभाग प्रमुख हैं जो इसको तैयार करने में लगे हुए हैं.. इस बात का भी खास ध्यान दिया जा रहा है कि हवाई यात्रियों की सुरक्षा तो बेहतर तरीके से हो ही साथ ही उनकी निजता का भी पूरा ख्याल रखा जा.

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First published: July 7, 2019, 3:52 PM IST
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